राजस्थान का सीकर शहर देशभर में अपनी उच्च स्तरीय कोचिंग और बेहतरीन शैक्षणिक माहौल के लिए प्रसिद्ध है। इसी बीच, सीकर के पाथ करियर इंस्टीट्यूट ने आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल की शुरुआत की है। इस विशेष पहल के तहत 'पल्स ओलंपियाड' नाम से एक छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन मेधावी विद्यार्थियों की मदद करना है जो वित्तीय या भौगोलिक कठिनाइयों के कारण बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग की फीस नहीं चुका पाते हैं और अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने से वंचित रह जाते हैं। इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को न केवल 100% तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी, बल्कि उन्हें नकद पुरस्कार, लैपटॉप, विशेष योग्यता प्रमाण पत्र और पूरी तरह से प्रायोजित यूएसए के शैक्षणिक दौरे का लाभ उठाने का ऐतिहासिक अवसर भी प्राप्त होगा।
दो चरणों में आयोजित होगी परीक्षा
पल्स ओलंपियाड का ढांचा इस तरह से तैयार किया गया है कि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाला छात्र इसमें बिना किसी बाधा के भाग ले सके। संस्थान के डीके सर ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस परीक्षा को कुल दो महत्वपूर्ण चरणों में विभाजित किया गया है। परीक्षा का पहला चरण पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगा, जिसकी तारीखें 1, 5 और 15 नवंबर निर्धारित की गई हैं। इस चरण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को परीक्षा देने के लिए सीकर आने की कोई आवश्यकता नहीं होगी, वे अपने घर पर बैठकर ही कंप्यूटर या स्मार्टफोन और इंटरनेट के माध्यम से इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस ऑनलाइन परीक्षा के सफल आयोजन के बाद, प्रदर्शन के आधार पर छात्रों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और उनके परिणामों की घोषणा परीक्षा के लगभग पांच दिन बाद कर दी जाएगी। इसके बाद, प्रथम चरण में चयनित होने वाले सभी योग्य छात्रों को दूसरे चरण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। दूसरा चरण 29 नवंबर को पूरी तरह से ऑफलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा, जो सीकर में स्थित पाथ करियर इंस्टीट्यूट के मुख्य परिसर में संपन्न होगा। इस ओलंपियाड में भाग लेने के लिए इच्छुक विद्यार्थी पाथ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
वर्तमान कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित होंगे प्रश्न
आमतौर पर ओलंपियाड परीक्षाओं को लेकर छात्रों के मन में भारी सिलेबस का डर रहता है, लेकिन इस परीक्षा में ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। आयोजनकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को इस परीक्षा के लिए अपनी वर्तमान कक्षा से बाहर के किसी भी सिलेबस की तैयारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस पल्स ओलंपियाड में कक्षा 5वीं से लेकर 12वीं तक में पढ़ रहे सभी विद्यार्थी हिस्सा लेने के योग्य हैं। परीक्षा में छात्रों से केवल उसी कक्षा के सिलेबस से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे जिसमें वे वर्तमान समय में पढ़ाई कर रहे हैं। परीक्षा के प्रश्न पत्र में मुख्य रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और रीजनिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इस सरल और अनुकूल व्यवस्था के कारण छात्रों पर पढ़ाई का कोई अतिरिक्त मानसिक दबाव नहीं पड़ेगा और वे अपनी रोजमर्रा की स्कूली शिक्षा के आधार पर ही इस प्रतियोगिता में अपनी वास्तविक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
100% स्कॉलरशिप और यूएसए टूर जैसे आकर्षक पुरस्कार
इस टैलेंट सर्च परीक्षा के जरिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए ढेरों आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं। आयोजनकर्ता सत्यव्रत यादव के अनुसार, परीक्षा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हुई असली प्रतिभाओं को तलाश कर उन्हें सही दिशा देना इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय है। उन्होंने बताया कि कई बच्चे केवल आर्थिक तंगी या बड़े शहरों से दूरी होने के कारण अच्छी कोचिंग नहीं ले पाते हैं। ऐसे मेधावी बच्चों के लिए पाथ करियर इंस्टीट्यूट ने उनके प्रदर्शन के आधार पर 100% तक की फीस माफी (स्कॉलरशिप) देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, बेहतर रैंक हासिल करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार, पढ़ाई में सहायता के लिए लैपटॉप और विशेष अचीवमेंट सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। इस पूरी परीक्षा के तहत शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 5 सर्वश्रेष्ठ टॉपर छात्रों को पूरी तरह से मुफ्त में यूएसए का एजुकेशनल टूर कराया जाएगा, जो उनके वैश्विक शैक्षणिक दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में मददगार साबित होगा। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र को उनका व्यक्तिगत परफॉर्मेंस एनालिसिस सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा, जिससे वे अपनी मजबूत और कमजोर कड़ियों को पहचान सकेंगे।
सिर्फ एक परीक्षा नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर आत्म-मूल्यांकन का जरिया
यह पल्स ओलंपियाड केवल आर्थिक लाभ या स्कॉलरशिप हासिल करने का एक जरिया नहीं है, बल्कि यह देश के हजारों छात्रों के बीच खुद को आंकने का एक बेहतरीन माध्यम भी है। इस परीक्षा में भाग लेकर ग्रामीण और छोटे कस्बों के बच्चे यह समझ सकेंगे कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में वे वर्तमान में कहां खड़े हैं। डीके सर ने जोर देकर कहा कि संस्थान का अंतिम लक्ष्य उन सभी जरूरतमंद लेकिन अत्यंत प्रतिभावान बच्चों को डॉक्टर बनने के सपने की ओर मजबूती से आगे बढ़ाना है जो वित्तीय बाधाओं के कारण पीछे छूट जाते हैं। उनका मानना है कि किसी भी प्रतिभावान बच्चे की आर्थिक पृष्ठभूमि उसके करियर और जीवन के ऊंचे लक्ष्यों को हासिल करने के रास्ते में कभी भी रोड़ा नहीं बननी चाहिए। इसी प्रगतिशील सोच के साथ पल्स ओलंपियाड को ग्रामीण युवाओं के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय मंच के रूप में स्थापित किया गया है।



















