सचिन तेंदुलकर की बहू और क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर की पत्नी सानिया चंडोक ने अपनी जिंदगी में एक बेहद खास और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। व्यावसायिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद सानिया चंडोक ने बेजुबान जानवरों के प्रति अपने गहरे लगाव को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है। वह WVS यानी वर्ल्डवाइड वेटरनरी सर्विस के ABC प्रोग्राम के तहत एक सर्टिफाइड वेटरनरी टेक्नीशियन बन गई हैं। सानिया चंडोक मुंबई शहर में 'मिस्टर पॉज पेट स्पा एंड स्टोर' नाम से पेट केयर सेंटर चलाती हैं। उन्होंने केवल अपने व्यवसाय तक सीमित रहने के बजाय मेडिकल ट्रेनिंग हासिल करने का फैसला किया और पशु स्वास्थ्य देखभाल में औपचारिक योग्यता प्राप्त की। सानिया चंडोक की इस सफलता ने देश में वेटरनरी और पेट केयर सेक्टर को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। यदि आप भी बेजुबान पशुओं की सेवा करना चाहते हैं और इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो 12वीं कक्षा के बाद वेटरनरी डॉक्टर या टेक्नीशियन बनने का पूरा रास्ता बेहद आसान और स्पष्ट है।
वेटरनरी डॉक्टर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया
पशुओं का डॉक्टर बनने के लिए अभ्यर्थियों को मेडिकल साइंस की वेटरनरी स्ट्रीम की पढ़ाई पूरी करनी होती है। इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए स्कूल स्तर पर बायोलॉजी विषय से पढ़ाई करना अनिवार्य है। यदि आपने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी यानी PCB विषयों के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, तो आप वेटरनरी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पूरी तरह योग्य माने जाते हैं। वेटरनरी कॉलेजों में दाखिले के लिए मुख्य रूप से NEET UG परीक्षा के स्कोर को आधार बनाया जाता है। इसके अतिरिक्त, कई राज्य अपनी स्वयं की अलग प्रवेश परीक्षाएं भी आयोजित करते हैं। अध्ययन पूरा होने के बाद अभ्यर्थी को वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया यानी VCI या अपने संबंधित राज्य के वेटरनरी काउंसिल में पंजीकरण कराना होता है। इस पंजीकरण प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही किसी अभ्यर्थी को आधिकारिक तौर पर वेटरनरी डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस प्राप्त होता है।
कोर्स के विकल्प: बैचलर डिग्री बनाम डिप्लोमा कोर्स
वेटरनरी क्षेत्र में पढ़ाई और ट्रेनिंग के दो प्रमुख रास्ते उपलब्ध हैं, जिन्हें अभ्यर्थी अपनी रुचि और करियर के लक्ष्यों के अनुसार चुन सकते हैं। पहला मुख्य विकल्प BVSc & AH यानी बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री की डिग्री है। पशुओं का पूर्ण पंजीकृत डॉक्टर बनने के लिए यह प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण स्नातक डिग्री मानी जाती है। इस कोर्स की कुल अवधि 5.5 साल की होती है। इसमें 4.5 साल तक थ्योरी और प्रैक्टिकल की विस्तृत पढ़ाई शामिल होती है, जबकि अंतिम 1 साल की अवधि अनिवार्य इंटर्नशिप के लिए तय की गई है। दूसरा विकल्प डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का है। यदि आप डॉक्टर बनने के बजाय टेक्नीशियन या असिस्टेंट के रूप में काम करना चाहते हैं, जैसा कि सानिया चंडोक ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, तो आप 12वीं के बाद बिना NEET परीक्षा दिए भी प्रवेश ले सकते हैं। अभ्यर्थी 12वीं के अंकों की मेरिट के आधार पर डिप्लोमा इन एनिमल हसबैंड्री या वेटरनरी नर्सिंग कोर्स चुन सकते हैं, जिनकी अवधि 2 साल होती है।
वेटरनरी डॉक्टर और टेक्नीशियन की मुख्य जिम्मेदारियां
वेटरनरी डॉक्टर और वेटरनरी टेक्नीशियन का मुख्य काम बीमार, चोटिल अथवा असहाय जानवरों की देखभाल और उनका सही इलाज करना होता है। इस पेशेवर क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। वे पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों का सटीक डायग्नोसिस यानी जांच करते हैं और उनके लिए उपचार योजना तैयार करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर जानवरों की सर्जरी करना, समय पर टीकाकरण यानी वैक्सिनेशन लगाना और घावों की ड्रेसिंग करना भी इनके नियमित कार्यों में शामिल है। इसके अलावा, वे पेट पेरेंट्स को जानवरों के खान-पान, उचित पोषण और दैनिक देखभाल के संबंध में विशेषज्ञ सलाह प्रदान करते हैं। कमर्शियल स्तर पर, ये पेशेवर डेयरी फार्म और पोल्ट्री फार्म में पशुओं के स्वास्थ्य, उनकी स्थिति और उत्पादन पर लगातार नजर रखते हैं ताकि बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके।
वेटरनरी फील्ड में सैलरी और कमाई के अवसर
वेटरनरी केयर के क्षेत्र में करियर और वित्तीय कमाई दोनों ही दृष्टिकोण से शानदार अवसर मौजूद हैं। इस फील्ड में प्रवेश करने वाले फ्रेशर वेटरनरी डॉक्टर की शुरुआती सैलरी 35,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये प्रति माह के बीच होती है। जैसे-जैसे कार्य अनुभव बढ़ता है, कमाई में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। सरकारी पशु अस्पतालों, मिलिट्री डॉग स्क्वॉड अथवा प्राइवेट क्लिनिकों में 3 से 5 साल का अनुभव हासिल करने के बाद सैलरी 80,000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये प्रति माह या उससे भी अधिक हो सकती है। जो लोग सानिया चंडोक की तरह अपना खुद का पेट केयर सेंटर, पेट ग्रूमिंग बिजनेस या प्राइवेट क्लिनिक शुरू करते हैं, उनके लिए कमाई की कोई तय सीमा नहीं होती है और वे अपने व्यावसायिक कौशल के बल पर असीमित आय अर्जित कर सकते हैं।



















