सीकर के डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने 51वीं बार पास की NET परीक्षा, बेटी प्रियांशी ने भी केमिस्ट्री में हासिल किए 100 फीसदी अंकजंतर-मंतर मामलों में कोर्ट के अलग फैसले, स्वतंत्र भारद्वाज को मिली अंतरिम राहत तो अजीत भारती की मुश्किलें बरकरारसियाराम और खादी से लेकर TR फैब्रिक तक, पुरुषों के लिए शादी और रोजाना पहनने के कपड़ों की शानदार गाइडतेलंगाना सरकार कराएगी केसीआर के एर्रावेल्ली फार्महाउस की जांच, सरकारी जमीन पाए जाने पर गरीबों को बांटने का एलानजोधपुर की पूजा राठौड़ ने रचा इतिहास, व्हीलचेयर हैंडबॉल विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली महिला रेफरी बनींराजस्थान में पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी टलने से गरमाई सियासत, कांग्रेस ने भजनलाल सरकार को घेरातुला राशि में शुक्र गोचर: अगले 50 दिनों तक इन राशियों पर होगी धन की बौछारअंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी नौसेना का जहाज पीएनएस हुनैन, विदेश मंत्रालय ने पाक राजनयिक को तलब कियागोलकोंडा किले के शिखर पर 1000 साल पुराना मंदिर, जानिए 360 सीढ़ियों के ऊपर बिराजी मां जगदंबिका महाकाली की गाथासमुद्री टकराव के बाद भारत का कड़ा रुख, पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया विरोध
समुद्री टकराव के बाद भारत का कड़ा रुख, पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया विरोधभारत
16 सित॰ 2026, 6:22 pm (25 मिनट पहले)· 0

समुद्री टकराव के बाद भारत का कड़ा रुख, पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया विरोध

अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के भारतीय यूनिट से टकराने के बाद भारत ने पाकिस्तानी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब कर 1991 के सैन्य समझौते के उल्लंघन पर कड़ा विरोध जताया है।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज और भारतीय नौसेना की यूनिट के बीच हुई टक्कर की घटना के बाद भारत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। इस गंभीर मामले को लेकर भारत ने पाकिस्तान के समक्ष अपनी तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया और समुद्र में पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों के इस गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य व्यवहार पर कड़ा ऐतराज जताया।

द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन का आरोप

हालांकि इस टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन भारतीय पक्ष ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज का यह आचरण अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन है। 1991 का यह द्विपक्षीय समझौता सैन्य अभ्यासों, युद्धाभ्यासों और सैन्य गतिविधियों की पहले से सूचना देने से संबंधित है। अतीत में भी समुद्री क्षेत्र में होने वाली सुरक्षा संबंधी घटनाओं के दौरान दोनों देश इस समझौते के अनुच्छेद 10 का हवाला देते रहे हैं।

ये भी पढ़ें

सतर्कता बरतने और दोबारा ऐसी घटना न होने देने की हिदायत

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी'अफेयर्स से कहा है कि वह इस संबंध में भारत के कड़े संदेश को इस्लामाबाद में अपने उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत की ओर से जोर देकर कहा गया है कि समुद्र में मौजूद सभी सैन्य इकाइयों को संचालन के दौरान पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर हुए प्रासंगिक समझौतों का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक स्थितियों से बचा जा सके।

इस्लामाबाद में भी दर्ज कराया गया विरोध

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत ने केवल नई दिल्ली में ही नहीं, बल्कि सीमा पार भी इस मुद्दे को उठाया है। इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी'अफेयर्स को भी निर्देश दिया गया है कि वे पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने इस घटना को लेकर ठीक इसी तरह का औपचारिक विरोध दर्ज कराएं। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक मर्यादा बनाए रखने के लिए इस तरह के कदमों को बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में क्या घटना हुई थी?
अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज और भारतीय नौसेना की यूनिट के बीच टक्कर की घटना हुई, जिसे भारत ने बेहद गैर-पेशेवर आचरण माना है।
क्या इस समुद्री टक्कर में कोई बड़ा नुकसान हुआ है?
नहीं, इस समुद्री घटना के दौरान किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
भारत ने इस घटना के बाद क्या कूटनीतिक कदम उठाया?
भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और इस्लामाबाद में अपने राजनयिक को भी पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के समक्ष विरोध जताने का निर्देश दिया।
भारत के अनुसार पाकिस्तान ने किस द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है?
भारत के अनुसार, पाकिस्तानी जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य गतिविधियों की पूर्व सूचना से संबंधित समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR