छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकंडा स्थित बाल संप्रेषण गृह में सुरक्षा गार्ड नरेंद्र कुमार खांडे की बेरहमी से हत्या करने वाले चार बाल कैदी फरार हो गए हैं. आरोप है कि गार्ड को रास्ते से हटाने के लिए पहले उनके हाथ-पैर पीछे की तरफ रस्सी से कसकर बांधे गए, फिर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया ताकि वह चिल्ला न सकें. इसके बाद चारों अपचारी किशोर मौके से फरार हो गए. अब जांच में इस पूरी वारदात से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला सुराग हाथ लगा है.
हफ्तेभर पहले से चल रही थी फरारी की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि चारों बाल कैदी गंभीर अपराधों के मामलों में सरकंडा बाल संप्रेषण गृह में बंद थे. भागने के लिए उन्होंने सबसे पहले सुरक्षा गार्ड को अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाई. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फरारी की यह साजिश कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं थी, बल्कि करीब एक हफ्ते से इस पर काम चल रहा था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने दिनों तक चली इस साजिश की भनक संस्थान के प्रबंधन को बिल्कुल नहीं लगी. इससे साफ है कि संस्थान की निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां रही होंगी, जिनकी वजह से चार अपचारी किशोर बिना किसी रोक-टोक के अपनी योजना को अंजाम तक पहुंचा पाए.
दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे मृतक के परिजन
ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सुरक्षा गार्ड नरेंद्र खांडे के परिजन घटना के दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे. परिजनों ने प्रशासन के सामने दो मुख्य मांगें रखी हैं, पहली एक करोड़ रुपए का मुआवजा और दूसरी परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. मृतक के बहनोई ने कहा कि परिवार को न्याय चाहिए और चारों आरोपियों की फोटो चौराहों पर लगाई जानी चाहिए, ताकि लोग उन्हें पहचान सकें और पुलिस को पकड़ने में मदद मिल सके. परिजनों का गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि जिस जगह बंदियों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी थी, वहीं इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई.
पुलिस बोली, चारों आरोपी बालिग, सीसीटीवी में एक ही बाइक पर फरार होते दिखे
बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि चारों आरोपी बालिग हैं और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है. पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में चारों अपचारी एक ही बाइक पर सवार होकर भागते हुए नजर आए हैं. जांच के दौरान पुलिस को यह सुराग मिला है कि आरोपी रायगढ़ की तरफ गए हैं. इसी सुराग के आधार पर अब रायगढ़ और कोरबा जिलों में पुलिस की कई टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. पुलिस की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. साथ ही घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह भी पता चल सके कि साजिश में और कोई शामिल तो नहीं था.
सुरक्षा में चूक पर उठ रहे बड़े सवाल
बाल संप्रेषण गृह की मूल जिम्मेदारी अपचारी किशोरों की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है, लेकिन इसी जगह पर एक सुरक्षा गार्ड की हत्या और चार अपचारियों का फरार हो जाना पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर गया है. सवाल यह है कि आखिर कई दिनों तक चली फरारी की साजिश के दौरान किसी को इसकी भनक क्यों नहीं लगी. सुरक्षा व्यवस्था में ठीक कहां और किस स्तर पर चूक हुई, और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, यह भी अब तक साफ नहीं हो पाया है. फिलहाल इन तमाम सवालों के जवाब आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से ही सामने आ पाएंगे.











