दीपावली के पावन पर्व को लेकर छत्तीसगढ़ के आतिशबाजी बाजारों में इस बार एक नया उत्साह नजर आ रहा है। पारंपरिक फुलझड़ियों और पटाखों से आगे बढ़कर बाजार में ऐसे आकर्षक उत्पाद उतारे गए हैं जो लोगों के उत्सव को दोगुना करने का काम कर रहे हैं। बालोद स्थित रत्न फायर वर्क पर इस दीवाली कई नए प्रयोग वाले पटाखे पहुंचे हैं, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए आसपास के ग्रामीण और सुदूर बस्तर संभाग से भी खरीदार पहुंच रहे हैं। इन नए उत्पादों में लोटस चकरी, अनार प्लस स्काई शॉट तथा नौ चकरियों वाली खास वैरायटी प्रमुख रूप से चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
कमल के फूल जैसा दिखेगा नजारा और आसमान में बरसेगा रंग
रत्न फायर वर्क की संचालक आरती साहू ने नए उत्पादों की विशेषताओं को साझा करते हुए बताया कि इस साल बेहद अनूठी आतिशबाजी लाई गई है। इनमें लोटस चकरी सबसे अलग पहचान बना रही है। जब इस पटाखे को जलाया जाता है, तो पहले जमीन पर सामान्य चकरी की तरह तेजी से घूमना शुरू करती है और उसके तुरंत बाद ऊपर कमल के सुंदर फूल का आकार उभर कर आता है। इसका सीधा मतलब यह है कि एक ही पटाखे के भीतर खरीदारों को जमीन पर चकरी की गति और ऊपर खिलते कमल की मनमोहक रोशनी दोनों का आनंद मिलता है।
इसी तरह दोहरी आतिशबाजी का अनुभव देने वाला अनार प्लस स्काई शॉट भी बाजार में आकर्षण का केंद्र है। इसकी खासियत यह है कि शुरुआत में यह पारंपरिक अनार की तरह रोशन होकर जगमगाता है और फिर अचानक रॉकेट की तरह आसमान में जाकर रंग-बिरंगे फूलों की छटा बिखेर देता है। इसके अलावा दुकान पर एक और विशेष चकरी पेश की गई है, जो प्रज्वलित होते ही पहले अनार जैसी रोशनी फैलाती है और फिर उसके चारों ओर से 9 छोटी-छोटी चकरियां निकलकर घूमने लगती हैं। इन अनोखे अंदाज वाले उत्पादों को लेकर बच्चों और बड़ों दोनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
थोक दरों पर खुदरा बिक्री और 22 साल का कारोबारी सफर
दुकान की कारोबारी साख के बारे में चर्चा करते हुए आरती साहू ने बताया कि रत्न फायर वर्क हमेशा से वाजिब दामों में उम्दा पटाखे उपलब्ध कराने के लिए जाना जाता है। इस प्रतिष्ठान पर आम ग्राहकों को भी थोक मूल्य पर खुदरा पटाखे खरीदने की सुविधा दी जाती है। इसी कारण पर्व से कई दिन पहले ही दुकानों पर खरीदारों का तांता लगना शुरू हो गया है। बालोद जिले के लगभग 50 से 60 ग्रामीण इलाकों के खरीदार तो यहां पहुंचते ही हैं, साथ ही कांकेर, नारायणपुर और बस्तर जिले से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आ रहे हैं।
अपने कारोबारी सफर का जिक्र करते हुए आरती ने बताया कि उन्होंने साल 2002 में खुले मैदान में एक अस्थायी स्टॉल के साथ आतिशबाजी का यह काम शुरू किया था। पिछले 6 वर्षों से वे स्थायी दुकान स्थापित कर बड़े स्तर पर इस व्यापार का संचालन कर रही हैं। लगभग 22 वर्षों के इस लंबे सफर में ग्राहकों का अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बना है, और यही वजह है कि नई वैरायटी के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बना हुआ है।


















