मर चुके तारे के चारों ओर मिले दो गैसीय छल्ले, सौरमंडल के अंत की ओर किया बड़ा इशाराकोटा में 208 करोड़ से बनेगा आधुनिक न्यायालय परिसर, 54 कोर्ट रूम और 247 चैंबर होंगे तैयारबिलासपुर के बाज़ार में माचिस की तीली से चलने वाली प्लास्टिक गन बनी आकर्षण का केंद्र, महज़ 100 रुपये में बिक्रीबीकानेर में 8.50 करोड़ रुपये से आधुनिक ई-बस डिपो तैयार, 75 गाड़ियों की क्षमता और 18 चार्जिंग पॉइंट स्थापितरामायण के आगमन से पहले समझिए रणबीर कपूर का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड, पिछली पांच में से केवल एक फिल्म हुई नाकामचंडीगढ़ रैली में अमित शाह का कांग्रेस पर सीधा प्रहार, रामलीला मैदान के आयोजन की तारीख को बताया सिखों का अपमानबेंगलुरु में आकार लेने लगी देश की पहली बुलेट ट्रेन, बीईएमएल की फैक्ट्री में कार बॉडी का स्ट्रक्चरल टेस्ट शुरूगोरखपुर में सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, चौरी चौरा में 84 योजनाओं की सौगात देकर किसानों के लिए नए राहत पैकेज की घोषणा कीविवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए दिवाली पर अपनाएं ज्योतिषीय उपायदीवाली पर घर पर बनाएं राजस्थान की पारंपरिक बेसन चक्की, जानें मावा और एक तार की चाशनी से मोहनथाल तैयार करने का सही तरीका
छत्तीसगढ़ में खनिज फंड बंदरबांट मामले पर शिकंजा, करोड़ों की संपत्ति कुर्क और 17 लोगों पर चार्जशीटछत्तीसगढ़
1 नव॰ 2026, 4:29 pm (1 घंटे पहले)· 0

छत्तीसगढ़ में खनिज फंड बंदरबांट मामले पर शिकंजा, करोड़ों की संपत्ति कुर्क और 17 लोगों पर चार्जशीट

छत्तीसगढ़ में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन फंड से जुड़े कथित कमीशनखोरी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 31.70 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करते हुए 17 लोगों के खिलाफ विशेष अदालत में पूरक शिकायत दाखिल की है।

छत्तीसगढ़ में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन यानी डीएमएफ फंड में हुए कथित वित्तीय हेरफेर के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए 31.70 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर जब्त कर लिया है। इसके साथ ही रायपुर की विशेष अदालत में 17 लोगों के खिलाफ एक पूरक अभियोजन शिकायत भी दायर की गई है। पूरा प्रकरण पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान खनिज विकास निधि के कथित दुरुपयोग, विकास योजनाओं की लागत में फर्जीवाड़े और भारी कमीशन वसूली के आरोपों के इर्द-गिर्द घूमता है।

जब्ती का आदेश और अदालत में दाखिल शिकायत

प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत 29 अक्टूबर को संपत्ति जब्ती का आधिकारिक आदेश जारी किया था। इसके अगले ही दिन यानी 30 अक्टूबर को रायपुर स्थित विशेष अदालत में 17 आरोपियों को नामजद करते हुए विस्तृत पूरक शिकायत पेश की गई। जिन लोगों के नाम इस कानूनी कार्रवाई में शामिल किए गए हैं, उनमें सतपाल सिंह छाबड़ा और मंदीप चावला के नाम प्रमुख तौर पर दर्ज हैं।

ये भी पढ़ें

सरकारी खरीद और भारी भरकम कमीशन का खेल

जांच एजेंसी की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि सरकारी मुलाजिमों, बिचौलियों और निजी एजेंटों ने मिलकर एक संगठित सिंडिकेट तैयार किया था। यह गिरोह डीएमएफ फंड के पैसे के आवंटन और उपयोग में सुनियोजित तरीके से गड़बड़ियां कर रहा था। जांच के विवरण के मुताबिक, सरकारी निर्माण और विकास कार्यों की अनुमानित लागत को जानबूझकर बहुत ज्यादा बढ़ाकर दिखाया जाता था। इसके बाद अपनी पसंद की चुनिंदा कंपनियों को ठेके और खरीद के आदेश दिलवाए जाते थे।

एजेंसी का आरोप है कि जिन कंपनियों के साथ रेट कॉन्ट्रैक्ट तय किए गए थे, उन्हें जारी होने वाले कुल खरीद आदेशों के मूल्य का 25 से लेकर 50 प्रतिशत तक का हिस्सा सीधे कमीशन के तौर पर वसूला जाता था। यह अवैध धनराशि नकद और बैंकिंग चैनलों दोनों के जरिए जुटाई जाती थी। बाद में इस अवैध कमाई के मूल स्रोत को छिपाने और उसे वैध दिखाने के लिए रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों और मुखौटा संस्थाओं में ट्रांसफर करके घुमाया गया।

सिंडिकेट का नेटवर्क, गिरफ्तारियां और जब्ती का आंकड़ा

जांच एजेंसी ने सतपाल सिंह छाबड़ा को इस पूरे सिंडिकेट का अहम वित्तीय समन्वयक और मुख्य संपर्ककर्ता करार दिया है। सतपाल सिंह छाबड़ा को 1 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। इस मामले की पड़ताल के दौरान अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी रानू साहू भी शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के वित्तीय आकलन के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के जरिए अपराध से अर्जित कुल रकम लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं जांच के दौरान अब तक विभिन्न चरणों में कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। एजेंसी की पड़ताल केवल डीएमएफ फंड तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य के बीज निगम के माध्यम से की गई खरीद प्रक्रियाओं में भी इसी तरह की कमीशनखोरी के साक्ष्य मिले हैं।

सवाल-जवाब

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कितनी संपत्ति जब्त की है?
प्रवर्तन निदेशालय ने ताजा कार्रवाई में 31.70 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जबकि इस मामले में अब तक कुल जब्ती लगभग 50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
अदालत में कितने आरोपियों के खिलाफ पूरक शिकायत दायर की गई है?
रायपुर की विशेष अदालत में 17 लोगों के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज कराई गई है, जिनमें सतपाल सिंह छाबड़ा और मंदीप चावला शामिल हैं।
सरकारी खरीद में कितने प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप है?
जांच एजेंसी के अनुसार, रेट कॉन्ट्रैक्ट वाली कंपनियों को जारी खरीद आदेशों पर 25 से 50 प्रतिशत तक का कमीशन वसूला जाता था।
इस मामले में अब तक कौन-कौन से प्रमुख लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी रानू साहू और 1 सितंबर को पकड़े गए वित्तीय समन्वयक सतपाल सिंह छाबड़ा शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने कुल अपराध से अर्जित रकम कितनी आंकी है?
प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे सिंडिकेट के जरिए अपराध से अर्जित कुल रकम करीब 35 करोड़ रुपये आंकी है।
क्या यह जांच केवल डीएमएफ फंड तक ही सीमित है?
नहीं, जांच में डीएमएफ फंड के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य के बीज निगम के जरिए की गई खरीद में भी कथित कमीशनखोरी के सबूत मिले हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

रानू साहू के यहां जब पहली बार छापा पड़ा था, तब रायपुर में ही था मैं। किसी ने सोचा नहीं था कि डीएमएफ के पैसों में भी ऐसे हाथ मारा जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·39 मिनट पहले

अरे करण भाई, आपने सही कहा! रानू साहू का नाम सामने आते ही सब चौंक गए थे, डीएमएफ फंड तक नहीं छोड़ा इन्होंने।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp