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सतना की अंजलि चतुर्वेदी ने बताया बघेलखंडी स्टाइल में लौकी का चटपटा अचार बनाने का अनोखा तरीका, बच्चे भी चाटते रह जाएंगे उंगलियांखानपान
12 सित॰ 2026, 11:21 am (50 मिनट पहले)· 1

सतना की अंजलि चतुर्वेदी ने बताया बघेलखंडी स्टाइल में लौकी का चटपटा अचार बनाने का अनोखा तरीका, बच्चे भी चाटते रह जाएंगे उंगलियां

सतना की अंजलि चतुर्वेदी ने एक अनोखा तरीका साझा किया है जिससे बच्चे भी लौकी को बेहद चाव से खाएंगे। जानिए पारंपरिक बघेलखंडी स्टाइल में लौकी का चटपटा और तीखा अचार बनाने की पूरी रेसिपी।

घर में जब भी लौकी की सब्जी बनती है, तो अक्सर बच्चे अपनी थाली देखकर मुंह बनाने लगते हैं। इस हरी सब्जी को खिलाने के लिए माता-पिता को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन बघेलखंड क्षेत्र की एक पारंपरिक रसोई तकनीक इस साधारण सी सब्जी को एक बेहद लजीज व्यंजन में बदल सकती है। लौकी का यह अनोखा और चटपटा अचार बच्चों के साथ-साथ परिवार के बड़े-बुजुर्गों को भी बेहद पसंद आता है। मसालों के बेहतरीन तालमेल के साथ मिलकर लौकी का फीका स्वाद पूरी तरह से बदल जाता है। इस चटपटे अचार को आप गरमागरम परांठों या सादे दाल-चावल के साथ आसानी से परोस सकते हैं, जिससे साधारण भोजन का स्वाद भी दोगुना हो जाता है।

सतना की स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने बताया कि रसोई में थोड़ी सी पहले से तैयारी करके कच्ची लौकी का यह तीखा और मसालेदार अचार घर पर ही बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक बेहतरीन स्वाद वाला अचार बनाने के लिए सही लौकी का चुनाव करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। अचार तैयार करने के लिए हमेशा ऐसी लौकी का चयन करना चाहिए जो बिल्कुल ताजी, हरी और बनावट में नरम हो। अचार बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे पहले लौकी को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उसकी धूल-मिट्टी साफ हो जाए। इसके बाद एक छिलनी की मदद से उसका ऊपरी छिलका पूरी तरह से उतार लें। छिलका उतारने के बाद लौकी को अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार छोटे-छोटे वर्गाकार टुकड़ों में काट लें। लौकी के छोटे टुकड़े करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मसाले हर एक टुकड़े के अंदर तक अच्छी तरह से समा जाते हैं, जिससे इसका स्वाद निखर कर आता है और इसे खाने में भी काफी सुविधा होती है। टुकड़े करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वे बहुत अधिक बड़े न हों, ताकि आगे की तैयारियों में उन्हें पकाने में कोई कठिनाई न हो।

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उबालने और सुखाने का सही तरीका है बेहद जरूरी

लौकी के टुकड़ों को काटने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण उन्हें हल्का उबालना है। इसके लिए एक बर्तन में पानी उबलने के लिए रखें और पानी में उबाल आते ही उसमें लौकी के टुकड़ों को डाल दें। इन टुकड़ों को लगभग 4 से 5 मिनट तक पानी में हल्का उबलने दें। इस प्रक्रिया के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि लौकी को बहुत ज्यादा गलने न दें। टुकड़ों का ठोस आकार और उनकी बनावट वैसी ही बनी रहनी चाहिए। जब लौकी हल्की उबल जाए, तो उसे तुरंत गर्म पानी से बाहर निकाल लें और एक छलनी की मदद से पूरा पानी छान लें। अब इन उबले हुए टुकड़ों को एक साफ सूती कपड़े पर अच्छी तरह फैला दें या फिर थोड़ी देर के लिए सीधे धूप में रख दें। इन्हें लगभग 10 मिनट तक इसी तरह छोड़ देना चाहिए ताकि लौकी के टुकड़ों के ऊपर मौजूद अतिरिक्त नमी पूरी तरह से सूख जाए। अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसकी सतह की नमी का निकलना अत्यंत आवश्यक होता है।

सरसों के तेल और मसालों का बेहतरीन तालमेल

अब बारी आती है अचार के लिए मुख्य मसालेदार आधार तैयार करने की। इसके लिए एक साफ कड़ाही लें और उसमें थोड़ा सा शुद्ध सरसों का तेल डालकर गर्म करें। ध्यान रखें कि तेल को बहुत ज्यादा तेज गर्म या धुआं निकलने तक गर्म करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आंच को बिल्कुल धीमा रखना है। जब तेल हल्का गर्म हो जाए, तो गैस की आंच धीमी रखते हुए कड़ाही में पहले से तैयार पिसे हुए मसाले डालें। इन मसालों में आपको हल्दी पाउडर, तीखा लाल मिर्च पाउडर, थोड़ी सी हींग, सुंदर रंग के लिए कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और अपने स्वाद के अनुसार नमक मिलाना है। इन सभी सूखे मसालों को तेल में डालने के बाद एक चम्मच या कड़छी की मदद से लगातार चलाते रहें। ऐसा करने से मसालों का तीखा और सौंधा स्वाद तेल में अच्छी तरह से मिल जाएगा और धीमी आंच होने के कारण मसाले जलने से भी बच जाएंगे।

जब मसालों का यह मिश्रण अच्छी तरह से पककर सुगंध देने लें, तो इसमें पहले से उबालकर और सुखाकर रखे गए लौकी के टुकड़ों को डाल दें। अब कड़ाही में मौजूद सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह से मिलाएं ताकि तैयार मसाले की एक समान परत हर एक टुकड़े पर चढ़ जाए। मसाला मिलाने के बाद लौकी को लगभग 2 से 3 मिनट तक और पकाना होगा। इस दौरान गैस की आंच को बिल्कुल धीमा रखें और कड़छी को लगातार चलाते रहें। यदि आप इसे बहुत अधिक देर तक आंच पर छोड़ देंगे, तो लौकी बहुत ज्यादा नरम और पिघली हुई हो जाएगी, जिससे अचार का पारंपरिक क्रंच खत्म हो सकता है। इसलिए कम समय में ही इस प्रक्रिया को पूरा करना समझदारी है।

जार में स्टोर करने और सुखाने की अंतिम प्रक्रिया

लौकी और मसालों को अच्छी तरह से पकाने के बाद कड़ाही को गैस से नीचे उतार लें। अब इस तैयार अचार को लगभग 10 से 15 मिनट के लिए खुला छोड़ दें ताकि यह पूरी तरह से ठंडा हो जाए। जब तक अचार ठंडा हो रहा है, तब तक कांच का एक साफ और हवा बंद जार तैयार कर लें। यह बेहद जरूरी है कि कांच के जार में बिल्कुल भी नमी न हो और वह पूरी तरह से सूखा हुआ हो। अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए साफ-सफाई और सूखेपन का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। जब अचार पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे सावधानीपूर्वक जार में भर लें। जार का ढक्कन बंद करने के बाद इसे कम से कम एक से दो दिन के लिए सीधी धूप में रखें। धूप में रखने से मसालों का गहरा और चटपटा स्वाद लौकी के टुकड़ों के अंदर तक अच्छी तरह से समा जाएगा।

थाली का स्वाद बढ़ाएगा यह बुंदेलखंडी पारंपरिक व्यंजन

धूप में एक से दो दिन बिताने के बाद आपका स्वादिष्ट और चटपटा लौकी का अचार खाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे आप सुबह के नाश्ते में तवे पर सिंकते हुए गरमागरम परांठों के साथ परोस सकते हैं। इसके अलावा दोपहर या रात के भोजन में साधारण दाल-चावल के साथ भी इसका स्वाद बेहद शानदार लगता है। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिस लौकी को देखकर बच्चे अक्सर नाक-भौं सिकोड़ते हैं, उसे एक अनोखे और बेहद स्वादिष्ट रूप में उनके सामने पेश किया जा सकता है। घर में आसानी से उपलब्ध होने वाले सामान्य मसालों से बनने वाली यह अनूठी रेसिपी आपकी रोजमर्रा की थाली में बुंदेलखंडी पारंपरिक स्वाद का एक नया तड़का लगा देती है।

सवाल-जवाब

लौकी का अचार बनाने के लिए किस तरह की लौकी का चयन करना चाहिए?
अचार बनाने के लिए हमेशा ताजी, हरी और नरम लौकी का चयन करना चाहिए।
लौकी के टुकड़ों को उबलते पानी में कितनी देर तक पकाना चाहिए?
लौकी के टुकड़ों को उबलते पानी में केवल 4 से 5 मिनट तक ही हल्का उबालना चाहिए ताकि वे ज्यादा न गलें।
उबलने के बाद लौकी के टुकड़ों को सुखाना क्यों जरूरी है?
लौकी के टुकड़ों को करीब 10 मिनट धूप या सूती कपड़े पर सुखाने से उनकी सतह की नमी निकल जाती है, जिससे अचार खराब नहीं होता।
कड़ाही में मसालों के साथ लौकी को कितनी देर पकाया जाता है?
कड़ाही में मसालों के साथ लौकी को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए केवल 2 से 3 मिनट तक पकाया जाता है।
अचार को जार में भरने के बाद क्या करना चाहिए?
अचार को पूरी तरह सूखे और साफ कांच के जार में भरकर एक से दो दिन के लिए धूप में रखना चाहिए ताकि मसालों का स्वाद अच्छी तरह रच जाए।
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