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पीएम सूर्य घर योजना से अम्बिकापुर के आलम साय का बिजली बिल हुआ शून्य, ग्रिड को भेजी 850 यूनिट अतिरिक्त बिजलीछत्तीसगढ़
9 सित॰ 2026, 7:10 am (1 घंटे पहले)· 2

पीएम सूर्य घर योजना से अम्बिकापुर के आलम साय का बिजली बिल हुआ शून्य, ग्रिड को भेजी 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली

छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाकर आलम साय का बिजली बिल शून्य हो गया है। साढ़े तीन महीने में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को देकर वे उपभोक्ता से बिजली प्रदाता बन गए हैं।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में स्थित अम्बिकापुर विकासखंड के आमदरहा गांव के निवासी आलम साय रजवाड़े ने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर ऊर्जा क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर उन्होंने न केवल अपने परिवार को हर महीने आने वाले भारी बिजली बिल से मुक्ति दिलाई है, बल्कि वे स्वयं बिजली उत्पादक बनकर विद्युत विभाग को अतिरिक्त पावर सप्लाई भी कर रहे हैं।

1,500 से 2,000 रुपये का बिल घटकर हुआ शून्य

सोलर पावर प्लांट लगाने से पहले आलम साय के घर का हर महीने का बिजली का बिल औसतन 1500 रुपये से लेकर 2000 रुपये के बीच आता था। इस नियमित वित्तीय बोझ से उनका पारिवारिक बजट प्रभावित होता था। हालांकि, घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद पिछले साढ़े तीन महीनों के दौरान उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य पर आ गया है। इस बदलाव ने उनके घरेलू खर्चों में बड़ी राहत प्रदान की है, जिससे उनका परिवार काफी खुश है।

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साढ़े तीन महीने में ग्रिड को भेजी 850 यूनिट बिजली

रूफटॉप सोलर पैनल से बनने वाली बिजली से आलम साय पहले अपने घर की तमाम ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हैं। इसके बाद जो सौर ऊर्जा बच जाती है, उसे नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सरकारी पावर ग्रिड में भेज दिया जाता है। आलम साय के अनुसार, पिछले साढ़े तीन महीने के भीतर उन्होंने लगभग 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड के जरिए बिजली विभाग को उपलब्ध कराई है। इस तरह एक आम बिजली उपभोक्ता अब खुद बिजली प्रदाता की भूमिका निभा रहा है।

केंद्र और राज्य सरकार से मिली 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी

आलम साय के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना आर्थिक रूप से काफी सुलभ रहा, क्योंकि उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी वित्तीय मदद मिली। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इसमें केंद्र सरकार की तरफ से 78,000 रुपये की सब्सिडी और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से 30,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि शामिल है। इतनी बड़ी सब्सिडी मिलने के कारण संयंत्र स्थापना का प्रत्यक्ष आर्थिक भार उन पर ना के बराबर रहा।

आसान आवेदन प्रक्रिया और आम लोगों से अपील

अपने सुखद अनुभव को साझा करते हुए आलम साय रजवाड़े ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन करने से लेकर संयंत्र स्थापित होने तक का पूरा काम बेहद आसान और सुविधाजनक रहा। उन्होंने अन्य पात्र बिजली उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वे इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें और अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाएं। इससे जहां एक तरफ पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी, वहीं दूसरी तरफ आम परिवारों के मासिक बजट में भी बड़ी बचत होगी।

सवाल-जवाब

आलम साय रजवाड़े कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
आलम साय रजवाड़े छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग स्थित अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत आमदरहा के निवासी हैं।
पीएम सूर्य घर योजना से आलम साय को कुल कितनी सरकारी सहायता मिली?
आलम साय को कुल 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी मिली, जिसमें केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और छत्तीसगढ़ सरकार से 30,000 रुपये शामिल हैं।
सोलर संयंत्र लगाने से पहले और बाद में उनके बिजली बिल में क्या बदलाव आया?
सोलर संयंत्र लगाने से पहले उनका बिजली बिल 1,500 से 2,000 रुपये आता था, जो अब घटकर पूरी तरह शून्य हो गया है।
आलम साय ने ग्रिड को कितनी अतिरिक्त बिजली आपूर्ति की है?
उन्होंने लगभग साढ़े तीन महीने की अवधि में अपने उपयोग से बची करीब 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी है।
आलम साय ने अन्य बिजली उपभोक्ताओं से क्या अपील की है?
उन्होंने अन्य पात्र उपभोक्ताओं से पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी लेकर अपने घरों में सोलर पैनल लगवाने और खर्च कम करने की अपील की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 मिनट पहले

पीएम सूर्य घर योजना के तहत नागरिकों का उपभोक्ता से ऊर्जा प्रदाता बनना न केवल उनके घरेलू बजट को मजबूत करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत ऊर्जा सुरक्षा की नींव भी रखता है। इस तरह की सरकारी पहलों से पारंपरिक ग्रिड पर दबाव कम होता है और वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ती है, जो आम जनता के लिए दीर्घकालिक राहत का एक बड़ा माध्यम बन रही है।

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