भारतीय वायुसेना के राफेल फाइटर जेट्स की क्षमताओं पर सवाल उठाकर विवादों में घिरे फ्रांसीसी नौसेना के पूर्व पायलट पियरे हेनरी चुएट अब अपने ही देश में गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा जांच के घेरे में आ गए हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों ने पूर्व सैन्य अधिकारी पर चीन को संवेदनशील सैन्य जानकारियां मुहैया कराने और चीनी सैन्य पायलटों को गोपनीय नौसैनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने के आरोप लगाए हैं। हालांकि पियरे हेनरी चुएट ने किसी भी विदेशी राष्ट्र के साथ गोपनीय रक्षा डेटा साझा करने से साफ इनकार किया है, लेकिन फ्रांस की खुफिया और न्यायिक एजेंसियां उनके खिलाफ दर्ज जासूसी मामले की विस्तृत पड़ताल में जुटी हुई हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत विरोधी प्रचार और दावे
पियरे हेनरी चुएट वही शख्सियत हैं जिन्होंने मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल राफेल विमानों की कार्यकुशलता पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए थे। उस वक्त उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान के पास मौजूद चीनी लड़ाकू विमान J-10C ने भारतीय राफेल को मार गिराया है। उन्होंने चीन निर्मित विमानों J-10C और JF-17 की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें राफेल का मुकाबला करने वाला बताया था। उस समय भारत सरकार और राफेल का निर्माण करने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन दोनों ने ही इन दावों को पूरी तरह से निराधार और गलत करार दिया था।
फ्रांसीसी खुफिया एजेंसी की पूछताछ और न्यायिक जांच
फ्रांस की आंतरिक खुफिया एजेंसी डायरेक्टरेट-जनरल फॉर इंटरनल सिक्योरिटी (DGSI) ने जुलाई 2026 में पियरे हेनरी चुएट को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की थी। इस कार्रवाई के दौरान जांच अधिकारियों ने उनके आवास की भी गहन तलाशी ली। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज साझा करने और एक विदेशी शक्ति की सहायता करने जैसे संगीन आरोप दर्ज किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद अदालत ने उन्हें औपचारिक न्यायिक जांच के दायरे में रखते हुए फिलहाल हिरासत से रिहा कर दिया है। फ्रांसीसी न्याय प्रणाली के तहत मामले की जांच अभी जारी है और अदालत द्वारा अंतिम फैसला सुनाए जाने तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है।
चीन के अघोषित दौरे और विमानवाहक पोत की ट्रेनिंग
जांच रिपोर्टों के अनुसार, पियरे हेनरी चुएट ने फ्रांसीसी नौसेना में सेवा देने के दौरान वर्ष 2018 और 2019 में चीन की यात्राएं की थीं। सैन्य नियमों के अनुसार हर विदेशी दौरे की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देना अनिवार्य होता है, लेकिन उन्होंने इन यात्राओं का खुलासा नहीं किया था। बताया जाता है कि इन दौरों का पूरा खर्च दक्षिण अफ्रीका की एक एविएशन कंपनी ने उठाया था। चीन प्रवास के दौरान उन पर चीनी सैन्य पायलटों को विमानवाहक पोत से फाइटर जेट की टेकऑफ और लैंडिंग कराने जैसी जटिल सैन्य तकनीकों का प्रशिक्षण देने का आरोप है। इसके अलावा, उन पर पश्चिमी देशों की नौसैनिक रणनीतियों की गोपनीय जानकारी साझा करने का भी संदेह जताया गया है।
सैन्य पृष्ठभूमि और वर्तमान व्यावसायिक गतिविधियां
फ्रांसीसी नौसेना में अपने कार्यकाल के दौरान पियरे हेनरी चुएट प्रसिद्ध विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल पर तैनात रहकर सुपर एटेंडार्ड और राफेल एम फाइटर जेट उड़ा चुके हैं। स्वास्थ्य कारणों और स्ट्रोक से पीड़ित होने के बाद उन्होंने सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति ले ली थी। फ्रांस और कनाडा की दोहरी नागरिकता रखने वाले चुएट वर्तमान में एक कमर्शियल एयरलाइन पायलट, लेखक, कॉर्पोरेट स्पीकर और एविएशन यूट्यूबर के रूप में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए दोहराया है कि उन्होंने किसी भी देश को फ्रांस की गोपनीय सैन्य जानकारी नहीं सौंपी है।



















