बिहार के समस्तीपुर जिले से क्रिकेट का एक और चमकता चेहरा सामने आ रहा है। ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर गांव के सूर्यवंशी परिवार के आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय स्तर पर खेले गए एक मुकाबले में बल्ले से ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ उन्हीं की चर्चा है। ऋषभ-11 गंगापुर (समस्तीपुर) की ओर से उतरे आशीर्वाद ने मात्र 119 गेंदों में 168 रन की विस्फोटक पारी खेल डाली, जिसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। उनकी इसी पारी के दम पर ऋषभ-11 ने रौशन-11 (वैशाली) को बड़े अंतर से शिकस्त दी।
आशीर्वाद इसी सूर्यवंशी परिवार से आते हैं, जिसके बड़े बेटे वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। अब छोटे भाई आशीर्वाद भी लगातार बड़ी पारियां खेलकर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
पूरी पारी में दिखा आत्मविश्वास
168 रनों की इस पारी के दौरान आशीर्वाद की टाइमिंग, शॉट चयन और आक्रामकता देखने लायक रही। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौके-छक्के लगाकर दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया और विपक्षी गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। एक छोर से लगातार रन बरसते रहे और गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था।
लगातार दूसरी बड़ी पारी
यह आशीर्वाद की लगातार दूसरी शानदार पारी है। इससे पहले बिरौली के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 87 गेंदों पर 103 रन की शतकीय पारी खेली थी, जिसमें 20 चौके और 1 छक्का शामिल था। दो मैचों में इस तरह के प्रदर्शन ने उन्हें स्थानीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बना दिया है, और अब हर मुकाबले में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जाने लगी है।
परिवार को बड़ी उम्मीदें
आशीर्वाद के इस प्रदर्शन से उनका पूरा परिवार उत्साहित है। चाचा राजीव सूर्यवंशी ने खुशी जताते हुए कहा कि आशीर्वाद में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, "जिस तरह वह लगातार मेहनत कर रहा है और मैदान पर प्रदर्शन कर रहा है, उसे देखकर पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में वह क्रिकेट के क्षेत्र में नई बुलंदियों को छुएगा तथा समस्तीपुर, बिहार और देश का नाम रोशन करेगा।"
फिलहाल आशीर्वाद समस्तीपुर के ताजपुर स्थित मोतीपुर में अपने पिता संजीव की देखरेख में क्रिकेट की नियमित ट्रेनिंग ले रहे हैं।
सूर्यवंशी परिवार से एक और बड़ा नाम?
आशीर्वाद की लगातार बेहतरीन पारियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि सूर्यवंशी परिवार से क्रिकेट को जल्द ही एक और बड़ा नाम मिल सकता है। जिस तरह बड़े भाई वैभव राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, उसी तरह आशीर्वाद भी अपने बल्ले से भविष्य की मजबूत दस्तक दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि लगातार बड़ी पारियां खेलकर आशीर्वाद यह साबित कर रहे हैं कि इस परिवार की क्रिकेट प्रतिभा आने वाले वर्षों में भी मैदान पर चमक बिखेरती रहेगी।













