अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में बहुत कम ऐसे खिलाड़ी सामने आते हैं जो अपनी शुरुआती किशोरावस्था में ही स्थापित दिग्गजों के कीर्तिमानों को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक पहचान बना लेते हैं। पंद्रह वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आधुनिक क्रिकेट में ऐसा ही अविश्वसनीय मुकाम हासिल किया है। प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रिका टाइम ने अपनी वार्षिक टाइम 100 नेक्स्ट सूची जारी की है, जिसमें दुनिया भर के उन प्रभावशाली नए चेहरों को शामिल किया गया है जो अपने अपने क्षेत्रों में भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। इस प्रतिष्ठित वैश्विक संकलन में शामिल होने वाले वैभव सूर्यवंशी न केवल अकेले भारतीय खिलाड़ी हैं, बल्कि वे पूरी सूची में सबसे कम उम्र के व्यक्ति भी हैं।
वैश्विक पटल पर फेनोम श्रेणी में मिला सम्मान
टाइम पत्रिका ने वैभव सूर्यवंशी को अपनी सूची की फेनोम यानी असाधारण प्रतिभा वाली श्रेणी में स्थान दिया है। पत्रिका ने रेखांकित किया है कि यह युवा खिलाड़ी बहुत तेजी से वैश्विक खेल जगत के सबसे रोमांचक और ऊर्जा से भरे चेहरों में शुमार हो चुका है। टाइम की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेसिका सिब्ले के अनुसार, इस वर्ष की सूची में शामिल किए गए व्यक्तित्व पुरानी सीमाओं को तोड़ रहे हैं, नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं और अपने कार्यक्षेत्रों के साथ-साथ अपने समुदायों को आगे ले जाने में जुटे हैं। पूरी दुनिया से इस प्रतिष्ठित सूची में केवल सात एथलीटों का चयन हुआ है, जिसमें वैभव सबसे युवा नाम हैं।
कम उम्र में प्रथम श्रेणी आगाज और टी20 लीग का सफर
वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक क्रिकेट यात्रा की ठोस शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी, जब उन्होंने मात्र 12 वर्ष की अवस्था में सीनियर स्तर पर रणजी ट्रॉफी खेलनी शुरू की थी। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में मैदान पर उतरने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज कराने के तुरंत बाद वे व्यापक चर्चा में आ गए। इसके बाद आईपीएल 2025 के सत्र की नीलामी से पहले राजस्थान रॉयल्स की टीम ने वैभव को 1 करोड़ रुपये की बोली लगाकर अपने दल में शामिल कर लिया। दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी टी20 लीग के अपने शुरुआती सत्र में ही उन्होंने सात पारियों के भीतर 252 रन बना डाले। इसी सत्र में उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ दिया, जो उस समय किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज आईपीएल शतक था।
दूसरे सत्र में ऐतिहासिक प्रदर्शन और क्रिस गेल को पछाड़ा
आईपीएल के अपने दूसरे सत्र में वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के मुख्य बल्लेबाज के रूप में अपनी धाक पूरी तरह जमा ली। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक शतक और पांच अर्धशतकों की बदौलत कुल 776 रन बटोरे और उस वर्ष सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इस सत्र के दौरान उन्होंने 16 मुकाबलों में कुल 72 छक्के उड़ाए। इस विस्फोटक प्रदर्शन के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट के दिग्गज क्रिस गेल के पिछले ऐतिहासिक रिकॉर्ड को 20 छक्कों के भारी अंतर से पीछे छोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
राष्ट्रीय टीम में पदार्पण और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड
घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी के दम पर वैभव को जुलाई में इंग्लैंड के विरुद्ध मैनचेस्टर के मैदान पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया। मैदान पर उतरते ही वे भारत की पुरुष राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। इस पदार्पण के साथ ही उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर द्वारा लंबे समय से बनाए रखे गए सबसे युवा भारतीय पुरुष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। अब तक खेले गए छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में वैभव ने 193 रन बनाए हैं, जिसमें जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका 81 रनों का सर्वोच्च स्कोर शामिल है। वे जापान में प्रतिस्पर्धा कर रही भारतीय एशियाई खेल क्रिकेट टीम की योजनाओं का भी हिस्सा रहे हैं।
लिस्ट ए का विश्व रिकॉर्ड और बढ़ती नेतृत्व क्षमता
सीनियर स्तर पर खेल के अपने केवल तीसरे सत्र में इस आक्रामक बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी इतिहास रचा। जून के महीने में कोलंबो में श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए की ओर से त्रिकोणीय श्रृंखला का फाइनल मुकाबला खेलते हुए वैभव ने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। उनकी परिपक्वता को देखते हुए अगस्त में उन्हें दलीप ट्रॉफी जीतने वाली ईस्ट जोन टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया गया।
टाइम सूची में शामिल अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एथलीट
टाइम 100 नेक्स्ट की इस विशिष्ट सूची में वैभव सूर्यवंशी के साथ खेल जगत के जिन छह अन्य प्रमुख एथलीटों को स्थान मिला है, उनमें अमेरिकी फुटबॉल के उभरते क्वार्टरबैक आर्च मैनिंग, एनबीए के स्टार बास्केटबॉल खिलाड़ी टायरीस मैक्सि, महिला फुटबॉलर नाओमी गिरमा, स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन, टेनिस खिलाड़ी एलेक्सा ईला तथा बास्केटबॉल खिलाड़ी ओलिविया माइल्स शामिल हैं। सीमित संसाधनों और बिहार के एक छोटे शहर से निकलकर दुनिया के सबसे सम्मानित मंचों तक पहुंचने वाले वैभव की यह यात्रा दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और प्रतिभा के सामने आयु केवल एक आंकड़ा भर है।

















