अहमदाबाद स्थित गुजरात विश्वविद्यालय के समरस गर्ल्स हॉस्टल में भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। मेस में परोसे गए खाने में दोबारा कीड़े और कनखजूरे मिलने की घटना सामने आने के बाद परिसर में तनाव फैल गया। स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर खतरे के खिलाफ एनएसयूआई के नेतृत्व में छात्रों ने सुबह 10 बजे से हॉस्टल परिसर के गेट पर अनशन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सुबह से दोपहर तक चला जोरदार धरना और नारेबाजी
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बड़ी संख्या में छात्राएं धरना स्थल पर जमी रहीं और हॉस्टल प्रबंधन की कथित लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना था कि वे विभिन्न जिलों, तालुकों और शहरों से उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अहमदाबाद आई हैं, लेकिन उन्हें रोज बुनियादी पोषण और सुरक्षित भोजन के लिए जूझना पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद रसोई की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ था।
प्रशासन की लिखित गारंटी और 14 मांगों पर सहमति
छात्राओं के उग्र रुख और लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए समरस गर्ल्स हॉस्टल का वरिष्ठ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। छात्राओं और छात्र प्रतिनिधियों के साथ चली लंबी बातचीत के बाद प्रशासन ने करीब 14 मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें स्वीकार कर लिया। हॉस्टल प्रबंधन ने एक लिखित दस्तावेज सौंपकर वादा किया कि अगले 10 दिनों की समयसीमा में इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित कर दिया जाएगा। इस समझौते में यह कड़ा प्रावधान भी शामिल किया गया कि यदि निर्धारित 10 दिनों में इन मांगों पर ठोस अमल नहीं हुआ, तो हॉस्टल के तीन जिम्मेदार अधिकारी स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे।
मेस ठेकेदार को बदलने की मांग और आगे का अल्टीमेटम
प्रशासन की ओर से समयबद्ध लिखित आश्वासन मिलने के बाद एनएसयूआई ने शाम 4:15 बजे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, छात्र नेताओं ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि दी गई समयसीमा के भीतर व्यवस्था पूरी तरह नहीं सुधरी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि मौजूदा भोजन ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और एक नया व जवाबदेह कैटरिंग अनुबंध लागू किया जाए, ताकि मेस के खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता हमेशा बनी रहे।























