दलीप ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की शैली के कारण अपना विकेट गंवा बैठे। पहली पारी की विशाल बढ़त के बाद ईस्ट जोन की टीम बेहद मजबूत स्थिति में थी और बल्लेबाजों पर रन गति बढ़ाने का कोई दबाव नहीं था। इसके बावजूद वैभव सूर्यवंशी धैर्य रखने में नाकाम रहे और दूसरी पारी में गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर पवेलियन लौट गए। लाल गेंद के इस महत्वपूर्ण प्रथम श्रेणी मैच में उनकी इस जल्दबाजी ने एक बार फिर लंबे प्रारूप में उनके शॉट चयन और मानसिक मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दूसरी पारी में स्टंप आउट होकर गंवाया विकेट
साउथ जोन के खिलाफ दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरे वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर पूरी तरह सेट होने का इंतजार नहीं कर सके। उन्होंने 15 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके की मदद से 8 रन बना लिए थे। इसके बाद 16वीं गेंद पर गेंदबाज विजय के खिलाफ उन्होंने क्रीज से काफी आगे निकलकर बड़ा छक्का लगाने का प्रयास किया। गेंद की लाइन को भांपने में पूरी तरह नाकाम रहने के कारण बॉल सीधे विकेटकीपर जगदीशन के हाथों में चली गई। जब तक वैभव क्रीज में वापस लौटने की कोशिश करते, जगदीशन ने फुर्ती दिखाते हुए गिल्लियां बिखेर दीं और बल्लेबाज को आउट कर दिया।
पहली पारी में 44 रन और ईशान किशन का दोहरा शतक
फाइनल मैच की पहली पारी में भी वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंदों पर 44 रनों की एक छोटी मगर आक्रामक पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का जमाया था। हालांकि, उस समय भी वे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदलने में विफल रहे थे। दूसरी ओर, टीम के कप्तान ईशान किशन ने संयम और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 270 रनों की मैराथन पारी खेली। ईशान किशन के इस शानदार दोहरे शतक के दम पर ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में साउथ जोन की पहली पारी महज 336 रनों पर ढेर हो गई थी।
ईशान किशन का फैसला और दलीप ट्रॉफी 2026 के आंकड़े
पहली पारी में 372 रनों की विशाल बढ़त हासिल करने के बाद ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन चाहते तो साउथ जोन को फॉलोऑन दे सकते थे। लेकिन उन्होंने विपक्षी टीम को दोबारा बल्लेबाजी कराने के बजाय खुद दूसरी बार बल्लेबाजी करने का विकल्प चुना। इससे वैभव सूर्यवंशी को क्रीज पर समय बिताने का एक और सुनहरा अवसर मिला था। इस पूरे सीजन की बात करें तो दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव को 3 मैचों की 5 पारियों में खेलने का मौका मिला। इन 5 पारियों में वे केवल एक बार ही 50 रन का आंकड़ा पार कर सके, जब उन्होंने सेंट्रल जोन के विरुद्ध 92 रनों की पारी खेली थी। बाकी पारियों में वे सस्ते में आउट होकर चलते बने।
लाल गेंद के क्रिकेट में धैर्य की आवश्यकता और मैच का रुख
ईस्ट जोन के उपकप्तान होने के नाते वैभव सूर्यवंशी से टीम को जिम्मेदार बल्लेबाजी की उम्मीद थी। हालांकि, मैदान पर उनके रवैये से साफ जाहिर होता है कि वे अभी भी T20 फॉर्मेट के आक्रामक मूड से बाहर नहीं निकल पाए हैं। प्रथम श्रेणी और टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को ढालना अत्यंत आवश्यक होता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह खिताबी मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ता नजर आ रहा है और ईस्ट जोन की टीम पहली पारी की बढ़त के आधार पर दलीप ट्रॉफी की चैंपियन बनने की ओर अग्रसर है। लेकिन वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मैच एक बड़ा सबक है कि लंबे प्रारूप में टिककर खेलना ही सफलता का मूल मंत्र है।



















