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161 टेस्ट और 15 अलग पार्टनर्स: जानिए इंग्लैंड के दिग्गज एलिस्टेयर कुक के उस अनोखे रिकॉर्ड की कहानीक्रिकेट
22 अग॰ 2026, 8:36 am (21 दिन पहले)· 2

161 टेस्ट और 15 अलग पार्टनर्स: जानिए इंग्लैंड के दिग्गज एलिस्टेयर कुक के उस अनोखे रिकॉर्ड की कहानी

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज सर एलिस्टेयर कुक ने 161 टेस्ट मैचों में रिकॉर्ड 15 अलग-अलग जोड़ीदारों के साथ पारी का आगाज किया था।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी को सबसे कठिन जिम्मेदारियों में गिना जाता है, जहां नई गेंद का सामना करने के साथ-साथ अपने साथी बल्लेबाज के साथ तालमेल बिठाना बेहद आवश्यक होता है। इंग्लैंड के महान सलामी बल्लेबाज सर एलिस्टेयर कुक ने अपने टेस्ट करियर में जिस धैर्य और एकाग्रता का परिचय दिया, वह क्रिकेट इतिहास में विरले ही देखने को मिलता है। इंग्लैंड के लिए टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा 12,472 रन बनाने वाले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के नाम एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जो उनकी अटूट मानसिक क्षमता और दूसरी तरफ इंग्लैंड क्रिकेट टीम में सलामी जोड़ी के स्थायी समाधान की लंबी तलाश को बयां करता है। कुक ने अपने 161 टेस्ट मैचों के लंबे करियर के दौरान क्रीज पर रिकॉर्ड 15 अलग-अलग जोड़ीदारों के साथ पारी का आगाज किया था। एक छोर पर कुक चट्टान की तरह डटे रहे, जबकि दूसरे छोर पर समय-समय पर नए बल्लेबाजों का आना-जाना लगा रहा।

एंड्रयू स्ट्रॉस के साथ सफल दौर और 2012 के बाद का संकट

सर एलिस्टेयर कुक ने अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर का आगाज साल 2006 में भारत के खिलाफ नागपुर के मैदान पर किया था। अपने पहले ही मुकाबले में शतक जमाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। करियर के शुरुआती दौर में कुक को एंड्रयू स्ट्रॉस के रूप में एक बेहद मजबूत, समझदार और भरोसेमंद जोड़ीदार मिला था। कुक और स्ट्रॉस की इस वामपंथी और दक्षिणपंथी जोड़ी ने इंग्लैंड के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और दोनों ने मिलकर 5,000 से अधिक रन जोड़े। इस जोड़ी की बदौलत इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 2010-11 की प्रसिद्ध एशेज श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। हालांकि, यह स्थिरता साल 2012 में तब समाप्त हो गई जब एंड्रयू स्ट्रॉस ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। स्ट्रॉस के विदा लेते ही इंग्लैंड चयनकर्ताओं के सामने कुक के लिए एक नया और योग्य जोड़ीदार तलाशने की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

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कुक के साथ ओपनिंग करने वाले 15 बल्लेबाजों की पूरी सूची

स्ट्रॉस के संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में एक ऐसा लंबा दौर आया, जिसमें कुक के साथ ओपनिंग स्लॉट के लिए कई युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों को आजमाया गया। अपने पूरे टेस्ट करियर के दौरान एलिस्टेयर कुक के साथ पारी की शुरुआत करने वाले 15 खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं

  • एंड्रयू स्ट्रॉस: कुक के सबसे सफल और दीर्घकालिक जोड़ीदार।
  • माइकल वॉन: पूर्व कप्तान जिन्होंने शुरुआती दौर में कुक के साथ ओपनिंग की।
  • इयान बेल: मध्यक्रम के विशेषज्ञ जिन्हें टीम संयोजन के लिए ऊपर भेजा गया।
  • जोनाथन ट्रॉट: शीर्ष क्रम के मजबूत बल्लेबाज, जिन्होंने दो अलग-अलग दौरों में कुक के साथ ओपनिंग की।
  • निक कम्पटन: स्ट्रॉस के जाने के बाद शुरुआती दौर में आजमाए गए बल्लेबाज।
  • जो रूट: इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज, जिन्होंने टीम की जरूरत पड़ने पर ओपनर की भूमिका निभाई।
  • सैम रॉबसन: इंग्लैंड के लिए कुछ टेस्ट मैचों में कुक के साथी रहे।
  • एडम लिथ: बाएं हाथ के बल्लेबाज जिन्हें 2015 के दौर में आजमाया गया।
  • मोईन अली: बहुमुखी ऑलराउंडर, जिन्हें रणनीति के तहत पारी का आगाज करने भेजा गया।
  • एलेक्स हेल्स: सीमित ओवरों के आक्रामक बल्लेबाज, जिन्हें टेस्ट में ओपनिंग का मौका मिला।
  • बेन डकेट: आक्रामक बाएं हाथ के बल्लेबाज जिन्होंने कुक के साथ कुछ पारियां खेलीं।
  • हसीब हमीद: युवा तकनीक-संपन्न बल्लेबाज जिन्होंने भारत दौरे पर छाप छोड़ी थी।
  • कीटन जेनिंग्स: अपने डेब्यू मैच में शतक बनाने वाले सलामी बल्लेबाज।
  • मार्क स्टोनमैन: कुक के करियर के अंतिम पड़ाव में आजमाए गए जोड़ीदार।

इस सूची पर गौर करें तो जो रूट और मोईन अली जैसे नाम भी शामिल हैं, जो मुख्य रूप से मध्यक्रम या ऑलराउंडर की भूमिका निभाते थे। लेकिन चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें कुक के साथ नई गेंद का सामना करने के लिए भेजा। इसके बावजूद कोई भी बल्लेबाज एंड्रयू स्ट्रॉस जैसी जगह पक्की नहीं कर सका।

बार-बार बदलते साथी के बीच मानसिक दृढ़ता का परिचय

क्रिकेट के खेल में किसी भी सलामी जोड़ी के लिए एक-दूसरे को समझना बेहद जरूरी माना जाता है। क्रीज पर मौजूद दोनों बल्लेबाजों के बीच रनिंग बिटवीन द विकेट, सिंगल चुराने का फैसला और गेंदबाज की रणनीति को भांपने के लिए बेहतर संवाद जरूरी होता है। जब हर कुछ मैचों के बाद सलामी जोड़ीदार बदल जाता है, तो किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखना काफी कठिन हो जाता है। इसके बावजूद कुक के प्रदर्शन पर साथी बल्लेबाजों के इस लगातार बदलाव का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।

यह रिकॉर्ड एक तरफ जहां इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट ढांचे की उस नाकामी को उजागर करता है जो कुक जैसा दूसरा विश्वस्तरीय सलामी बल्लेबाज तैयार नहीं कर सका, वहीं दूसरी तरफ यह कुक की अद्वितीय एकाग्रता का गवाह है। कुक ने 161 टेस्ट मुकाबलों में 45 से अधिक की औसत से रन बनाए और कुल 33 टेस्ट शतक जड़े। हर नए साथी के आने पर कुक को नए सिरे से मानसिक तालमेल बिठाना पड़ता था, लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की शैली और रन बनाने की भूख को कभी कम नहीं होने दिया।

ओवल में विदाई और कुक की क्रिकेट विरासत

साल 2018 में भारत के खिलाफ ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर सर एलिस्टेयर कुक ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम टेस्ट मुकाबला खेला। जिस तरह उन्होंने 2006 में भारत के खिलाफ शतक से शुरुआत की थी, ठीक उसी तरह अपने अंतिम टेस्ट की आखिरी पारी में भी 147 रनों की यादगार पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। उनका 15 अलग-अलग जोड़ीदारों के साथ ओपनिंग करने का यह रिकॉर्ड महज आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह उनके बेजोड़ धैर्य, अनुशासन और इंग्लैंड क्रिकेट के प्रति उनकी निष्ठा की अमर कहानी है।

सवाल-जवाब

एलिस्टेयर कुक ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट में कुल कितने रन बनाए?
सर एलिस्टेयर कुक ने इंग्लैंड के लिए 161 टेस्ट मैचों में कुल 12,472 रन बनाए, जो इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट रन का रिकॉर्ड है।
कुक ने अपने टेस्ट करियर में कितने ओपनिंग पार्टनर्स के साथ बल्लेबाजी की?
कुक ने अपने 161 टेस्ट मैचों के करियर के दौरान रिकॉर्ड 15 अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ पारी का आगाज किया।
कुक के सबसे सफल ओपनिंग पार्टनर कौन थे?
एंड्रयू स्ट्रॉस कुक के सबसे सफल ओपनिंग पार्टनर थे, जिनके साथ उन्होंने 5,000 से अधिक रन जोड़े और 2010-11 की एशेज जीत में अहम भूमिका निभाई।
कुक ने अपना पहला और आखिरी टेस्ट मैच किस टीम के खिलाफ खेला?
कुक ने 2006 में भारत के खिलाफ नागपुर में अपना डेब्यू टेस्ट खेला था और 2018 में भारत के खिलाफ ही ओवल में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला, जिसमें उन्होंने दोनों बार शतक जमाया।
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