शुरुआती मुकाबले में जबरदस्त जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम अफगानिस्तान के सामने मंगलवार को आयोजित होने वाले दूसरे टी20 मैच में सीरीज सील करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। इस मुकाबले में जीत दर्ज करके टीम इंडिया अजेय बढ़त हासिल करना चाहती है, परंतु उसके सामने पांचवें गेंदबाज के सही विकल्प की तलाश अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के चोटिल होने के बाद से ही भारतीय खेमे में पांचवें पुख्ता गेंदबाजी विकल्प को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। अब सोमवार को मांसपेशियों में आए खिंचाव की वजह से वरुण चक्रवर्ती के पूरी सीरीज से बाहर हो जाने के बाद यह परेशानी और अधिक गंभीर हो गई है। वरुण के बाहर जाने से यह बिल्कुल साफ हो गया है कि दूसरे मैच की प्लेइंग-11 में फेरबदल देखने को मिलेगा, क्योंकि वह पहले मैच में मुख्य टीम का हिस्सा थे।
शुरुआती मैच में मिला दबदबा और जीत का आत्मविश्वास
विश्व कप विजेता भारतीय टीम ने रविवार के दिन एकतरफा अंदाज में अफगानिस्तान को सात विकेट से मात देकर खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई थी। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में खेल रही भारतीय टीम ने पहले मुकाबले के दौरान मैदान पर हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाया। इस मुकाबले में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने जीत की पटकथा लिखने में सबसे अहम भूमिका निभाई।
अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए अपने कोटे में केवल 19 रन खर्च किए और अफगानिस्तान के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी इस धारदार गेंदबाजी की बदौलत ही अफगानिस्तान की पूरी टीम निर्धारित ओवरों में आठ विकेट खोकर केवल 156 रन ही खड़ा कर सकी। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने मैदान के चारों तरफ आतिशी बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 32 गेंदों का सामना करते हुए 82 रनों की तूफानी पारी खेली, जिससे भारत ने 13.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर आसान जीत दर्ज कर ली।
वरुण चक्रवर्ती की चोट ने बढ़ाई भारतीय खेमे की चिंता
इंग्लैंड दौरे के दौरान जुलाई में चोटिल हुए वरुण चक्रवर्ती ने हाल ही में मैदान पर सफल वापसी की थी। सीरीज के पहले मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए एक विकेट भी अपने नाम किया था। हालांकि सोमवार को मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत सामने आने के बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर बैठना पड़ रहा है।
वरुण के बाहर होने से न केवल इस द्विपक्षीय सीरीज में बल्कि आगामी एशियाई खेलों में भी उनके खेलने को लेकर गंभीर संशय पैदा हो गया है। उनके अचानक बाहर होने से भारत के नियमित गेंदबाजी आक्रमण में एक बड़ा शून्य बन गया है। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए इस खाली जगह को तुरंत भरना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी सप्ताह के अंत में भारतीय टीम का मुख्य लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम करना है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भी लंबे अंतराल और चोट के बाद शानदार वापसी करते हुए बढ़िया प्रदर्शन किया है, लेकिन इस महीने के अंत में शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पूर्व पांचवें गेंदबाज का टिकाऊ समाधान खोजना कप्तान और कोच के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
कमजोर साबित हुआ पांचवां गेंदबाजी विकल्प
पहले मुकाबले के दौरान कप्तान श्रेयस अय्यर को पांचवें गेंदबाजी विकल्प से ओवर निकलवाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा था। टीम में शामिल ऑलराउंडर शिवम दुबे और नितीश कुमार रेड्डी गेंद से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। नितीश कुमार रेड्डी ने अपने डाले गए दो ओवरों में 30 रन लुटा दिए, जबकि पारी का आखिरी ओवर फेंकने आए शिवम दुबे के ओवर से 21 रन बने। इसके अलावा अभिषेक शर्मा ने भी एक ओवर की गेंदबाजी की। इन तीनों खिलाड़ियों ने मिलकर कुल चार ओवर फेंके और इनमें 59 रन लुटा दिए।
हालांकि अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की कसी हुई गेंदबाजी के कारण पांचवें विकल्प की यह महंगी गेंदबाजी भारत को भारी नहीं पड़ी। फिर भी वरुण के न होने से श्रेयस अय्यर के लिए रणनीतिक चुनौतियां बढ़ जाएंगी। एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन प्लेइंग-11 में अधिक संतुलित और किफायती विकल्प तलाशना चाहेगा। ऐसी स्थिति में टीम प्रबंधन वरुण चक्रवर्ती की जगह लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है या फिर ऑफ स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका देकर निचले क्रम की बल्लेबाजी को भी मजबूती दे सकता है।
शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन और चयन की चुनौती
बल्लेबाजी क्रम पर नजर डालें तो अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक पारी के दम पर अपनी हालिया फॉर्म को लेकर उठ रहे सभी सवालों पर विराम लगा दिया है। वहीं बेहतरीन लय में दिख रहे ईशान किशन ने अभ्यास सत्र के दौरान पीठ में लगी हल्की चोट के बावजूद मैदान पर उतरकर 33 गेंदों में 42 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था।
दूसरी ओर सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि पहले मैच में वह केवल 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। टीम में अपनी जगह पक्की रखने के लिए उन्हें एक बड़ी पारी की सख्त दरकार है। संजू सैमसन ने भारत की टी20 विश्व कप खिताबी जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया था, परंतु उसके बाद से उनका बल्ला खामोश रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ मौजूदा सीरीज से पहले पिछली चार पारियों में उनके बल्ले से केवल 33 रन ही निकले थे। वर्तमान में उन्हें जबरदस्त फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। सैमसन को जल्द से जल्द बड़ा स्कोर बनाना होगा ताकि एशियाई खेलों के लिए चुनी जाने वाली अंतिम एकादश में उनका स्थान सुरक्षित रह सके।
अफगानिस्तान के सामने वापसी की कड़ी चुनौती
सीरीज के पहले मुकाबले में अफगानिस्तान की टीम भारत के मजबूत खेल के आगे कहीं भी संघर्ष करती नजर नहीं आई। उनके बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने ही सामान्य स्तर का खेल दिखाया। यदि मेहमान टीम को भारतीय चुनौती का डटकर सामना करना है, तो उनके प्रमुख बल्लेबाजों को जिम्मेदारी से क्रीज पर टिकना होगा।
सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज और कप्तान इब्राहिम जादरान के जल्दी पवेलियन लौटने से पूरी अफगान टीम भारी दबाव में आ गई थी। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि सातवें ओवर तक केवल 43 रन के स्कोर पर आधी टीम आउट हो चुकी थी। इसके बाद अनुभवी मोहम्मद नबी और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई के बीच हुई साझेदारी ने कुछ उम्मीद जरूर जगाई, परंतु पुछल्ले बल्लेबाज इसे आगे नहीं बढ़ा सके। मैच के बाद अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने स्वीकार किया कि शुरुआती तीन ओवरों में टीम को बढ़िया शुरुआत मिली थी, लेकिन उसके बाद बल्लेबाज अपनी लय कायम नहीं रख सके और लगातार विकेट गिरने से भारत ने पूरा दबाव बना लिया। उन्होंने कहा कि मध्य ओवरों में कुछ अच्छी बल्लेबाजी हुई, फिर भी बोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं बन सके।
















