अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तानी टीम के लचर प्रदर्शन और निराशाजनक परिणामों के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के भीतर बड़े स्तर पर उथल-पुथल शुरू हो गई है। बोर्ड के मुखिया मोहसिन नकवी अब तंत्र में कड़े और निर्णायक कदम उठाने का मन बना रहे हैं। राष्ट्रीय चयन समिति के पुनर्गठन से लेकर प्रमुख पदों पर आसीन दिग्गजों की विदाई तक के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा झटका राष्ट्रीय चयन समिति के वरिष्ठ चयनकर्ता आकिब जावेद को लग सकता है, जिनके फैसलों पर लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं। इसके साथ ही महिला क्रिकेट टीम से जुड़े पूर्व तेज गेंदबाज वहाब रियाज का पत्ता भी कटना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में आगामी दिनों में प्रशासनिक ढांचे में भारी उठापटक देखने को मिलेगी।
वरिष्ठ चयनकर्ता आकिब जावेद की भूमिका पर उठ रहे सवाल
राष्ट्रीय चयन समिति में व्यापक फेरबदल की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसके तहत आकिब जावेद को वरिष्ठ चयनकर्ता के पद से हटाया जा सकता है। पिछले लगभग दो वर्षों के दौरान पाकिस्तानी टीम से जुड़े अहम फैसलों में आकिब की सीधी दखलंदाजी रही है। इंग्लैंड दौरे के समय दूसरे टेस्ट मुकाबले के तुरंत बाद टीम संयोजन और कोचिंग स्टाफ में अचानक किए गए भारी बदलावों का फैसला भी उन्हीं के कार्यकाल में लिया गया था। उस विवादास्पद फैसले के बाद से ही बोर्ड की नीतियों और टीम के आंतरिक संतुलन पर उंगलियां उठती रही हैं। लगातार बदलती रणनीतियों और असंगत चयन ने बोर्ड नेतृत्व को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
महिला टीम के मेंटर वहाब रियाज भी निशाने पर
आकिब जावेद के साथ-साथ पूर्व टेस्ट तेज गेंदबाज वहाब रियाज भी शीर्ष नेतृत्व की नजरों में चढ़े हुए हैं। वहाब रियाज पिछले वर्ष से पाकिस्तान की महिला राष्ट्रीय टीम के मेंटर के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रणनीतिक बदलावों के तहत जापान में प्रस्तावित एशियन गेम्स के समापन के बाद वहाब रियाज और महिला टीम के वर्तमान कोचिंग स्टाफ को पदमुक्त करने की योजना है। इसके साथ ही महिला क्रिकेट के लिए नए विदेशी मुख्य कोच की तलाश शुरू कर दी गई है और इसके लिए कुछ विदेशी कोचों के साथ बातचीत का दौर भी चल रहा है ताकि नए चक्र की शुरुआत की जा सके।
रेड-बॉल क्रिकेट में शर्मनाक हार ने बढ़ाया दबाव
पाकिस्तानी क्रिकेट ढांचे की इस मौजूदा अस्थिरता की मुख्य जड़ टेस्ट प्रारूप में टीम का गिरता स्तर है। टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त की थी, जिसे पहले ही निराशाजनक माना गया था। इसके बाद इंग्लैंड के दौरे पर पाकिस्तानी टीम को 3-0 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, जहां तीनों टेस्ट मैचों में विरोधी टीम ने विशाल अंतर से जीत दर्ज की। इन एकतरफा पराजयों ने बोर्ड की खेल नीतियों, प्रशासनिक संचालन और टीम चयन की तीखी आलोचना को जन्म दिया, जिससे व्यवस्था में तत्काल बदलाव का भारी दबाव बन गया।
माइक हेसन को टेस्ट कमान सौंपने पर मंथन
रेड-बॉल सेटअप को दुरुस्त करने के लिए पाकिस्तान के सीमित ओवरों के मुख्य कोच माइक हेसन को टेस्ट टीम का दायित्व भी सौंपने का विचार किया जा रहा है। माइक हेसन ने इस नई भूमिका में रुचि तो दिखाई है, लेकिन अपनी ओर से कुछ अनिवार्य शर्तें भी रखी हैं। उनका स्पष्ट रुख है कि वर्तमान टेस्ट टीम को पटरी पर लाने और एक मजबूत इकाई बनाने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह यह पद तभी स्वीकार करेंगे जब उन्हें एक निश्चित समयसीमा दी जाए और क्रिकेट से जुड़े उनके फैसलों में किसी भी बाहरी पक्ष का कोई दखल न हो।
उच्चस्तरीय बैठक में तय होगी नई रूपरेखा
अंतिम प्रशासनिक आदेश जारी करने से पहले बोर्ड प्रमुख मोहसिन नकवी अपने विश्वसनीय अधिकारियों के साथ एक अहम उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करने वाले हैं। इस बैठक में लिए गए निर्णयों और प्रस्तावित मसौदों को बोर्ड के गवर्निंग बोर्ड के सदस्यों के सामने रखा जाएगा। नई चयन समिति, कोचिंग नियुक्तियों और समग्र टीम प्रबंधन से जुड़े बिंदुओं पर अंतिम मुहर लगने के बाद कई बड़े नामों को अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों से हाथ धोना पड़ सकता है।
प्रशासनिक और कूटनीतिक विवादों के बीच नकवी
बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी का कार्यकाल केवल मैदानी विफलताओं ही नहीं, बल्कि कई बड़े सार्वजनिक विवादों से भी घिरा रहा है। पीसीबी के शीर्ष पद के साथ-साथ वह पाकिस्तान के संघीय गृह मंत्री का पद भी संभाल रहे हैं। हाल ही में दुबई में आयोजित महिला एशिया कप फाइनल के दौरान भी एक अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई थी, जब श्रीलंका को हराकर चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने नकवी के हाथों से खिताबी ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। यह घटना पिछले साल पुरुष एशिया कप फाइनल में घटे घटनाक्रम की पुनरावृत्ति जैसी रही, जहां भारतीय दल ने नकवी से ट्रॉफी ग्रहण करने से परहेज किया था।
















