महिला टी20 एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की, लेकिन मुकाबले के समापन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा पुरस्कार वितरण के दौरान हुए घटनाक्रम की रही। पिछले वर्ष पुरुष टीम की तरह ही इस बार भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से विजेता ट्रॉफी स्वीकार करने से साफ मना कर दिया। इस फैसले के बाद मैदान पर काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही और दोनों पक्षों के लोग मैदान पर ही खड़े रहे, जिसके बाद आखिरकार नकवी बिना भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपे वहां से रवाना हो गए।
मैदान में फैसले की जानकारी मिलने पर नकवी का रुख
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने खुलासा किया कि जब स्टेडियम के भीतर नकवी को यह अवगत कराया गया कि भारतीय खिलाड़ी उनके हाथों से खिताब स्वीकार नहीं करेंगे, तब उनकी क्या प्रतिक्रिया रही थी। राजीव शुक्ला ने नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद इस पूरे मसले की पृष्ठभूमि साझा की।
शुक्ला के मुताबिक यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था बल्कि पूरी बातचीत के बाद तय हुआ था। उन्होंने बताया, “हमने आपस में इस मामले पर चर्चा की और फैसला किया कि हम उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे। यह हमारा सामूहिक निर्णय था। नकवी ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। हमने अपनी टीम की को भी सूचित कर दिया था। इसके बाद और उन्होंने जिसे भी सौंपनी थी, सौंपी और फिर चले गए।”
बीसीसीआई सचिव के बयान पर उपाध्यक्ष की सहमति
राजीव शुक्ला से पूर्व बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि भारतीय दल के इस रुख से एशियन क्रिकेट काउंसिल को पहले ही अवगत करा दिया गया था। सैकिया के अनुसार सभी मौजूदा परिस्थितियों और पहलुओं का बारीकी से आकलन करने के बाद यह सोच-समझकर तय किया गया था कि भारतीय टीम मौजूदा माहौल में नकवी के हाथों ट्रॉफी वितरण समारोह में शामिल नहीं होगी।
फाइनल मुकाबले के दौरान देवजीत सैकिया और मोहसिन नकवी के बीच बातचीत करते हुए कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिनको लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। राजीव शुक्ला ने इन तस्वीरों पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए इसे एक स्वाभाविक पेशेवर मुलाकात करार दिया। शुक्ला ने सैकिया के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि मैदान पर उपस्थित लोगों के बीच सामान्य कामकाजी बातचीत होना पूरी तरह स्वाभाविक है और इस पर गैरजरूरी विवाद या आलोचना नहीं होनी चाहिए।















