इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से मिली शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में रेड बॉल फॉर्मेट के कोच को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस पूरे दौरे के दौरान टीम के कोचिंग स्टाफ में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। शुरुआती दौर में सरफराज अहमद को टेस्ट टीम के मुख्य कोच के रूप में इंग्लैंड भेजा गया था, लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट में मिली करारी शिकस्त के बाद उन्हें अचानक वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। स्थिति संभालने के लिए आनन-फानन में सीमित ओवरों के हेड कोच माइक हेसन को इंग्लैंड बुलाया गया। इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन में बदलाव नहीं आया और एजबेस्टन में खेले गए अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
टेस्ट कोचिंग की जिम्मेदारी पर माइक हेसन का बयान
एजबेस्टन में मैच खत्म होने के बाद जब माइक हेसन से टेस्ट टीम के कोच का पद स्थायी रूप से संभालने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस जिम्मेदारी पर विचार करने के संकेत दिए। हेसन ने स्वीकार किया कि हालांकि टीम की मौजूदा स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन पाकिस्तान के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय तंत्र में पर्याप्त प्रतिभा मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेस्ट टीम को दोबारा मजबूत बनाने के लिए सही दिशा, योजना और पर्याप्त समय की जरूरत होगी, और यह बदलाव एक-दो मैचों में संभव नहीं है।
रेड बॉल क्रिकेट के प्रति अपना लगाव जताते हुए माइक हेसन ने कहा, "मुझे टेस्ट क्रिकेट से प्यार है, और अगर हम सही दिशा दें तो आगे बढ़ सकते हैं।" उनका मानना है कि सही रणनीतिक मार्गदर्शन मिलने पर पाकिस्तानी खिलाड़ी टेस्ट प्रारूप में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
एशियन गेम्स पर ध्यान केंद्रित, जल्द होगी भविष्य की चर्चा
माइक हेसन ने साफ किया कि इस समय उनका पूरा ध्यान आगामी एशियन गेम्स पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दौरा खत्म होने के कारण अभी तक उन्होंने टेस्ट सेटअप को लेकर गहराई से योजना नहीं बनाई है। हालांकि, पाकिस्तान वापस लौटने के बाद क्रिकेट बोर्ड के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही टेस्ट टीम के भविष्य और कोचिंग भूमिका को लेकर औपचारिक बातचीत होगी, जिसके बाद वह इस पर अंतिम फैसला लेंगे।



















