आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला टीम की गाड़ी अचानक मुश्किल पटरी पर आ गई है। ग्रुप-ए में साउथ अफ्रीका के हाथों 6 विकेट से मिली हार ने सेमीफाइनल तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा पेचीदा बना दिया है। यही वजह है कि 25 जून को मैनचेस्टर के मैदान पर जब टीम इंडिया बांग्लादेश के सामने उतरेगी, तो यह मुकाबला उसके लिए करो या मरो जैसा होगा। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि इतिहास पूरी तरह भारत के पक्ष में खड़ा है।
प्वाइंट्स टेबल पर कहां खड़ी है टीम इंडिया
ग्रुप-ए में तीन मैच खेलने के बाद भारतीय टीम 4 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है। उसका नेट रनरेट 2.511 का है, जो अब भी मजबूत है, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं। बाकी बचे दो मुकाबलों में टीम इंडिया को पहले बांग्लादेश और फिर ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम से भिड़ना है। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ मिलने वाली एक जीत सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए बेहद जरूरी हो गई है।
हेड टू हेड में भारत का साफ दबदबा
महिला टी20 इंटरनेशनल में दोनों टीमें अब तक कुल 23 बार आमने-सामने आ चुकी हैं और इन आंकड़ों में भारत का पलड़ा साफ तौर पर भारी रहा है। इनमें से 20 मुकाबले टीम इंडिया ने अपने नाम किए हैं, जबकि सिर्फ तीन बार उसे हार झेलनी पड़ी है। बात अगर खास तौर पर महिला टी20 वर्ल्ड कप की करें, तो वहां दोनों के बीच तीन मैच खेले गए हैं और तीनों में जीत भारत के खाते में गई है। यानी वर्ल्ड कप के मंच पर भारत का रिकॉर्ड 100 फीसदी जीत का है, और टीम इसी कीर्तिमान को बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
हालांकि मैनचेस्टर का मैदान भारत के लिए थोड़ा मिलाजुला अनुभव रहा है। इस ग्राउंड पर टीम इंडिया अब तक दो टी20 मुकाबले खेल चुकी है, जिनमें से एक में जीत मिली है तो एक में हार का सामना भी करना पड़ा है।
गेंदबाजों के कंधों पर रहेगा सबसे बड़ा बोझ
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली हार की सबसे बड़ी वजह गेंदबाजों का उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाना रही। दीप्ति शर्मा, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मैच में 5 विकेट हॉल लिया था, साउथ अफ्रीका के सामने एक भी विकेट नहीं निकाल सकीं। यही कारण है कि बांग्लादेश के खिलाफ इस अहम मुकाबले में सबकी निगाहें भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी। अगर गेंदबाजी इकाई फिर लय में लौटती है, तो टीम इंडिया के लिए राह आसान हो सकती है।
इस मैच के बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया से भी दो-दो हाथ करने हैं, और वह चुनौती बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाली। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ जीत के साथ नेट रनरेट और हौसला, दोनों को मजबूत करना टीम इंडिया की प्राथमिकता होगी।













