एकता कपूर जैसी मास्टरमाइंड शख्सियत नहीं देखी, तेजस्वी प्रकाश ने खोले मनोरंजन जगत की रानी के राजशहनाज गिल का वो भावुक गाना, जिसे सुन आज भी नम हो जाती हैं सिडनाज फैंस की आंखेंअयोध्या को दीपोत्सव से पहले मिलेगी दशरथ पथ की सौगात, 418 करोड़ से ज्यादा की लागत से तैयार हो रहा फोरलेनरामायण के ट्रेलर पर फिदा हुए नागार्जुन, रणबीर और यश की अदाओं की जमकर की प्रशंसाव्हाइट हाउस के नए मुख्य वकील होंगे विल शार्फ, डोनाल्ड ट्रंप ने किया प्रशासनिक फेरबदल का ऐलानप्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर के काफिले पर केस दर्ज, नवाबगंज टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने का आरोपजब पंकज त्रिपाठी को पड़ी थीं लाठियां, कभी संजय दत्त के दीवाने थे ये दिग्गज अभिनेताराजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के नेताओं के साथ मिलकर की जवानों के लिए रक्तदान पहलनागौर के गुढ़ा जोधा में 450 साल पुरानी संत खेमदास महाराज की जीवित समाधि, आज भी अटूट है चमत्कारिक वचनों पर विश्वासअक्षय कुमार का 1994 का सुपरहिट गाना 'गोरे गोरे मुखड़े पे काला चश्मा', जिसमें कुमार सानू और अलका याज्ञनिक की आवाज ने मचाया था धमाल
भारतीय खिलाड़ियों की चोटों पर घिरे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का वीवीएस लक्ष्मण ने किया बचाव, बताया बेंगलुरु केंद्र का असल कामक्रिकेट
9 अग॰ 2026, 2:10 pm (14 घंटे पहले)· 0

भारतीय खिलाड़ियों की चोटों पर घिरे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का वीवीएस लक्ष्मण ने किया बचाव, बताया बेंगलुरु केंद्र का असल काम

टीम इंडिया में खिलाड़ियों के चोटिल होने पर उठे सवालों के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल रिहैब केंद्र नहीं है।

भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार बढ़ती खिलाड़ियों की चोटों और फिटनेस समस्याओं को लेकर सवाल उठने के बाद बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) चर्चा में आ गया है। इस मुद्दे पर सफाई देते हुए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। बेंगलुरु में आयोजित एक संवाददता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुविधा को केवल एक रिहैब केंद्र के रूप में देखना गलत है, क्योंकि इसका दायरा इससे कहीं अधिक व्यापक है।

खिलाड़ियों की चोट और निगरानी प्रणाली पर लक्ष्मण का रुख

चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि खेल में चोट लगना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि चोट खिलाड़ी के करियर का हिस्सा होता है, इसलिए मॉनिटरिंग सिस्टम बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि वे आरोप लगाने या बलि का बकरा ढूंढने की मानसिकता का समर्थन नहीं करते, क्योंकि इससे समस्या का समाधान नहीं निकलता।

ये भी पढ़ें

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का व्यापक दायरा

हाल के दिनों में राष्ट्रीय टीम के कई प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने से बोर्ड की चिकित्सा और फिटनेस प्रणाली पर दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई शीर्ष खिलाड़ी चोटों के कारण राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं या उबरने की प्रक्रिया में हैं। लक्ष्मण ने कहा कि बेंगलुरु स्थित इस केंद्र का काम सिर्फ खिलाड़ियों का रिहैबिलिटेशन कराना नहीं है, बल्कि यहां खिलाड़ियों के समग्र विकास, फिटनेस ट्रैकिंग और खेल रणनीति पर भी काम किया जाता है।

सवाल-जवाब

वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को लेकर क्या कहा?
वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक रिहैब केंद्र नहीं है और इसका काम इससे कहीं अधिक व्यापक है।
खिलाड़ियों की चोट पर लक्ष्मण का क्या नजरिया है?
लक्ष्मण के अनुसार चोट खिलाड़ी के करियर का स्वाभाविक हिस्सा है, इसलिए खिलाड़ियों की लगातार निगरानी के लिए एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम आवश्यक है।
बेंगलुरु स्थित यह प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों आयोजित की गई थी?
भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर उठ रहे सवालों के जवाब में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी।
क्या लक्ष्मण ने किसी पर आरोप लगाने की बात कही?
नहीं, लक्ष्मण ने स्पष्ट किया कि वे बलि का बकरा ढूंढने या किसी पर आरोप लगाने की मानसिकता में विश्वास नहीं रखते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR