भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ में एक नया मोड़ सामने आ रहा है। लंबे समय से खिलाड़ियों की फील्डिंग को निखारने वाले टी दिलीप का कार्यकाल खत्म होने के कगार पर है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उनके मौजूदा अनुबंध को आगे न बढ़ाने का मन बना लिया है, जिसके बाद टीम इंडिया के इस मुख्य सपोर्ट स्टाफ सदस्य का कार्यकाल अब समाप्त माना जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब भारतीय टीम प्रबंधन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आगे की रणनीतियों को नया रूप देने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
सपोर्ट स्टाफ में बदलाव का दूसरा बड़ा झटका
टी दिलीप का जाना सपोर्ट स्टाफ के भीतर हाल ही में हुआ अकेला बदलाव नहीं है। इससे पहले टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रायन टेन डेस्काथे ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। रायन टेन डेस्काथे ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड को सूचित कर दिया था कि वह राष्ट्रीय टीम के साथ अपनी भूमिका को समाप्त कर रहे हैं। वह अब इंडियन प्रीमियर लीग की एक फ्रेंचाइजी टीम के साथ नई भूमिका में नजर आने वाले हैं। बोर्ड जल्द ही खाली पड़े असिस्टेंट कोच पद के लिए नई नियुक्ति का औपचारिक ऐलान कर सकता है।
2021 में शुरू हुआ था टी दिलीप का सफर
टी दिलीप ने साल 2021 में भारतीय टीम के फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने आर श्रीधर का स्थान लिया था, जिन्होंने लंबे समय तक इस पद पर कार्य किया था। उस दौरान टी दिलीप को तत्कालीन मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाले कोचिंग दल में शामिल किया गया था। इस नए सपोर्ट स्टाफ ढांचे में उनके साथ गेंदबाजी कोच के रूप में पारस म्हाम्ब्रे और बल्लेबाजी कोच के रूप में विक्रम राठौर भी जोड़े गए थे।
दिलीप की मूल नियुक्ति का समय मई 2025 तक निर्धारित किया गया था। हालांकि, पिछले वर्ष बोर्ड ने उनके अनुबंध में एक अस्थायी विस्तार दिया था, जिसकी वजह से वह इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय खिलाड़ियों के साथ यात्रा कर सके थे। उस अस्थायी विस्तार की अवधि समाप्त होने के साथ ही बोर्ड ने अनुबंध को स्थायी या दीर्घकालिक रूप से आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है।
कैचिंग, फिटनेस और 'फील्डिंग मेडल' की नई परंपरा
टी दिलीप के कार्यकाल में भारतीय खिलाड़ियों की ग्राउंड फील्डिंग और कैचिंग क्षमता में स्पष्ट बदलाव देखा गया। उन्होंने खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर और मैदान पर सतर्कता को बढ़ाने के लिए कई आधुनिक अभ्यास तकनीकों का प्रयोग किया। ड्रेसिंग रूम में मैच के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को 'फील्डिंग मेडल' देने का रिवाज भी उन्हीं की देन था। इस पहल ने टीम के भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को जन्म दिया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नए कोच का इंतजार और आगामी श्रीलंका दौरा
हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड की तरफ से टी दिलीप की विदाई या उनके विकल्प की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन अनुबंध न बढ़ाए जाने के कदम से यह तय है कि बहुत जल्द टीम इंडिया को नया फील्डिंग कोच मिल जाएगा। इस समय भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों से विश्राम पर हैं। टीम इंडिया 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के जरिए मैदान पर वापसी करेगी, जहां नए कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन में टीम के खेलने की उम्मीद जताई जा रही है।



















