अजीत अगरकर इस समय भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की मुख्य चयन समिति के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में वे अक्सर अपने फैसलों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतने के तुरंत बाद सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम की कप्तानी से हटाने और टीम से बाहर करने के फैसले पर अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। लेकिन प्रशासनिक भूमिका से इतर, एक क्रिकेटर के रूप में भी अजीत अगरकर का करियर कई रोचक आंकड़ों से भरा रहा है। अपने खेल के दिनों में उपयोगी गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले इस ऑलराउंडर के नाम टेस्ट क्रिकेट का एक ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे कम ही लोग जानते हैं।
1998 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत
अजीत अगरकर ने साल 1998 में भारत के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपना पहला वनडे मुकाबला मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। वनडे में अपनी छाप छोड़ने के बाद उसी साल अक्टूबर 1998 में उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भी डेब्यू करने का मौका मिला। करियर की शुरुआती सफलताओं के बीच, साल 1999 के आखिर में उनके बल्ले पर ऐसा ग्रहण लगा जो अगले साल की शुरुआत तक कायम रहा। इस दौरान वे लगातार पांच टेस्ट पारियों में एक भी रन बनाने में नाकाम रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बना था लगातार पांच बार शून्य पर आउट होने का सिलसिला
यह वाकया दिसंबर 1999 में भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान शुरू हुआ था। 10 दिसंबर 1999 से एडीलेड में खेले गए टेस्ट मैच की एक पारी में अजीत अगरकर शून्य पर आउट हो गए। इसके बाद अगला मुकाबला मेलबर्न में खेला गया, जहां वे मैच की दोनों पारियों में बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। खराब फॉर्म का यह सिलसिला सिडनी में आयोजित अगले टेस्ट में भी जारी रहा, जहां एक बार फिर वे दोनों पारियों में शून्य पर आउट हुए। 2 जनवरी 2000 तक चले इस सिलसिले के दौरान उनके बल्ले से एक भी रन नहीं निकला और लगातार पांच टेस्ट पारियों में शून्य पर आउट होने का यह अनचाहा रिकॉर्ड बन गया।
भारतीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड की स्थिति
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई गेंदबाज और बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए हैं, लेकिन लगातार पांच पारियों में खाता न खोल पाने वाले अजीत अगरकर अकेले भारतीय खिलाड़ी हैं। भारत के पंकज रॉय, रमाकांत देसाई और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के नाम लगातार चार टेस्ट पारियों में शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है, पर वे अगरकर के पांच के आंकड़े तक नहीं पहुंचे। वहीं अगर वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो पूरे टेस्ट इतिहास में केवल तीन ही ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिनके नाम लगातार पांच पारियों में शून्य दर्ज है। इसमें भारत के अजीत अगरकर के अलावा ऑस्ट्रेलिया के बॉब हॉलैंड और पाकिस्तान के मोहम्मद आसिफ का नाम शामिल है।
अजीत अगरकर के करियर के मुख्य आंकड़े
भारतीय टीम के लिए अजीत अगरकर ने कुल 23 टेस्ट मैच खेले हैं। इसके अलावा उन्होंने 191 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। छोटे फॉर्मेट में अगरकर ने भारत के लिए 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले। उन्होंने अपना टी20 डेब्यू साल 2006 में किया था और साल 2007 में इस फॉर्मेट में अपना अंतिम मैच खेला। प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की बात करें तो चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने अपना आखिरी मुकाबला साल 2018 में एक टी20 लीग के दौरान खेला था।



















