हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने बल्लेबाजों के सामूहिक और आक्रामक प्रदर्शन के बूते मेजबान दल को एकतरफा मुकाबले में 84 रनों से पराजित कर दिया। पहले मुकाबले में मामूली स्कोर पर लौटने के बाद ओपनर ट्रेविस हेड ने दूसरे मैच में जबर्दस्त वापसी करते हुए मेजबान गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। इस धमाकेदार जीत के साथ ही मेहमानों ने तीन मुकाबलों की एकदिवसीय श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बनाकर ट्रॉफी पर अपना कब्जा पक्का कर लिया है। निर्धारित पचास ओवरों में खड़ा किया गया 356 रनों का विशाल स्कोर जिम्बाब्वे के विरुद्ध पचास ओवर के क्रिकेट प्रारूप में ऑस्ट्रेलिया का अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बन चुका है।
टॉस का निर्णय पड़ा उलटा और शुरू हुआ रनों का तूफान
मुकाबले की शुरुआत में सिक्के की बाजी मेजबान कप्तान सिकंदर रजा के पक्ष में गई। उन्होंने पिच के मिजाज को भांपते हुए मेहमानों को पहले क्रीज पर आमंत्रित करने का जोखिम उठाया, लेकिन यह फैसला उनकी टीम के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हुआ। पहले ही ओवर से कंगारू बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपना लिया और विरोधी गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो गए। निर्धारित पचास ओवरों के समाप्त होने तक मेहमान टीम ने छह विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 356 रन टांग दिए, जिसने मुकाबले का रुख तय कर दिया।
ओपनर का तूफानी शतक और सबसे तेज सैकड़े का कीर्तिमान
इस बड़े स्कोर की ठोस बुनियाद 32 वर्षीय खब्बू ओपनर ट्रेविस हेड ने रखी, जो एडिलेड से आते हैं और पिछले मुकाबले में केवल चार रन पर आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। उन्होंने क्रीज पर कदम रखते ही बाउंड्री की झड़ी लगा दी और मात्र 84 गेंदों पर 15 चौकों तथा 3 छक्कों की मदद से 112 रनों की आकर्षक शतकीय पारी खेली। इस दौरान उन्होंने महज 75 गेंदों में सैकड़ा पूरा कर लिया, जो इस प्रारूप में जिम्बाब्वे के खिलाफ किसी भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का सबसे तेज शतक दर्ज हुआ। उन्होंने अपनी टीम को 190 रनों के मजबूत स्तर तक पहुंचाया। अंततः वेस्ली मधेवेरे की गेंद पर शॉट कवर के ऊपर से हवाई शॉट खेलने के चक्कर में वे स्थानापन्न फील्डर रयान बर्ल के हाथों लपके गए।
मध्यक्रम में कप्तानी पारी और अर्धशतकों का योगदान
सलामी बल्लेबाज के लौटने के बाद भी रनों की गति धीमी नहीं पड़ी। लगातार दो मुकाबलों में अर्धशतक जड़ने वाले युवा बल्लेबाज कूपर कॉनोली ने 69 गेंदों पर 78 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कॉनोली का संघर्ष ब्रैड इवांस की गेंद पर टॉप एज लगकर शॉर्ट फाइन लेग पर ब्रेंडन टेलर द्वारा कैच लिए जाने से समाप्त हुआ। दूसरी तरफ, कप्तान मिचेल मार्श ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन साधते हुए 53 रन जोड़े, जिसमें उन्होंने भी 3 चौके और 3 छक्के ठोके। मार्श को वेलिंगटन मसाकाद्जा ने क्लीन बोल्ड कर दिया।
अंतिम ओवरों में 19 वर्षीय युवा का विध्वंसक रुख
पारी के अंतिम पड़ाव में 19 साल के ऑलिवर पीक ने आते ही विस्फोटक रूप धारण कर लिया। उन्होंने मात्र 18 गेंदों में 41 रन कूट दिए। पारी के पचासवें ओवर में, जिसे ब्रैड इवांस फेंक रहे थे, पीक ने तीन गगनचुंबी छक्के जड़ते हुए अकेले उस ओवर से 24 रन बटोर लिए। इसी तेजतर्रार बल्लेबाजी के कारण मेहमान टीम 356 के विशाल आंकड़े तक पहुंच सकी।
लक्ष्य के दबाव में लड़खड़ाई मेजबान टीम
जीत के लिए 357 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम के सामने रन गति को बनाए रखना शुरू से ही बड़ी चुनौती बन गया। मेहमान गेंदबाजों की नपी-तुली गेंदों के कारण जिम्बाब्वे के बल्लेबाज लगातार दबाव में दिखे। टीम की ओर से छठे नंबर पर उतरे 40 वर्षीय कप्तान सिकंदर रजा ने सर्वाधिक 45 रन जोड़े, जिसमें उन्होंने 5 चौके लगाए। हालांकि, कॉनोली की गेंद पर सीमा रेखा पार कराने के चक्कर में वे लॉन्ग ऑफ पर मैट रेनशॉ को आसान कैच दे बैठे।
अंतिम मुकाबले और आगामी दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी
मेजबान टीम के अन्य बल्लेबाजों को शुरुआत तो मिली, लेकिन वे अपनी पारियों को जीत दिलाने वाले बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। पूरी टीम 48.3 ओवरों में 272 रन बनाकर ढेर हो गई। दोनों टीमों के बीच इस दौरे का तीसरा और अंतिम मुकाबला रविवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा, जहां मेहमान टीम श्रृंखला में 3-0 से सूपड़ा साफ करने के इरादे से उतरेगी। इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलियाई दल दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएगा, जहां 24 सितंबर से तीन एकदिवसीय और उसके उपरांत तीन टेस्ट मैचों की लंबी श्रृंखला खेली जाएगी।



















