जापान में आयोजित एशियाई खेलों में शिरकत करने के लिए रवाना होने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को अपनी यात्रा से ठीक पहले दोहरी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा है। राष्ट्रीय राजधानी से रविवार तड़के जापान के लिए उड़ान भरने वाली टीम के कई खिलाड़ियों को रवानगी के वक्त तक सही नाप की आधिकारिक पोशाक नहीं मिल सकी थी। इसके अलावा जापान के नागोया शहर में खिलाड़ियों के ठहरने के लिए मिले कमरों की खराब स्थिति को देखते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड को आनन-फानन में अपने खर्चे पर अलग होटल का प्रबंध करना पड़ा।
पोशाक के नाप को लेकर फंसा पेंच, बातचीत के बाद शुरू हुआ समाधान
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय दल रविवार की सुबह अपनी यात्रा शुरू करने की तैयारी में जुटा था, लेकिन खिलाड़ियों की जर्सी के साइज को लेकर आखिरी पलों तक असमंजस की स्थिति बनी रही। आधिकारिक पोशाक के उचित नाप न होने की शिकायत के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड और भारतीय ओलंपिक संघ के आधिकारिक किट प्रदाता जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच सीधी चर्चा हुई। इस समस्या के चलते खिलाड़ियों को यात्रा से ऐन पहले तक अपनी किट का इंतजार करना पड़ा।
भारतीय ओलंपिक संघ से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक कपड़ों के साइज में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थीं, जिनमें से ज्यादातर का समाधान कर लिया गया है। कुछ बची हुई पोशाकों को जल्द से जल्द खिलाड़ियों तक पहुंचाया जा रहा है। इस दौरे के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को दो अलग-अलग तरह की पोशाकों की आवश्यकता होगी। भारतीय टीम 22 सितंबर को जापान के खिलाफ खेले जाने वाले एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी नियमित मानक पोशाक पहनेगी, जबकि 28 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों के मुख्य क्रिकेट मुकाबलों के दौरान दल अपनी आधिकारिक बहु-खेल पोशाक में मैदान पर उतरेगा।
नागोया में कमरों का छोटा आकार, बोर्ड ने निजी स्तर पर जुटाया आवास
पोशाक के विवाद के अलावा जापान पहुंचने के बाद खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था भी एक बड़ा सिरदर्द साबित हुई। नागोया में आयोजकों की तरफ से अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास आवंटन में हो रहे लंबे विलंब और बेहद संकीर्ण व्यवस्था को देखते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्तर पर दखल दिया। आयोजकों ने पुरुष क्रिकेट टीम के लिए जो कमरे मुहैया कराए थे, वे इतने छोटे थे कि उनमें खिलाड़ियों के बड़े क्रिकेट किट बैग रखने तक की जगह नहीं बन पा रही थी।
नागोया में बड़े होटलों की सीमित उपलब्धता के बावजूद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की रवानगी से ठीक पहले खुद ही अलग होटलों में कमरे बुक करने का फैसला किया ताकि टीम को वहां पहुंचकर परेशानी न उठानी पड़े। वहीं दूसरी ओर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मामले में इस तरह की कोई बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई और महिला खिलाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ की तरफ से पहले से तय किए गए आवास में सुचारू रूप से रह रही हैं।
खेल गांव का अभाव और अस्थायी व्यवस्था में जूझते एथलीट
इस बार एशियाई खेलों के आयोजन में एक अलग ही संकट दिखाई दे रहा है, क्योंकि मेजबान शहर में पारंपरिक खेल गांव का निर्माण नहीं किया गया है। प्रतिभागियों को ठहराने के लिए होटलों के अलावा क्रूज जहाजों और विशेष कंटेनरों का सहारा लिया जा रहा है। इस विकेंद्रीकृत व्यवस्था के कारण खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे कई खिलाड़ियों को अपने कमरों में दाखिल होने से पहले घंटों तक लंबा इंतजार करना पड़ा है, जिसके चलते दलों के बीच भारी असुविधा देखी जा रही है।


















