भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक और विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी कला से हर किसी को प्रभावित किया है। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी को लेकर इन दिनों खेल जगत में खूब चर्चा हो रही है। हालांकि उन्होंने अभी तक केवल टी20 प्रारूप में ही भारत के लिए मैच खेला है, लेकिन उनके वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी जल्द उतरने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। आने वाले समय में वह घरेलू लाल गेंद के टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरते नजर आएंगे। खुद वैभव ने भी यह इच्छा जताई है कि वह आने वाले दिनों में भारत के लिए टेस्ट जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना चाहते हैं।
टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियां और ब्रायन लारा का महारिकॉर्ड
लाल गेंद के फॉर्मेट में खुद को स्थापित करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता है, और वैभव के लिए भी यह सफर चुनौतियों से भरा होगा। वह सीमित ओवरों के जिस भी टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं, वहां कोई न कोई नया कीर्तिमान स्थापित कर देते हैं या पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर देते हैं। ऐसे में यदि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने का मौका मिलता है, तो उनके निशाने पर वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा का वह ऐतिहासिक रिकॉर्ड होगा जो पिछले 22 साल से अटूट बना हुआ है। इस महान उपलब्धि को अपने नाम करने के लिए पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर के दौरान कई बार भरपूर प्रयास किए, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके। अब क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि वैभव सूर्यवंशी में वह अद्भुत क्षमता और प्रतिभा है जो लारा के उस सबसे बड़े टेस्ट रिकॉर्ड को तोड़ सकती है।



















