जब जहाज उड़ाने का कौशल आपके पास हो, तो फिर मैदान पर छोटी गेंद को हवा में भेजना बहुत आसान लगने लगता है। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स, जो एक पेशेवर पायलट भी हैं, भारतीय गेंदबाजों की गेंदों को जिस प्रकार मैदान के बाहर भेज रहे थे, उसे देखकर खेल प्रेमियों के लिए यह कहना लाजिमी हो गया कि यह खिलाड़ी अकेले ही भारतीय टीम पर भारी पड़ रहा है। इस श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी ग्लेन फिलिप्स ने आक्रामक बल्लेबाजी का नजारा पेश किया था, लेकिन यह दूसरी पारी कई मायनों में बेहद खास और यादगार बन गई।
शानदार शॉट्स और बेहतरीन फॉर्म
अर्शदीप सिंह की गेंद पर जिस अंदाज में पैर हटाकर ग्लेन फिलिप्स ने मिडविकेट की दिशा में छक्का जड़ा, उससे यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि वह वर्तमान में कीवी टीम के सबसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज हैं। श्रृंखला के पहले मैच में भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर लगाया गया वह छक्का भी खेल प्रेमियों को लंबे समय तक याद रहेगा, लेकिन इस दूसरे मुकाबले में उनकी जुझारू और समझदारी भरी पारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
शुरुआती झटकों के बाद पारी को संभाला
पारी के शुरुआती छह ओवरों में ही तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और टीम का स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 41 रन ही था, जब ग्लेन फिलिप्स ने मैदान पर कदम रखा। इस मैच की परिस्थितियां पहले मुकाबले से बिल्कुल अलग थीं और शुरुआती दौर में बड़े शॉट्स खेलने की अनुमति नहीं दे रही थीं। ग्लेन फिलिप्स ने यह साबित कर दिया कि वह किसी विमान की तरह पहले रनवे पर अपनी पारी को धीरे-धीरे दौड़ाएंगे और जैसे ही स्थिति संभलेगी, गेंदों को हवा में उड़ाना शुरू कर देंगे। अपनी इस रणनीति को अमलीजामा पहनाने में वह पूरी तरह सफल भी रहे।
संयम से आक्रामकता तक का सफर
शुरुआत में उनकी बल्लेबाजी बेहद संयमित रही, लेकिन क्रीज पर टिकने के बाद जब ग्लेन फिलिप्स ने हाथ खोले, तो उन्हें रोकना गेंदबाजों के लिए नामुमकिन हो गया। महज 35 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा करने वाले इस बल्लेबाज ने अपनी इस पारी के दौरान तीन गगनचुंबी छक्के जड़े। कुल 43 गेंदों पर 70 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद जब ग्लेन फिलिप्स आउट होकर पवेलियन लौटे, तो उनके चेहरे पर अपनी टीम की लाज बचाने का साफ सुकून दिखाई दे रहा था।
संकट मोचक साझेदारी और बेवोन जैकब्स का साथ
जब ग्लेन फिलिप्स बल्लेबाजी करने के लिए क्रीज पर उतरे, तो उनके भरोसेमंद साथी बेवोन जैकब्स पहले से ही वहां मौजूद थे। दोनों बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में साझेदारी को आगे बढ़ाया, उसे देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो उन्होंने अपनी पिछली पारी वहीं से शुरू की हो जहां पहले मैच में छोड़ी थी। इससे पहले श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी बेवोन जैकब्स और ग्लेन फिलिप्स के बीच 73 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई थी, जिसे इस दूसरे मैच में दोनों ने और अधिक विस्तार देते हुए एक बड़े स्कोर में बदल दिया।
शतकीय साझेदारी से टीम को उबारा
इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर न्यूजीलैंड की टीम को शुरुआती संकट से पूरी तरह बाहर निकाला और चौथे विकेट के लिए 116 रनों की एक मजबूत शतकीय साझेदारी को अंजाम दिया। इस शानदार साझेदारी के दौरान बेवोन जैकब्स ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए 40 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। श्रृंखला के पहले मैच में बेवोन जैकब्स द्वारा लगाया गया 96 मीटर लंबा छक्का खासा सुर्खियों में रहा था, और इस बार उन्होंने अपनी सूझबूझ भरी और जिम्मेदार बल्लेबाजी के दम पर दर्शकों की वाहवाही बटोरी।

















