दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर बांग्लादेश ए टीम के कप्तान तौहीद हृदय ने लाल गेंद वाले प्रारूप में ऐसा अभूतपूर्व कारनामा रचा है जो हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। पोचेफस्ट्रूम स्थित सेनवेस पार्क के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका ए के विरुद्ध आयोजित दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के चौथे दिन तौहीद ने मेजबान गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए 350 रनों की विशाल नाबाद पारी खेली। किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी द्वारा बेगाना देश में रेड-बॉल क्रिकेट में यह अब तक का पहला तिहरा शतक है। इस बेमिसाल प्रदर्शन से उन्होंने न केवल अपनी टीम को मैच में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि आगामी दौरों के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान भी मजबूती से अपनी तरफ आकर्षित किया है।
पोचेफस्ट्रूम में 481 गेंदों का सामना कर रचा 350* रनों का इतिहास
बांग्लादेशी कप्तान की यह ऐतिहासिक पारी धैर्य, अटूट एकाग्रता और दर्शनीय बल्लेबाजी की मिसाल रही। कुल 481 गेंदें खेलकर तौहीद 350 रन बनाकर अंत तक अविजित रहे। अपनी इस लंबी और जुझारू पारी के दौरान उन्होंने 27 चौके और 10 लंबे छक्के जमाए। मैदान के हर कोने में रन बनाते हुए उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को बेबस कर दिया। उनकी इस धुआंधार बल्लेबाजी के बल पर बांग्लादेश ए ने 8 विकेट खोकर 676 रनों पर अपनी पहली पारी घोषित करने का फैसला किया। इसके साथ ही यह बांग्लादेशी प्रथम श्रेणी इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बन गया।
विदेशी मैदानों पर तिहरे शतक के इस शिखर तक पहुंचने वाले तौहीद अपने देश के इकलौते बल्लेबाज हैं। अगर बांग्लादेशी रेड-बॉल इतिहास की बात करें तो 300 रनों का आंकड़ा पार करने वाले वह कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले जिन दो बल्लेबाजों ने यह मुकाम हासिल किया था, उन्होंने अपनी वे उपलब्धियां स्वदेश में ही दर्ज की थीं।
तमीम इकबाल तथा रकीबुल हसन के पुराने कीर्तिमान पीछे छूटे
तौहीद हृदय के इस 350 रनों के विशाल स्कोर ने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल के सालों पुराने सर्वोच्च रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। तमीम ने वर्ष 2020 के दौरान ढाका के मैदान पर 334 रन बनाए थे, जो उस समय तक किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी का प्रथम श्रेणी में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था। तौहीद ने अब उस आंकड़े को पीछे धकेलते हुए नया मुकाम बना दिया है।
बांग्लादेश के क्रिकेट इतिहास में सबसे पहला तिहरा शतक जड़ने की उपलब्धि रकीबुल हसन के नाम दर्ज है। रकीबुल ने तमीम की उस पारी से 13 वर्ष पूर्व यानी 2007 में 313 रनों का स्कोर खड़ा किया था। रकीबुल तथा तमीम दोनों की वे पारियां घरेलू पिचों की परिस्थितियों के बीच बनी थीं। इसके विपरीत तौहीद ने दक्षिण अफ्रीकी मैदानों की तेज गति और अतिरिक्त उछाल से निपटते हुए बेगाना सरजमीं पर यह नया इतिहास रचा है।
तीसरे दिन के संकट के बाद नौवें विकेट की 157 रनों की अटूट पार्टनरशिप
इस मुकाबले के तीसरे दिन की समाप्ति पर मेहमान टीम संघर्ष कर रही थी। उस समय तौहीद 339 बॉल खेलकर 204 रन पर नाबाद थे। इसके बावजूद बांग्लादेश ए की टीम मेजबान टीम के पहली पारी के 512 रनों के कुल आंकड़े से 41 रन पीछे थी और 6 बल्लेबाज आउट हो चुके थे।
चौथे दिन के शुरुआती सत्र में मेहमान टीम को करारे झटके लगे। नईम हसन के साथ हसन मुराद बिना कोई खास स्कोर जुटाए पवेलियन लौट गए। 8 विकेट गिर जाने पर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मेजबान टीम बांग्लादेश ए को पहली पारी में बढ़त हासिल करने से रोक लेगी। मगर इसके बाद मुशफिक हसन ने क्रीज पर आकर तौहीद का बखूबी साथ निभाया।
मुशफिक हसन ने एक छोर मजबूती से संभाला और कप्तान को खुलकर बड़े शॉट खेलने की छूट दी। दोनों बल्लेबाजों ने 9वें विकेट के वास्ते 157 रनों की अविजित पार्टनरशिप निभाई। इस महत्वपूर्ण साझेदारी से बांग्लादेश ए ने न केवल संकट को टाला, बल्कि मेजबान टीम पर 164 रनों की ठोस बढ़त भी हासिल कर ली।
हरारे टेस्ट डेब्यू की विफलता के बाद शानदार वापसी
हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मुख्य राष्ट्रीय टीम में न चुने जाने वाले तौहीद के वास्ते यह मैराथन पारी अपनी काबिलियत सिद्ध करने का बड़ा जरिया रही। वर्ष 2026 के जून महीने में हरारे के मैदान पर जिम्बाब्वे के विरुद्ध खेले गए इकलौते टेस्ट में उनका पदार्पण बेहद खराब रहा था। उस मैच की प्रथम पारी में 16 गेंद खेलकर केवल 3 रन बने थे, वहीं दूसरी पारी में 17 गेंदे खेलकर 9 रन ही आ सके थे।
उस टेस्ट में बांग्लादेशी टीम पहली पारी में 140 और दूसरी पारी में 185 पर सिमट गई थी, जिससे टीम को एक पारी और 85 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस असफलता और ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर रखे जाने के बाद तौहीद ने कठिन अभ्यास किया और अब पोचेफस्ट्रूम में 350* रन बनाकर आलोचकों को जवाब दिया।
सीनियर टीम में वापसी की राह और आगामी दक्षिण अफ्रीका दौरा
दक्षिण अफ्रीका ए के विरुद्ध खेली गई तौहीद की इस 350 रनों की पारी ने सीनियर राष्ट्रीय टीम में उनके पुनः प्रवेश का रास्ता साफ किया है। यह प्रदर्शन ऐसे समय आया जब ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर वरिष्ठ मध्यक्रम बल्लेबाज लिटन दास 3 पारियों में बिना कोई रन बनाए आउट हुए थे।
बांग्लादेश की मुख्य राष्ट्रीय टीम को इसी वर्ष नवंबर 2026 में दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में हिस्सा लेना है। शुरुआती मुकाबला जोहान्सबर्ग शहर में तथा दूसरा टेस्ट सेंचुरियन के मैदान पर निर्धारित है। दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर तौहीद का यह तिहरा शतक चयनकर्ताओं के लिए स्पष्ट संकेत है कि वह आगामी सीरीज में राष्ट्रीय टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।



















