महिला टी20 एशिया कप के मुकाबले में भारत ने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हर मोर्चे पर पस्त कर दिया। पहले गेंदबाजों ने पाकिस्तानी पारी को महज 55 रन पर समेट दिया, फिर बल्लेबाजों ने महज नौ ओवर में तीन विकेट खोकर मामूली लक्ष्य हासिल कर लिया। लेकिन मैच की असली सुर्खियां बटोरीं ओपनर शेफाली वर्मा ने, जिन्हें क्रिकेट जगत 'लेडी सहवाग' के नाम से जानता है। वह भले ही सस्ते में आउट हो गईं, लेकिन पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर उन्होंने ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, जिसे अब तक कोई दूसरी बल्लेबाज दोहरा नहीं पाई है।
मैच में क्या हुआ
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान के महज 55 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए भारत की तरफ से पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने की। शेफाली के सामने गेंदबाज सादिया इकबाल थीं, और उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर लॉन्ग ऑफ के ऊपर से गेंद को मैदान के बाहर पहुंचा दिया। इसके बाद शेफाली ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक पाईं और जल्दी ही पवेलियन लौट गईं, लेकिन तब तक वह इतिहास रच चुकी थीं। भारत ने इस छोटे से लक्ष्य को नौवें ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।
यह कारनामा दूसरी बार करने वाली अकेली बल्लेबाज
शेफाली वर्मा के लिए यह पहला मौका नहीं था। महिला टी20 इंटरनेशनल में पारी की पहली गेंद पर छक्का जड़ने का यह कमाल उन्होंने अब दूसरी बार किया है, और दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही बार निशाना पाकिस्तान की टीम रही और दोनों ही बार गेंद सादिया इकबाल की ही थी। इसी के साथ शेफाली दुनिया की पहली ऐसी बल्लेबाज बन गई हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि दो बार अपने नाम दर्ज कराई है।
सिर्फ दो और बल्लेबाजों के नाम है यह उपलब्धि
महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में शेफाली वर्मा के अलावा सिर्फ दो बल्लेबाज ऐसी हैं, जिन्होंने पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया है, आयरलैंड की एमी हंटर और पापुआ न्यू गिनी की होलान डोरिगा। लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों ने यह कमाल सिर्फ एक-एक बार ही दिखाया है। एमी हंटर ने साल 2025 में यह उपलब्धि हासिल करते हुए सबसे पहले यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। यानी शेफाली अब तक की अकेली ऐसी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इस कारनामे को दोहराया है।
सबसे युवा उम्र में 3000 टी20 इंटरनेशनल रन
इस मैच में शेफाली वर्मा ने 6 गेंदों में 12 रन बनाए, जिससे उनका महिला टी20 इंटरनेशनल करियर का कुल स्कोर 3000 रन के पार पहुंच गया। इसी उपलब्धि के साथ वह यह आंकड़ा छूने वाली दुनिया की सबसे युवा बल्लेबाज बन गईं। शेफाली ने महज 22 साल और 220 दिन की उम्र में यह मुकाम हासिल किया, और इस दौरान उन्होंने आयरलैंड की गैबी लेविस का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गैबी लेविस ने 24 साल और 347 दिन की उम्र में 3000 रन पूरे किए थे। इस सूची में भारत की स्मृति मंधाना चौथे स्थान पर हैं, जिन्होंने 27 साल और 171 दिन की उम्र में 3000 टी20 इंटरनेशनल रन का आंकड़ा पूरा किया था।



















