बेंगलुरु में चल रहे दलीप ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन ईस्ट जोन की टीम ने शुरुआती लड़खड़ाने के बाद शानदार वापसी की। सुदीप घरामी ने अपनी बेहतरीन घरेलू फॉर्म का सिलसिला जारी रखते हुए पहले दिन के खेल में 146 रनों की आकर्षक शतकीय पारी खेली। दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन ने छह विकेट के नुकसान पर 355 रन का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया है। घरामी को क्रीज पर शाहबाज अहमद का बेहतरीन साथ मिला और दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर छठे विकेट के लिए 150 रनों की एक महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने ईस्ट जोन को पांच विकेट पर 138 रन की बेहद नाजुक स्थिति से पूरी तरह बाहर निकाल लिया। दिन का खेल खत्म होने पर शाहबाज 100 रन बनाकर नाबाद लौटे।
मुकाबले की शुरुआत ईस्ट जोन के लिए अच्छी नहीं रही और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने पारी की शुरुआत में मिडविकेट के ऊपर से एक बेहतरीन शॉट और कवर ड्राइव लगाकर अपने इरादे साफ किए थे, लेकिन मणिपुर के गेंदबाज बिश्वरजीत कोंथौजाम की गेंद पर कट शॉट खेलने के प्रयास में वह गली में कैच थाम बैठे। उनके अलावा अभिमन्यु ईश्वरन भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और मात्र 15 रन बनाकर मध्यम गति के गेंदबाज जोतिन सिंह की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
शुरुआती झटकों के बाद कुमार कुशाग्र और सुदीप घरामी ने मोर्चा संभाला और तीसरे विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी की। कुशाग्र ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 65 गेंदों का सामना किया और नौ चौकों की मदद से 55 रन बनाए। वह काफी अच्छी लय में दिख रहे थे, जबकि घरामी ने दूसरे छोर से समझदारी दिखाते हुए पारी को आगे बढ़ाया और रन गति को नियंत्रित रखा। हालांकि, कुशाग्र के आउट होते ही ईस्ट जोन को एक बार फिर झटके लगे और विकेटों के पतन का सिलसिला शुरू हो गया। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज ईशान किशन और विराट सिंह भी सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे और जल्दी ही पवेलियन लौट गए, जिससे टीम संकट में घिर गई थी।
इसके बाद सुदीप घरामी और शाहबाज अहमद ने मिलकर पारी को संभाला और नॉर्थ जोन के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। पिछले साल घरेलू क्रिकेट में 795 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे पायदान पर रहे घरामी ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने लेग साइड पर आने वाली गेंदों को आसानी से बाउंड्री के पार पहुंचाया और ऑफ साइड में भी लगातार खाली जगहों की तलाश कर रन बटोरे। इसी शानदार बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर का नौवां शतक भी पूरा कर लिया।
घरामी ने अपनी शानदार पारी के दौरान 185 गेंदों का सामना किया और 25 चौके तथा एक छक्का लगाया। वहीं दूसरी ओर, शाहबाज अहमद ने भी सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 137 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के जड़े। नॉर्थ जोन के गेंदबाजी आक्रमण में अनुभव की थोड़ी कमी नजर आई, जिसका पूरा फायदा ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उठाया। घरामी के आउट होने तक टीम पूरी तरह मजबूत स्थिति में आ चुकी थी। इसके बाद शाहबाज ने अनुकूल रॉय के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 67 रनों की और साझेदारी जोड़ी, जिससे टीम की पहली पारी में 450 से अधिक रन बनाने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं।



















