बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर नया इतिहास रचते हुए पहले टेस्ट मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट के बड़े अंतर से पराजित कर दिया है। डार्विन के मैदान पर खेले गए इस यादगार मुकाबले में बांग्लादेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर है जब बांग्लादेश की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया है। ओवरऑल टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश की यह सिर्फ दूसरी जीत है। इससे पहले बांग्लादेश ने साल 2017 में ढाका टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। इस ऐतिहासिक मुकाबले में बांग्लादेशी गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों ने ही एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
चौथी पारी में 57 रनों का लक्ष्य और शांत शुरुआत
मुकाबले के चौथे दिन बांग्लादेश को जीत हासिल करने के लिए महज 57 रनों का छोटा सा लक्ष्य मिला था। इस आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेशी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही, क्योंकि पहली पारी में शानदार शतक जमाने वाले सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम दूसरी पारी में बिना कोई रन बनाए शून्य पर आउट हो गए। शुरुआती झटका लगने के बावजूद बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने अपना धैर्य नहीं खोया और बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। शादमान इस्लाम ने नाबाद 25 रन और मोमीनुल हक ने नाबाद 30 रनों की संयमित पारियां खेलकर 14.2 ओवर में ही टीम को 9 विकेट से जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ने सीरीज की धमाकेदार शुरुआत की है।
पहली पारी में 228 रनों की विशाल बढ़त बनी जीत का आधार
इस मुकाबले में बांग्लादेश की जीत की पटकथा पहली पारी में ही लिखी जा चुकी थी, जब उसने ऑस्ट्रेलिया पर 228 रनों की भारी-भरकम बढ़त हासिल की थी। मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में महज 198 रनों पर ढेर हो गई थी। इसके जवाब में बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में बोर्ड पर 426 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था। बांग्लादेश के लिए पहली पारी में तंजीद हसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 101 रनों की शतकीय पारी खेली। इसके अलावा कप्तान नजमुल हसन शंटो ने 84 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। निचले और मध्यक्रम में मेहदी हसन मिराज ने 65 रन और मोमीनुल हक ने 49 रन बनाकर टीम को 400 के पार पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए जोश हेजलवुड सबसे सफल रहे, जिन्होंने कुल 6 विकेट चटकाए।
कैमरून ग्रीन की शतकीय लड़ाई से टला पारी का संकट
पहली पारी में 228 रनों से पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम का शीर्ष क्रम एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। हालांकि, ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन ने एक छोर संभाले रखा और बेहतरीन जुझारूपन दिखाते हुए 104 रनों की शतकीय पारी खेली। कैमरून ग्रीन के इस जुझारू शतक की बदौलत ही ऑस्ट्रेलियाई टीम पारी की हार से बचने में सफल रही। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में ग्रीन के अलावा अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने 44 रन और विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने 30 रनों का योगदान दिया। इन तीन बल्लेबाजों के अलावा ऑस्ट्रेलिया का अन्य कोई भी खिलाड़ी टिककर नहीं खेल सका। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में 284 रन बनाए और पहली पारी के घाटे को पाटते हुए बांग्लादेश के सामने केवल 56 रनों की मामूली बढ़त के साथ 57 रनों का लक्ष्य रखा।
हसन महमूद और मेहदी हसन मिराज की घातक गेंदबाजी
बांग्लादेश की इस ऐतिहासिक जीत में उसके गेंदबाजों की भूमिका सबसे अहम रही। तेज गेंदबाज हसन महमूद और स्पिनर मेहदी हसन मिराज ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को दोनों पारियों में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हसन महमूद ने मैच की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 9 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के 6 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था, जबकि दूसरी पारी में भी 3 महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं, जिनमें शतकवीर कैमरून ग्रीन का बड़ा विकेट भी शामिल था। दूसरी ओर, पहली पारी में बिना कोई विकेट लेने वाले मेहदी हसन मिराज ने दूसरी पारी में अपनी फिरकी का जादू चलाया और 5 विकेट झटककर ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा तस्कीन अहमद और तैजुल इस्लाम ने भी जरूरत के समय महत्वपूर्ण विकेट निकालकर टीम की जीत सुनिश्चित की। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 22 अगस्त से मकाया के मैदान पर खेला जाएगा।



















