डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कैमरून ग्रीन ने अपनी टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई। जब ऑस्ट्रेलियाई टीम पर पहली पारी के बड़े घाटे के बाद पारी से हार का संकट मंडरा रहा था, तब कैमरून ग्रीन ने दबाव में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपने करियर का तीसरा टेस्ट शतक पूरा किया। उनकी इस शतकीय पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने न केवल हार के खतरे को टाल दिया, बल्कि मैच में बढ़त हासिल कर मुकाबला रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया।
पारी की हार के दबाव से उबारी टीम
बांग्लादेश ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 228 रनों की विशाल बढ़त बनाई थी। इसके जवाब में दूसरी पारी में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत झटकों से भरी रही। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए और टीम पर पारी से हार की तलवार लटक रही थी। ऐसे नाजुक मोड़ पर कैमरून ग्रीन ने एलेक्स कैरी के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने बांग्लादेशी गेंदबाजों के अनुशासन का धैर्यपूर्वक सामना किया और धीरे धीरे पारी को संभाला।
कैमरून ग्रीन ने अपने 38वें टेस्ट मैच में संयम और तकनीक का परिचय देते हुए 192 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने न केवल विकेट बचाए रखा, बल्कि खराब गेंदों पर रन भी बटोरे। ग्रीन की इस पारी ने बांग्लादेशी गेंदबाजों की लय को पूरी तरह से बिगाड़ दिया।
डार्विन टेस्ट का अब तक का सफर
इस मुकाबले की शुरुआत से ही बांग्लादेश की टीम ने मेजबान ऑस्ट्रेलिया पर लगातार दबाव बनाए रखा था। टेस्ट मैच के शुरुआती दिनों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम दबाव में बिखर गया था। पहले सत्र में ही टीम ने 4 अहम विकेट गंवा दिए थे, जिसमें ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन और खुद कैमरून ग्रीन पहली पारी में नाकाम रहे थे। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने पहली पारी में कैमरून ग्रीन का विकेट लेने के बाद अनोखे अंदाज में जश्न मनाया था।
पहली पारी में मिले झटके के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में बिल्कुल अलग इरादे से मैदान पर उतरी। तीसरे दिन के खेल के अंत तक बांग्लादेश ने मैच पर मजबूत पकड़ बनाई रखी थी और ऑस्ट्रेलिया के चार विकेट चटका दिए थे। लेकिन चौथे दिन कैमरून ग्रीन के जुझारू शतक और एलेक्स कैरी के समर्थन ने मैच का पासा पलट दिया।



















