एनएसई का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अंतिम चरण में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से अगले हफ्ते मिल सकती है हरी झंडी5 सितंबर को लगेगा नवपंचम योग, इन चार राशियों की चमकेगी किस्मत और होगी पैसों की<br>बृद्धीमिर्जापुर: द फिल्म रिव्यू (2026): बड़े पर्दे पर लौटा कालीन भैया का भौकाल, जानें कैसी है फिल्मआगरा के इस खास फ्रेंच फ्राइस के दीवाने हुए युवा, कीमत और स्वाद दोनों में है दमदौसा निकाय चुनाव में चप्पल निशान पर मचा बवाल, निर्दलीय प्रत्याशियों ने जताई गहरी नाराजगीराजस्थान निकाय चुनाव: पाली नगर निगम में फंसी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की साखमिर्जापुर द मूवी का सस्पेंस, पोस्ट-क्रेडिट सीन में गुड्डू और मुन्ना के बीच चौंकाने वाला ट्विस्टदिल्ली में जुरासिक पार्क जैसा रोमांच, डायनासोर गैलरी में मिलेगा रहस्यमयी अनुभव; जानिए टिकट और टाइमिंगउत्तर प्रदेश चुनाव की बिसात और अन्य अहम सियासी व कानूनी घटनाएंअमेरिका के नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों से पहले सोने की चमक थमी, बाजार की नजरें नीतिगत फैसलों पर
डेब्यू मैच में फ्लॉप होने पर टीम से बाहर हुए थे सर डोनाल्ड ब्रैडमैन, जानिए किस तरह वापसी कर रचा इतिहासक्रिकेट
3 सित॰ 2026, 1:44 pm (1 दिन पहले)· 1

डेब्यू मैच में फ्लॉप होने पर टीम से बाहर हुए थे सर डोनाल्ड ब्रैडमैन, जानिए किस तरह वापसी कर रचा इतिहास

साल 1928 में ब्रिस्बेन टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले सर डोनाल्ड ब्रैडमैन पहली पारी में 18 और दूसरी पारी में 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। इस खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें अगले ही मैच की प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया था।

क्रिकेट जगत में जब भी किसी महानतम बल्लेबाज की बात होती है, तो सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रैडमैन का नाम हमेशा सूची में सबसे ऊपर आता है। उनका 99.94 का टेस्ट बल्लेबाजी औसत आज तक एक ऐसा अटूट कीर्तिमान है, जिसके आसपास भी दुनिया का कोई अन्य खिलाड़ी नहीं पहुंच सका है। हालांकि, क्रिकेट इतिहास के इस सबसे बड़े नाम की शुरुआत उतनी शानदार नहीं थी, जितनी उनकी साख मानी जाती है। जिस महान सफर का अंत ओवल के मैदान पर भावुक शून्य (0) के साथ हुआ था, उसकी पहली पारी भी बेहद कठिन और निराशाजनक परिस्थितियों के बीच शुरू हुई थी।

ब्रिस्बेन में हुआ था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

घटना 30 नवंबर 1928 की है, जब इंग्लैंड की टीम टेस्ट श्रृंखला खेलने ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आई हुई थी। ब्रिस्बेन के एक्जीबिशन ग्राउंड में आयोजित इस पहले टेस्ट मैच के जरिए एक 20 वर्षीय दुबले-पतले युवा खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बैगी ग्रीन कैप पहनकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उस समय किसी ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि यह युवा खिलाड़ी आगे चलकर खेल के इतिहास को पूरी तरह से बदलकर रख देगा। उनके करियर का पहला ही मैच साबित करता है कि महानता रातों-रात हासिल नहीं होती, बल्कि शुरुआती असफलताओं और संघर्षों के दौर से गुजरकर ही निखरती है।

ये भी पढ़ें

पहली ही परीक्षा में बुरी तरह डगमगाए कदम

डेब्यू मैच की पहली पारी में डॉन ब्रैडमैन को नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया। इंग्लिश टीम के तेज गेंदबाज मॉरिस टेट और कलाई के स्पिनर जैक वाइट के सटीक आक्रमण के सामने युवा ब्रैडमैन काफी असहज दिखाई दिए। कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए वह केवल 18 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद दूसरी पारी में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम एक विशाल और मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो ब्रैडमैन को नंबर 6 पर भेजा गया। लेकिन इस बार उनका प्रदर्शन और भी खराब रहा तथा वह महज 1 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और केवल 66 रनों पर ढेर हो गई। इस मैच को इंग्लैंड ने 675 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया, जो आज भी रनों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड है।

टीम से ड्रॉप होने का दर्द और विपक्षी गेंदबाज का तंज

ब्रिस्बेन टेस्ट में इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने सख्त कदम उठाते हुए डॉन ब्रैडमैन को दूसरे टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। जिस खिलाड़ी को भविष्य का सितारा माना जा रहा था, उसे मैदान पर 12वें खिलाड़ी (स्थानापन्न) के रूप में बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी डेब्यू मुकाबले के दौरान एक और दिलचस्प घटना घटी थी। जब इंग्लिश तेज गेंदबाज मॉरिस टेट ने ब्रैडमैन को आउट किया, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था कि "मैंने अपना खरगोश ढूंढ लिया है।" ब्रैडमैन ने विपक्षी गेंदबाज की यह टिप्पणी सुन ली थी। उन्होंने इस तंज से निराश होने के बजाय इसे अपने दिल में बैठा लिया और अपने खेल को सुधारने के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बना लिया।

तीसरे टेस्ट में वापसी और मेलबर्न में जड़ा पहला शतक

ऑस्ट्रेलियाई टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण डॉन ब्रैडमैन को तीसरे टेस्ट मैच में दोबारा मौका मिला, जो मेलबर्न में खेला जाना था। इस बार मैदान पर उतरे 'द डॉन' पूरी तरह से बदले हुए दृष्टिकोण के साथ खेले। उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए पहली पारी में धैर्यपूर्ण 79 रनों का योगदान दिया। इसके बाद दूसरी पारी में अपनी उत्कृष्ट तकनीक और संयम की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने 112 रनों की यादगार पारी खेली। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला टेस्ट शतक था। यद्यपि ऑस्ट्रेलिया यह मुकाबला भी हार गया था, लेकिन इस पारी ने क्रिकेट जगत को यह स्पष्ट संदेश दे दिया था कि खेल के क्षितिज पर एक नए युग का आगाज हो चुका है। सर डोनाल्ड ब्रैडमैन की यह शुरुआती कहानी साबित करती है कि एक खराब शुरुआत कभी भी किसी खिलाड़ी की प्रतिभा या उसके भविष्य का फैसला नहीं कर सकती। पहली पारी के 18 रनों से लेकर आखिरी मैच के शून्य तक, डॉन ब्रैडमैन का यह सफर क्रिकेट का सबसे यादगार अध्याय है।

सवाल-जवाब

सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू कब और किस टीम के खिलाफ किया था?
सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने 30 नवंबर 1928 को ब्रिस्बेन में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था।
अपने डेब्यू टेस्ट मैच की दोनों पारियों में ब्रैडमैन ने कितने रन बनाए थे?
ब्रैडमैन ने अपने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 18 रन और दूसरी पारी में केवल 1 रन बनाया था।
ब्रिस्बेन टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को कितने रनों के अंतर से हराया था?
इंग्लैंड ने यह टेस्ट मैच 675 रनों के विशाल अंतर से जीता था, जो टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी हार है।
डेब्यू मैच के बाद किस इंग्लिश गेंदबाज ने ब्रैडमैन पर तंज कसा था?
इंग्लिश तेज गेंदबाज मॉरिस टेट ने ब्रैडमैन को आउट करने के बाद मजाक में कहा था कि उन्होंने अपना खरगोश ढूंढ लिया है।
डॉन ब्रैडमैन ने अपने करियर का पहला टेस्ट शतक किस मैदान पर बनाया था?
डॉन ब्रैडमैन ने मेलबर्न में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 112 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा था।
डॉन ब्रैडमैन का करियर टेस्ट बल्लेबाजी औसत कितना रहा है?
सर डोनाल्ड ब्रैडमैन का करियर टेस्ट बल्लेबाजी औसत 99.94 रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR