भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में गिने जाने वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ को लेकर गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी से इस प्रस्तावित पब्लिक इश्यू को लेकर अगले सप्ताह औपचारिक मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। शुरुआती मंजूरियों के मिलने के बाद बाजार में इस मेगा ऑफर के समय को लेकर सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
सोमवार को मिल सकती है हरी झंडी
बाजार के जानकारों और अंदरूनी सूत्रों से सामने आई जानकारियों के अनुसार सेबी की तरफ से इस महत्वपूर्ण शेयर बिक्री को हरी झंडी 7 सितंबर, सोमवार को ही मिल सकती है। जैसे ही विनियामक की तरफ से यह स्वीकृति मिलती है, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तुरंत अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हिंगिंग प्रॉस्पेक्टस यानी यूडीआरएचपी फाइल करेगा और इस बड़ी पेशकश को आगे बढ़ाने के लिए बाकी बचे कानूनी व प्रशासनिक कदमों को पूरा करेगा।
मूल्य दायरा और संभावित लिस्टिंग की तारीखें
इस मेगा निर्गम की समय सारणी को लेकर मीडिया में विभिन्न अनुमान सामने आ रहे हैं। इसके तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 11 सितंबर को इस इश्यू के लिए मूल्य दायरा यानी प्राइस बैंड की घोषणा कर सकता है। एक्सचेंज का पूरा प्रयास है कि शेयर बाजार में इसकी धमाकेदार शुरुआत 25 सितंबर तक हो जाए। हालांकि, अभी तक इन विशिष्ट तिथियों पर एक्सचेंज या बाजार नियामक की तरफ से कोई आधिकारिक और अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है।
30,000 करोड़ रुपये का विशाल आकार
यह सार्वजनिक पेशकश भारतीय पूंजी बाजार की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घटनाओं में से एक है। इस पूरे प्रस्ताव का अनुमानित आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये आंका गया है, जो इसे देश के अब तक के सबसे विशाल पब्लिक इश्यू में से एक बना देगा। इतनी बड़ी राशि बाजार में आने से निवेशकों और ब्रोकरेज फर्मों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इस स्टॉक के सूचीबद्ध होने की प्रतीक्षा की जा रही थी।
ऑफर फॉर सेल का पूरा ढांचा
यह पूरा का पूरा आईपीओ केवल ऑफर फॉर सेल के रूप में ही लाया जाएगा, जिसका मतलब है कि इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। वर्तमान प्रस्ताव के तहत मौजूदा शेयरधारक अपने पास मौजूद शेयरों में से कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे, जो कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की चुकता पूंजी का लगभग 6% हिस्सा बनता है। चूंकि इस पूरी प्रक्रिया में कोई नया फ्रेश इश्यू कंपोनेंट शामिल नहीं है, इसलिए इस निर्गम के जरिए जुटाया जाने वाला पूरा धन एक्सचेंज के अपने खजाने में जाने के बजाय सीधे उन शेयरधारकों को मिलेगा जो अपने शेयर बेच रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक की बड़ी हिस्सेदारी बिक्री
इस बड़े वित्तीय घटनाक्रम में देश का सबसे बड़ा बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स भी अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बाजार में बेचेंगे। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने पहले ही इस बात की जानकारी दी थी कि बैंक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में अपनी 0.7% हिस्सेदारी को कम करेगा। इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स दोनों मिलकर इस प्रस्तावित पेशकश के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 1% तक की हिस्सेदारी बेच सकते हैं।


















