भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार (5 सितंबर) को दुबई में आयोजित होने वाले एशिया कप के मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगी। टीम के हालिया फॉर्म और पुराने इतिहास को देखते हुए पलड़ा पूरी तरह से भारत के पक्ष में झुकता दिखाई दे रहा है। इस अहम मुकाबले से पहले भारत की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम हमेशा से प्रतिद्वंद्वी खेमे से एक कदम आगे रहने में कामयाब होती है और अपनी सटीक रणनीति पर ही पूरा फोकस रखती है। यही कारण है कि चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भारत का पलड़ा हमेशा भारी रहता है और आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं।
दोनों टीमों के बीच मुकाबलों के आंकड़े देखें तो पाकिस्तान के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। वनडे प्रारूप में भारतीय महिला टीम आज तक पाकिस्तान से कभी पराजित नहीं हुई है, जबकि टी20 फॉर्मेट में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आखिरी जीत अक्टूबर 2022 के एशिया कप में मिली थी। अब तक खेले गए कुल 17 टी20 मैचों में पाकिस्तान की टीम केवल 3 बार ही विजयी रही है। हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान जब दोनों टीमें आमने-सामने आईं, तब भारत ने आसानी से मैच अपने नाम किया था। उस मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए अपने 4 ओवरों के कोटे में मात्र 10 रन खर्च करके 5 विकेट चटकाए थे, जिसने मैच का नक्शा पूरी तरह से भारत के पक्ष में मोड़ दिया था।
पाकिस्तान के खिलाफ रणनीति और मानसिक स्थिति पर बोलीं दीप्ति शर्मा
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए दीप्ति शर्मा ने साफ किया कि पाकिस्तान के खिलाफ मिलने वाली सफलताएं किसी मानसिक दबाव या डर की वजह से नहीं, बल्कि मैदान पर योजनाओं को बेहतर ढंग से अमलीजामा पहनाने का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि मुकाबले को लेकर किसी भी तरह का अतिरिक्त दबाव या मानसिक बढ़त जैसी कोई बात नहीं है। मुख्य बात यह है कि हमने उनके खिलाफ जितने भी मैच जीते हैं, चाहे वह एशिया कप के मंच पर हों या किसी अन्य टूर्नामेंट में, हम रणनीति के मामले में हमेशा उनसे एक कदम आगे रहे हैं और यही हमारी जीत का मुख्य आधार है।
दीप्ति का मानना है कि इस समय पूरी भारतीय टीम संतुलित प्रदर्शन कर रही है और गेंदबाजी तथा बल्लेबाजी दोनों ही विभाग बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं। मैच के दिन जो भी खिलाड़ी अच्छी लय में होती है, वह टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उठाती है और बाकी साथी खिलाड़ी उसका पूरा समर्थन करते हैं जिससे ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बना रहता है। थाईलैंड और हांगकांग को बड़े अंतर से मात देने के बाद भारतीय टीम पहले ही सेमीफाइनल का टिकट पक्की कर चुकी है और अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज है। इसी बेहतरीन स्थिति के कारण भारतीय खिलाड़ी बिना किसी मानसिक दबाव के पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी।
शानदार क्रिकेट खेलने पर है पूरा फोकस
पाकिस्तान के खिलाफ आगामी मुकाबले की तैयारियों को लेकर भारतीय उपकप्तान ने कहा कि हमारी टीम मजबूत है और उनके गेंदबाज भी काफी अच्छे हैं, इस बात से हम भली-भांति वाकिफ हैं। हालांकि, हमारा मुख्य ध्यान अपनी खुद की ताकतों और क्षमताओं पर केंद्रित है। जैसा कि मैंने पहले भी जिक्र किया है, हमारा एकमात्र उद्देश्य बेहतरीन और उच्च स्तर का क्रिकेट खेलना है और पूरी टीम इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। दीप्ति ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि खेल के किसी भी विभाग में मैदान पर उतरकर हमें केवल अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता दिखानी है। बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, पूरी टीम को पिछले दो मुकाबलों की तरह ही एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा ताकि जीत का सिलसिला बरकरार रखा जा सके।
इस बीच महिला क्रिकेट से जुड़ी अन्य खबरों में श्री चरनी ने एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने के मामले में दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने एक ऐतिहासिक ऐलान करते हुए बताया है कि भारतीय टीम जापान के खिलाफ साणो में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेगी।


















