श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मुकाबलों में देवदत्त पडिक्कल का बल्ला जिस तरह से रन उगल रहा है, उसने भारतीय क्रिकेट हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन का सीधा असर टीम में अपनी जगह दोबारा पाने की कोशिश कर रहे साई सुदर्शन पर पड़ता दिख रहा है। पडिक्कल ने लगातार शानदार पारियां खेलकर नंबर-3 की पोजीशन पर अपना दावा बेहद मजबूत कर लिया है। यही वजह है कि पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा का यह मानना है कि सुदर्शन की फिटनेस के बाद वापसी होने पर भी उन्हें तुरंत अंतिम ग्यारह में शामिल करना टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं रहेगा।
चोट की वजह से बाहर हैं सुदर्शन
साई सुदर्शन को पैर के अंगूठे में चोट लगने के कारण श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही इस मौजूदा टेस्ट सीरीज से बाहर बैठना पड़ा है। इससे पहले उन्होंने इस महत्वपूर्ण क्रम पर अपनी स्थिति काफी हद तक मजबूत कर ली थी, लेकिन उनके इस तरह अनुपस्थित रहने से मिले मौके का पडिक्कल ने पूरा फायदा उठाया है। उन्होंने मिले हर अवसर को भुनाते हुए अपनी उपयोगिता साबित कर दी है, जिससे चयनकर्ताओं के सामने आने वाले समय में एक कठिन फैसला लेने की स्थिति बन गई है।
श्रीलंका के खिलाफ पडिक्कल का धमाकेदार प्रदर्शन
श्रीलंका के दौरे पर पडिक्कल का खेल बेहद शानदार रहा है। सीरीज में पडिक्कल का बल्ला जमकर बोल रहा है और उन्होंने अपनी बैटिंग से सभी का ध्यान खींचा है। शुरुआती मुकाबले की पहली पारी में उन्होंने 167 रन की शानदार पारी खेली और फिर दूसरी पारी में 44 रन जोड़कर भारत की 165 रन से जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद अगले टेस्ट की पहली पारी में भी उन्होंने शतक जड़ने का कारनामा कर दिखाया। इस मैच में उनके साथ ध्रुव जुरेल ने भी शतकीय पारी खेली, जिसकी बदौलत भारतीय टीम का स्कोर 500 रन के पार पहुंच गया।
आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान
पडिक्कल के इन बैक-टू-बैक शतकों से प्रभावित होकर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि सुदर्शन के फिट होकर लौटने के बाद भी उन्हें सीधे प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना तय नहीं माना जा सकता। चोपड़ा ने युवा पडिक्कल की जमकर सराहना की और बताया कि उन्होंने बेहद कम मुकाबलों में ही सुदर्शन द्वारा सात मैचों की 12 पारियों में बनाए गए रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।
आंकड़ों में आगे निकले पडिक्कल
देवदत्त पडिक्कल ने अब तक अपने छोटे से टेस्ट करियर में सिर्फ चार मुकाबले खेले हैं और 6 पारियों के भीतर ही उनके नाम 418 रन दर्ज हो चुके हैं। दूसरी ओर, साई सुदर्शन ने साल 2025 में लीड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट फॉर्मेट में अपना पदार्पण किया था। उन्होंने कुल 12 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतकीय पारियां भी शामिल हैं। इसके अलावा वह तीन वनडे और एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी खेल चुके हैं।
न्यूजीलैंड सीरीज से पहले चयनकर्ताओं की चुनौती
भारतीय टीम को अब अपनी अगली टेस्ट सीरीज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलनी है। ऐसे वक्त में चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने नंबर-3 के स्थान के लिए पडिक्कल और सुदर्शन में से किसी एक को चुनने की बड़ी चुनौती होगी। हालात को और दिलचस्प बनाते हुए ध्रुव जुरेल ने भी श्रीलंका के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर नंबर-6 पर अपनी दावेदारी पुख्ता कर ली है। इन सब प्रदर्शनों के बीच सुदर्शन की वापसी अब टीम प्रबंधन के लिए एक नया सिरदर्द साबित हो सकती है।



















