भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीली जर्सी पहनने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। लगभग दो साल पहले अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने वाले इस राइट-आर्म पिसर के लिए राष्ट्रीय टीम की राह आसान नहीं रही है। बीते दो वर्षों के दौरान उन्हें लगातार फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसने उनके खेल और चयन दोनों को प्रभावित किया। हालांकि, इन तमाम बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने वर्तमान घरेलू सत्र का आगाज बेहद आक्रामक अंदाज में किया है। रेड बॉल क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए मुकेश ने अब तक कुल 11 शिकार किए हैं। साउथ जोन के खिलाफ खिताबी मुकाबले के तीसरे दिन के खेल के समाप्त होने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी घरेलू सत्र उनके करियर के इस मोड़ पर बेहद निर्णायक साबित होने वाला है।
फिटनेस सुधारने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पसीना
अपनी गेंदबाजी की लय वापस पाने और शारीरिक मजबूती हासिल करने के लिए मुकेश कुमार ने टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया था। साउथ जोन के खिलाफ फाइनल मुकाबले के तीसरे दिन के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने अपनी तैयारियों का ब्योरा साझा किया। मुकेश ने बताया कि दलीप ट्रॉफी पूरे घरेलू सत्र का पहला बड़ा और महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है, और इस वजह से वे किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहते थे। प्रतियोगिता का आगाज होने से करीब चार दिन पहले ही वे बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंच गए थे। वहां उन्होंने न केवल अपनी गेंदबाजी तकनीकों और वैरिएशन पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि अपनी शारीरिक फिटनेस को शीर्ष स्तर पर ले जाने के लिए काफी पसीना बहाया। उनका मुख्य उद्देश्य लंबी स्पेल में बिना थके सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करने की क्षमता को पुनः हासिल करना था।
देवदत्त पडिक्कल को आउट करने के लिए बनाई गई खास रणनीति
साउथ जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए मुकेश कुमार ने विरोधी टीम के इन-फॉर्म बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को पवेलियन भेजने की पूरी योजना का खुलासा किया। पडिक्कल इस मुकाबले में उतरने से पहले श्रीलंका दौरे पर लगातार दो शतक जमाकर आ रहे थे और बेहतरीन लय में नजर आ रहे थे। मुकेश ने स्वीकार किया कि इस तरह के बल्लेबाजों को यदि पिच पर जरा सी भी चौड़ाई या रूम दिया जाता, तो वे आसानी से बाउंड्री बटोर सकते थे। इसी खतरे को देखते हुए उन्होंने गेंदबाजी की अपनी लेंथ में तुरंत बदलाव किए और लगातार स्टंप्स को निशाना बनाया। सटीक दिशा और लाइन पर डाली गई गेंदों के जरिए उन्होंने बल्लेबाज को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया और अंततः उन्हें आउट कर ईस्ट जोन को बड़ी सफलता दिलाई।
सेमीफाइनल में 7 विकेट लेकर टीम को पहुंचाया था फाइनल में
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन का पहुंचना मुकेश कुमार की शानदार गेंदबाजी का ही नतीजा है। सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में मुकेश ने घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए कुल 7 विकेट झटके थे। उस प्रदर्शन ने न केवल मैच का रुख ईस्ट जोन के पक्ष में मोड़ा बल्कि टीम को खिताबी मुकाबले का टिकट भी दिलाया। मुकेश का मानना है कि यदि वे पूरे घरेलू सत्र में इसी प्रकार की निरंतरता और अनुशासन बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो चयनकर्ताओं का ध्यान एक बार फिर उनकी तरफ खींचना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।



















