भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाने वाले लेग स्पिनर जीशान अंसारी एक बार फिर लाल गेंद के क्रिकेट यानी रेड-बॉल क्रिकेट में जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पांच साल के लंबे अंतराल के बाद उनकी इस वापसी को लेकर क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और दलीप ट्रॉफी के आगामी मुकाबलों में चयनकर्ताओं की पैनी नजर उनके प्रदर्शन पर रहने वाली है। उत्तर प्रदेश के इस प्रतिभावान स्पिनर का यह सफर तमाम संघर्षों, उतार-चढ़ाव और कड़े अभ्यास से होकर गुजरा है।
आईपीएल और दिग्गज गेंदबाजों से मिला अनुभव
जीशान अंसारी का करियर तब एक नए मुकाम पर पहुंचा जब सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें आईपीएल 2025 के लिए अपने स्क्वाड में शामिल किया। फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ने के दौरान उन्हें क्रिकेट के दो दिग्गजों मुथैया मुरलीधरन और डेनियल विटोरी के साथ समय बिताने का मौका मिला। इन दोनों महान गेंदबाजों से मिले गुर और तकनीकी ज्ञान ने उनके गेंदबाजी कौशल को पूरी तरह से निखार दिया। उन्होंने खुद इस बात का जिक्र किया है कि उन दिग्गजों ने उन्हें गेंदबाजी के ऐसे बारीक पहलू सिखाए जिनके बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी।
अंडर-19 विश्व कप से लेकर यूपी टी20 लीग तक का सफर
बता दें कि जीशान अंसारी साल 2016 के अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिसमें ईशान किशन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल थे। इसके बाद उन्होंने साल 2020 में उत्तर प्रदेश के लिए अपना आखिरी रणजी ट्रॉफी मुकाबला खेला था। लंबे इंतजार के बाद उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए उत्तर प्रदेश की टीम में शानदार वापसी की। इसके अलावा, श्रीलंका दौरे पर खेले गए दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों के लिए भी उन्हें भारत ए टीम में चुना गया था, जिससे उनके रेड-बॉल कौशल पर सभी का भरोसा और मजबूत हुआ।
पीयूष चावला का मार्गदर्शन और मेरठ मावेरिक्स का दबदबा
वर्तमान में यूपी टी20 लीग के दौरान पूर्व भारतीय स्पिनर पीयूष चावला का मार्गदर्शन भी जीशान के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने पीयूष चावला से हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि वे लगातार उनसे सीख रहे हैं और चावला ने उनकी गेंदबाजी की सराहना करते हुए कई उपयोगी टिप्स दिए हैं। यूपी टी20 लीग में जीशान का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है, जहां वे छह मुकाबलों में 14 विकेट झटककर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उनकी टीम मेरठ मावेरिक्स ने भी इस टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी छह मैच जीते हैं और टीम पूरी तरह से अजेय रही है।
दलीप ट्रॉफी की तैयारियां और कप्तान रिंकू सिंह की तारीफ
दलीप ट्रॉफी में अपनी उपस्थिति को लेकर उत्साहित जीशान का कहना है कि वे इस टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए बेताब हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी टीम के कप्तान रिंकू सिंह की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रिंकू सिंह की संवाद करने की शैली और हर खिलाड़ी के साथ व्यक्तिगत रूप से जुड़ने की क्षमता उन्हें बेहद खास बनाती है। मैदान पर भी कप्तान लगातार गेंदबाजों से बातचीत करते हैं और उनकी राय पूछते हैं कि गेंदबाजी में किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए।
लंबी गेंदबाजी और निरंतरता पर जोर
टी20 प्रारूप से रेड-बॉल क्रिकेट में बदलाव को लेकर जीशान का मानना है कि हर प्रारूप की अपनी अलग चुनौतियां होती हैं। टी20 में जहां चार ओवरों में अपनी पूरी ऊर्जा झोंकनी पड़ती है, वहीं दलीप ट्रॉफी जैसे चार दिवसीय मुकाबलों में लंबी गेंदबाजी करनी होती है और निरंतरता सबसे बड़ा हथियार बनती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय वर्तमान में जीने की आदत को दिया है। उनका कहना है कि वे बीते हुए कल के बारे में ज्यादा नहीं सोचते और न ही भविष्य की योजनाओं में उलझते हैं, बल्कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ आगामी मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने पर होता है।



















