मार्च 2018 में दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन स्थित न्यूलैंड्स मैदान पर खेला गया टेस्ट मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादास्पद अध्यायों में गिना जाता है। उस मुकाबले में जीत दर्ज करने की होड़ में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने खेल की मर्यादा को ताक पर रख दिया था। इस घटना के ठीक आठ साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर टेस्ट श्रृंखला खेलने जा रही है। ऐसे में अतीत की कड़वी यादों के बीच मैदान पर उतरना ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी मानसिक चुनौती होगी।
न्यूलैंड्स का वह विवादास्पद मुकाबला और सैंडपेपर की साजिश
यह पूरा मामला 24 मार्च 2018 का है, जब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला का तीसरा मुकाबला केपटाउन में खेला जा रहा था। श्रृंखला उस समय 1-1 से बराबरी पर खड़ी थी। केपटाउन में जीत दर्ज करने वाली टीम को श्रृंखला में अजेय बढ़त मिलनी तय थी। इसी मुकाबले के तीसरे दिन लंच ब्रेक के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम के तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान डेविड वॉर्नर ने मिलकर गेंद की स्थिति बदलने की एक अनुचित योजना बनाई। इस योजना को मैदान पर अंजाम देने की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ी कैमरून बैनक्रॉफ्ट को सौंपी गई।
कैमरे में कैद हुई हरकत और मैदान पर मचा बवाल
मैदान पर कैमरून बैनक्रॉफ्ट को अपने हाथ में पीले रंग का सैंडपेपर लेकर गेंद को घिसते हुए देखा गया। जब मैदान पर मौजूद अंपायरों को संदेह हुआ और उन्होंने बैनक्रॉफ्ट से पूछताछ की, तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, आधुनिक क्रिकेट कवरेज के दौर में चारों तरफ लगे उच्च क्षमता वाले कैमरों से वे बच नहीं सके। ब्रॉडकास्ट वीडियो रिप्ले में यह साफ दिखाई दे गया कि बैनक्रॉफ्ट सैंडपेपर से गेंद को नुकसान पहुँचा रहे थे और बाद में उसे छुपाने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के सार्वजनिक होते ही खेल जगत में भारी हड़कंप मच गया और ऑस्ट्रेलियाई टीम की चौतरफा आलोचना होने लगी।
जांच का दौर, सार्वजनिक कबूलनामा और कड़ा प्रतिबंध
गेंद से छेड़छाड़ की बात उजागर होते ही क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी। घटना के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान स्टीव स्मिथ ने सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया कि टीम के नेतृत्व समूह ने जानबूझकर गेंद से छेड़छाड़ की योजना बनाई थी। इस कृत्य के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को एक-एक साल के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया। इसके अलावा डेविड वॉर्नर पर भविष्य में कभी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी न करने का आजीवन प्रतिबंध भी लगाया गया। वहीं योजना को मैदान पर लागू करने वाले कैमरून बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने के निलंबन की सजा दी गई।
आठ साल बाद दक्षिण अफ्रीका में वापसी और नए दौर की चुनौती
केपटाउन टेस्ट के उस तनावपूर्ण माहौल के बीच मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने वह मुकाबला जीतकर चार मैचों की श्रृंखला में 2-1 की बढ़त बना ली थी। अब इस ऐतिहासिक घटना के आठ साल बीत जाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पुनः दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने के लिए तैयार है। न्यूलैंड्स के उसी मैदान और उसी प्रतिद्वंद्वी के सामने दोबारा उतरते समय खिलाड़ियों पर न केवल अपनी खेल क्षमता साबित करने का दबाव होगा, बल्कि खेल भावना का सम्मान करने का संदेश देना भी अनिवार्य रहेगा।



















