छोटे मुकाबले में भारत की बड़ी जीत
लगातार बारिश ने जिस मैच को आधा कर दिया, उसी में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से पटखनी देकर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। 25-25 ओवर के इस संक्षिप्त संस्करण में भारत के सामने जीत के लिए 195 रनों का लक्ष्य था, जिसे टीम ने सिर्फ 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चे से अगुआई की और अंत तक नाबाद रहकर टीम को मंजिल तक पहुंचाया।
गिल-राहुल की जोड़ी ने लक्ष्य को बौना बनाया
रनचेज की शुरुआत झटके के साथ हुई जब सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा 16 रन बनाकर रनआउट हो गए। इसके बाद गिल ने ईशान किशन के साथ पारी को पटरी पर लाया। ईशान 34 रन बनाकर लौटे और श्रेयस अय्यर भी 12 रन ही जोड़ पाए। तीसरे विकेट के पतन के बाद क्रीज पर उतरे केएल राहुल ने आते ही अफगान गेंदबाजों को निशाने पर ले लिया। राहुल ने सिर्फ 19 गेंदों में 4 चौके और 3 लंबे छक्के लगाकर नाबाद 39 रनों की धुआंधार पारी खेली। दूसरे छोर पर जमे गिल ने 66 गेंदों पर 11 चौके और 2 छक्के की मदद से नाबाद 84 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। अफगानिस्तान का कोई भी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर लगाम नहीं कस सका और पूरी टीम में केवल राशिद खान तथा जिया उर रहमान शरीफी को एक-एक विकेट मिला।
गुरबाज का तूफान, फिर भी टीम 194 पर सिमटी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद लड़खड़ाती रही। अर्शदीप सिंह और गुरनूर ब्रार ने मेहमान टीम के शीर्ष क्रम को सस्ते में चलता कर दिया। एक छोर पर लगातार विकेट गिरते रहे, लेकिन सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने अकेले ही मोर्चा संभाला और महज 51 गेंदों में 8 चौकों तथा 8 छक्कों की बौछार करते हुए 102 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली। मध्यक्रम में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने 27 और अजमतुल्लाह उमरजई ने 26 रन बनाकर कुछ जूझने की कोशिश की, मगर भारतीय स्पिनर हर्ष दुबे और मध्यम गति के गुरनूर ब्रार की धारदार गेंदबाजी के सामने पूरी टीम 24.5 ओवर में 194 रन पर ढेर हो गई। दोनों ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी और अर्शदीप सिंह ने दो-दो विकेट लेकर विपक्ष की कमर तोड़ दी।
देरी से शुरू हुआ मैच, ड्रेनेज ने बचाया समय
शनिवार को बारिश ने जमकर परेशान किया और मैच शुरू होने में चार घंटे 15 मिनट की देरी हुई। हालांकि आसमान साफ होते ही मैदान के बेहतरीन पानी निकासी सिस्टम ने ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं होने दिया। नतीजतन मुकाबले को 25-25 ओवर का कर दिया गया और भारत ने टॉस जीतकर उम्मीद के मुताबिक अफगानिस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया।
पहली ही गेंद से आक्रामक दिखे गुरबाज
टी20 क्रिकेट में अपनी मारक क्षमता दिखा चुके गुरबाज एकदम साफ इरादे के साथ मैदान पर आए। पारी की शुरुआत में गेंद हवा में हल्की स्विंग ले रही थी, फिर भी उन्होंने पहले पल से ही हमलावर तेवर अपनाए। अर्शदीप की गेंद पर कट लगाकर चौका बटोरा और फिर आगे निकलकर इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को सीधा छक्का जड़ा। अपनी पूरी पारी में उन्होंने आठ चौके और उतने ही छक्के लगाए। एक मौके पर 14 के निजी स्कोर पर गुरबाज आउट हो सकते थे, मगर अर्शदीप और भारत ने रिव्यू नहीं लिया। इस जीवनदान को भुनाते हुए गुरबाज ने अपना नौवां वनडे शतक पूरा किया और हर गेंदबाज पर दबाव बनाया। हर्ष दुबे के पहले दो ओवरों में ही 26 रन बने, जिसमें उनकी दो शॉर्ट गेंदों को गुरबाज ने मिड-विकेट के ऊपर से छक्के के लिए भेजा। ब्रार की एक शॉर्ट गेंद पर भी छक्का लगाया और प्रसिद्ध कृष्णा तथा वाशिंगटन सुंदर की भी जमकर धुनाई की। हालांकि नीतीश कुमार ने कसी हुई गेंदबाजी कर दो विकेट निकाले। 16वें ओवर में गुरबाज के लौटते ही रनगति थम गई और अफगानिस्तान उस मजबूत नींव का पूरा लाभ नहीं उठा सका जो उसके सलामी बल्लेबाज ने रखी थी।
डेब्यूटेंट ब्रार और दुबे ने किया प्रभावित
दोनों पदार्पण कर रहे गेंदबाजों ने अपनी छाप छोड़ी। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार लंबे समय तक भारतीय टीम के साथ नेट गेंदबाज रह चुके हैं और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में लगातार 145 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए गेंद को बाहर की ओर स्विंग कराया। उनकी शुरुआती गेंदें फुल लेंथ से बाहर जा रही थीं, इसके बाद उन्होंने लेंथ छोटी की और सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जदरान को गलती करने पर मजबूर किया, जो हवा में शॉट खेलते हुए मिड-ऑफ पर लपके गए। पंजाब के इस गेंदबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फौरन कामयाबी मिली और उन्होंने पदार्पण पर 4.5 ओवर में 27 रन देकर तीन विकेट चटकाए। बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने भी डेब्यू पर 47 रन देकर तीन शिकार किए। अपने दूसरे स्पेल में दुबे ने कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (30 गेंदों पर 27 रन), आक्रामक ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई (16 गेंदों पर 26 रन) और एएम गजनफर को आउट कर विकेटों का सिलसिला शुरू किया। अर्शदीप सिंह ने 27 रन देकर दो और नीतीश कुमार रेड्डी ने 31 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए। अर्शदीप ने सेदिकुल्लाह अटल को एलबीडब्ल्यू किया, जिससे स्कोर 16 रन पर दो विकेट हुआ और इसके बाद रहमत शाह पुल शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए, जिससे टीम 26 रन पर तीन विकेट गंवा बैठी।
गिल के नाम जुड़ा खास रिकॉर्ड
इस मैच जिताऊ पारी के साथ शुभमन गिल वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।













