अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने शनिवार को भारत के खिलाफ ऐसी पारी खेली जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी। महज 51 गेंदों पर 102 रन ठोकते हुए उन्होंने न सिर्फ मैदान पर तहलका मचाया, बल्कि एक नया कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिया। साफ-सुथरे और दमदार शॉट्स की बदौलत गुरबाज ने केवल 48 गेंदों में अपना 9वां वनडे शतक पूरा किया, जो किसी भी अफगान बल्लेबाज द्वारा लगाया गया अब तक का सबसे तेज वनडे शतक है। इस दौरान उनके बल्ले से 8 छक्के और इतने ही यानी 8 चौके निकले।
इतिहास के पीछे छिपी एक बातचीत
पारी के बाद जब इस आक्रामक प्रदर्शन की वजह पूछी गई, तो गुरबाज ने एक दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने इसका श्रेय किसी और को नहीं, बल्कि भारतीय टीम के हेड कोच Gautam Gambhir को दिया। गुरबाज के मुताबिक, न्यू चंडीगढ़ में खेले गए टेस्ट मैच के बाद Gambhir से हुई बातचीत ने उनके शॉट सिलेक्शन को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई।
ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए गुरबाज ने कहा, “भारत के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद, मेरी गौतम गंभीर सर के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई थी। उस चर्चा से मुझे सच में मदद मिली। मैंने नेट्स में उन सुझावों पर काम किया और मैं उस मार्गदर्शन के लिए बहुत आभारी हूं। जब टेस्ट मैच खत्म हुआ, तो मैंने उनसे कहा कि मैं अपने शॉट सिलेक्शन को बेहतर बनाना चाहता हूं। उन्होंने कुछ अच्छे सुझाव दिए और मैं आज उन्हें लागू कर पाया। मैंने बस सकारात्मक खेलने की कोशिश की और यह मेरे लिए कारगर रहा।”
मंत्र सिर्फ इतना — सकारात्मक क्रिकेट
अपनी रणनीति को गुरबाज ने बेहद सरल बताया। उन्होंने कहा, “मैं इस प्रदर्शन के लिए आभारी हूं। मुझे लगता है कि रणनीति बहुत सरल और आसान थी, बस सकारात्मक क्रिकेट खेलना। हमें पता था कि यह 25 ओवर का गेम है, लेकिन मैं अपने खेल को भी जानता हूं। मैंने बस खुद पर भरोसा किया और टीम के लिए खेला। योगदान देकर अच्छा लगा।”
अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने की खुशी उनके शब्दों में साफ झलक रही थी। गुरबाज बोले, “अपने देश के लिए कुछ करना और सभी को गौरवान्वित करना हमेशा अच्छा लगता है। मुझे अपनी ट्रेनिंग और तैयारी पर भरोसा है। मैं कड़ी मेहनत करता हूं और यह पारी उसी कड़ी मेहनत का नतीजा है। मैं बहुत आभारी हूं। भारत में भारत के खिलाफ शतक लगाना खास बात है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, यह मेरी मेहनत का फल है।”
पिच आसान नहीं थी
इतनी ताबड़तोड़ पारी के बावजूद गुरबाज ने माना कि बल्लेबाजी करना कतई आसान नहीं था, खासकर स्पिन गेंदबाजी के सामने। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो विकेट आसान नहीं है, खासकर स्पिन के खिलाफ। स्पिनर्स को थोड़ी मदद मिल रही थी और गेंद टर्न भी हो रही थी। मेरा ध्यान खुद पर भरोसा रखने और सकारात्मक रहने पर था। पिच में स्पिनर्स के लिए निश्चित रूप से कुछ है, और अगर वे अच्छी गेंदबाजी करें, तो असर डाल सकते हैं।”
भारतीय डेब्यूटेंट्स छाए, अफगानिस्तान को मिली हार
गुरबाज की इस यादगार पारी के बाद भी अफगानिस्तान की टीम को जीत नसीब नहीं हुई। भारत के लिए पदार्पण कर रहे दोनों गेंदबाजों ने कमाल दिखाया — गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि अर्शदीप सिंह के खाते में दो विकेट आए। नतीजतन अफगानिस्तान की पूरी टीम 24.5 ओवर में 194 रन बनाकर ढेर हो गई। जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने 22.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और 7 विकेट शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।













