अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर चल रहे अनुभवी सीमर भुवनेश्वर कुमार एक बार फिर मैदान पर बड़ी जिम्मेदारी निभाते दिखेंगे। आगामी हांगकांग सिक्सेस 2026 के लिए घोषित 7 सदस्यीय भारतीय दल की कमान उन्हें सौंपी गई है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान आयोजित की जा रही है। भारतीय चयनकर्ताओं ने इस छोटे प्रारूप के मुकाबले के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में लगातार चमकने वाले कई प्रमुख खिलाड़ियों को स्क्वॉड में शामिल किया है, जिनमें क्रुणाल पंड्या और नितीश राणा जैसे जाने-माने नाम मौजूद हैं।
12 देशों की टीमें लेंगी हिस्सा, भारत के ग्रुप में पाकिस्तान
इस रोमांचक प्रतियोगिता में कुल 12 अंतरराष्ट्रीय टीमें शिरकत करेंगी। टूर्नामेंट के ड्रॉ के अनुसार भारत को ग्रुप C में जगह मिली है, जहाँ उसका मुकाबला अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात से होगा। आयोजन के सारे मैच टिन क्वॉन्ग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड पर खेले जाएंगे। तेज गेंदबाजों के अगुआ भुवनेश्वर कुमार के कंधों पर इस बार भारत को ट्रॉफी तक पहुँचाने की अहम जिम्मेदारी रहेगी।
लंबे अंतराल के बाद कप्तानी और मजबूत आईपीएल रिकॉर्ड
भुवनेश्वर कुमार के निजी करियर के लिहाज से यह टूर्नामेंट काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय टीम की जर्सी में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध T20 मैच के तौर पर खेला था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय चयन से बाहर रहे, मगर 2026 IPL सत्र के दौरान उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया था। उस सीजन में वह सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की तालिका में दूसरे पायदान पर रहे थे। इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में वापस बुलाने की चर्चाएं भी चली थीं, यद्यपि उन्हें मुख्य भारतीय टीम में अवसर नहीं मिल सका था। इस टूर्नामेंट में उनके साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के उनके साथी ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या भी खेलेंगे। इनके अतिरिक्त नितीश राणा, आक्रामक फिनिशर शशांक सिंह, यॉर्कर विशेषज्ञ टी. नटराजन, बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी और हरफनमौला राहुल तेवतिया को इस 7 सदस्यीय दल में रखा गया है।
टूर्नामेंट का अनूठा प्रारूप और भारत का पिछला रिकॉर्ड
हांगकांग सिक्सेस का खेल प्रारूप बेहद तेजतर्रार और रोमांचक रहता है। इस नियम के तहत प्रत्येक टीम में 6 खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं और हर पारी केवल 6 ओवरों की होती है। भारतीय दल का इतिहास इस टूर्नामेंट में बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है और उसने अब तक सिर्फ एक बार, वर्ष 2005 में यह खिताब जीता था। साल 2024 में प्रतियोगिता की पुनः शुरुआत के बाद से भारतीय टीम का सफर निराशाजनक रहा, जहाँ दोनों ही संस्करणों में टीम शुरुआती ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। उन दो सत्रों के दौरान खेले गए 10 मुकाबलों में से भारत को 9 मैचों में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। ऐसे में कप्तान के रूप में मैदान में उतर रहे अनुभवी स्विंग गेंदबाज का मुख्य लक्ष्य इस दो दशक लंबे खिताबी सूखे को समाप्त करना होगा।



















