हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक युवक की जान लेने के बाद उसका शव छिपाने की नीयत से तालाब में फेंक दिया गया। मानपुरा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले चनालमाजरा इलाके में हुई इस वारदात ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया था। मृतक का शव मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के तार जोड़े और राज्य से बाहर भाग चुके चार आरोपियों को महाराष्ट्र से धर दबोचा।
गुमशुदगी की शिकायत से शुरू हुई पड़ताल
इस पूरे मामले की शुरुआत 30 सितंबर को दर्ज कराई गई एक गुमशुदगी की रिपोर्ट के साथ हुई थी। मूल रूप से बिहार के रहने वाले और वर्तमान में चनालमाजरा में निवास कर रहे उमेश कुमार ने पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दी कि उनका भाई मुकेश कुमार 28 सितंबर से अचानक लापता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 28 सितंबर की शाम मुकेश अपने कुछ परिचित साथियों के साथ बाहर निकला था, लेकिन देर रात तक भी घर नहीं लौटा और न ही उससे कोई संपर्क हो सका। परिवार की ओर से दी गई इस तहरीर पर मानपुरा थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर गुमशुदा युवक की खोजबीन शुरू की।
चनालमाजरा के तालाब से बरामद हुआ शव
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को चनालमाजरा इलाके में स्थित एक छोटे तालाब में एक शव पड़े होने की जानकारी मिली। जब शव को बाहर निकाला गया, तो उसकी पहचान लापता मुकेश कुमार के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर प्रारंभिक मुआयना किया, जिसमें मृतक के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। शव की हालत और चोटों को देखते हुए यह साफ हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि जानबूझकर अंजाम दी गई वारदात है। इसके तुरंत बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई और तफ्तीश को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष जांच टीम तैयार की गई।
महाराष्ट्र के जलगांव से 4 आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच को आगे बढ़ाते हुए मानपुरा पुलिस की टीम ने संदिग्धों की तलाश में सुराग जुटाए, जिससे पता चला कि वारदात से जुड़े लोग महाराष्ट्र की ओर निकल गए हैं। बद्दी पुलिस ने तुरंत महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क साधा और उनके तालमेल से जलगांव स्थित शनिपेठ थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस संयुक्त अभियान में चार युवकों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय अजीत कुमार, 21 वर्षीय गोगल मुखिया उर्फ रोशन, 22 वर्षीय चंदन कुमार और 24 वर्षीय संतोष कुमार के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, ये चारों आरोपी भी मूल रूप से बिहार के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं।
ट्रांजिट रिमांड के बाद नालागढ़ अदालत में पेशी
आरोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें जलगांव की स्थानीय अदालत में पेश किया, जहाँ से हिमाचल लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। इसके बाद सभी चारों आरोपियों को हिमाचल प्रदेश लाकर नालागढ़ स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। डीएसपी बद्दी योगराज चंदेल इस पूरे मामले की तफ्तीश की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को वैज्ञानिक व निष्पक्ष ढंग से साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की असल वजह, आपसी विवाद और घटना में इस्तेमाल की गई चीजों का पता लगाने में जुटी है।


















