भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में एक बेहद नाटकीय मोड़ देखने को मिला, जब भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन के एक शॉट पर मैदानी हलचल अचानक तेज हो गई। विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे ईशान किशन ने अपनी पारी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए, लेकिन मुकाबले का सबसे बड़ा चर्चा बिंदु उनका एक विवादित बाउंड्री शॉट बन गया। कीवी स्पिनर मिचेल सैंटनर के ओवर में लगाए गए इस बड़े शॉट पर फील्डर ने गेंद को लपकने का दावा किया था, लेकिन टीवी अंपायर के दखल के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।
बाउंड्री लाइन पर कैच का ड्रामा
पारी के दौरान जब मिचेल सैंटनर गेंदबाजी आक्रमण पर थे, तब क्रीज पर मौजूद ईशान किशन ने बड़ा प्रहार करने का फैसला किया। गेंद हवा में काफी ऊंची उठ गई और बाउंड्री रोप के ठीक पास मौजूद न्यूजीलैंड के फील्डर ने गेंद को हाथों में थामकर कैच का दावा ठोक दिया। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों को पहली नजर में लगा कि भारतीय बल्लेबाज पवेलियन लौट रहे हैं, जिससे कीवी टीम में जश्न का माहौल बन गया।
थर्ड अंपायर का फैसला और कीवी खेमे की हैरानी
मैदानी अंपायरों ने फैसले की पुष्टि के लिए मामला थर्ड अंपायर को सौंपा। विभिन्न कैमरा एंगल से वीडियो रिप्ले की बारीकी से जांच करने के बाद थर्ड अंपायर ने फील्डर के पैर अथवा संतुलन के बाउंड्री कुशन से संपर्क का आकलन किया। गहन समीक्षा के बाद स्क्रीन पर अंतिम निर्णय आया और बल्लेबाज को आउट देने के बजाय छह रन घोषित कर दिया गया। अंपायर के इस अप्रत्याशित निर्णय को देखकर न्यूजीलैंड का पूरा खेमा हक्का-बक्का रह गया और विपक्षी खिलाड़ी मैदान पर देखते ही रह गए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस फैसले के तुरंत बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रशंसक दो अलग-अलग धड़ों में बंट गए। कई समर्थकों का मानना था कि रिप्ले में तकनीक ने सही स्थिति उजागर की और बाउंड्री का स्पर्श होने की वजह से बल्लेबाज को पूरा लाभ मिलना चाहिए था, जबकि अन्य प्रशंसकों और विशेषज्ञों का तर्क था कि फील्डर ने गेंद को नियंत्रण में लेते समय लाइन का उल्लंघन नहीं किया था।



















