नई दिल्ली में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें और निर्णायक टी20 मुकाबले में भारतीय टीम टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी। इस अंतिम मैच के लिए चुनी गई भारतीय एकादश में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की वापसी हुई है। हालांकि, फैंस की उम्मीदों के विपरीत युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल पाई है।
सीरीज में सूर्यवंशी का सफर और ईशान किशन की वापसी
वैभव सूर्यवंशी को मौजूदा पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे और तीसरे मुकाबले में खेलने का अवसर दिया गया था। दूसरे टी20 में वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने उतरे थे, जहां उनका बल्ला खामोश रहा और वह नाकाम साबित हुए थे। इसके बाद तीसरे मुकाबले में टीम प्रबंधन ने उनसे अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज कराया। सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरते हुए सूर्यवंशी ने तूफानी खेल दिखाया और केवल 19 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन जड़ दिए। अपनी इस आक्रामक पारी में उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के उड़ाए थे। इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद जैसे ही नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन पूरी तरह फिट होकर टीम में लौटे, सूर्यवंशी को बेंच पर बैठना पड़ा। मैच से पहले टॉस के दौरान कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी सूर्यवंशी के बाहर रहने पर कोई विशेष चर्चा नहीं की।
टीम चयन पर कोच गौतम गंभीर का दो टूक रुख
टॉस संपन्न होने के बाद जब टीम संयोजन को लेकर मुख्य कोच गौतम गंभीर से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। गंभीर ने साफ लहजे में कहा कि उनका मकसद ड्रेसिंग रूम के हर खिलाड़ी को खुश रखना बिल्कुल नहीं है। मुख्य कोच ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी भारतीय टीम के सामूहिक हित में कड़े और सही निर्णय लेना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जिन खिलाड़ियों ने अतीत में लगातार टीम इंडिया के लिए दमदार खेल दिखाया है, चयन के समय उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर के मुताबिक टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, मगर ऐसी परिस्थिति में सबको अपनी बारी आने का धैर्यपूर्वक इंतजार करना ही होगा।



















