भारत और श्रीलंका के बीच आगामी टेस्ट सीरीज से पहले आयोजित तीन दिवसीय अभ्यास मैच का पहला दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका इलेवन ने 8 विकेट खोकर 363 रन बना लिए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत में भारतीय तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाया। हालांकि, दिन के आखिरी दो सत्रों में भारतीय स्पिनरों ने शानदार वापसी कराते हुए लगातार विकेट चटकाए और मैच में टीम इंडिया का पलड़ा दोबारा भारी कर दिया।
दोपहर और शाम के सत्र में स्पिन तिकड़ी ने पलटी बाजी
सुबह के सत्र में भले ही मेजबान टीम के बल्लेबाजों का दबदबा रहा, लेकिन लंच के बाद भारतीय स्पिनरों ने गेंद संभालते ही मुकाबले का रुख मोड़ दिया। स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 15 ओवर में 64 रन देकर 2 सफलताएं हासिल कीं। उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से श्रीलंकाई मध्यक्रम को लगातार बांधे रखा।
दूसरी ओर, चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने 18 ओवर का लंबा स्पेल डाला और 76 रन खर्च करके 2 महत्वपूर्ण विकेट अपनी झोली में डाले। कुलदीप की फिरकी की विविधता ने बल्लेबाजों को खासी परेशानी में डाला और उनसे गलती कराई।
युवा स्पिनर मानव सुथार दिन के सबसे किफायती और प्रभावी गेंदबाज साबित हुए। सुथार ने 13 ओवर में महज 33 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। इसके साथ ही उन्होंने मैच का पहला रन आउट कराने में भी मुख्य भूमिका निभाई। तेज गेंदबाजी विभाग में केवल गुरनूर बराड़ को ही सफलता मिली, जिन्होंने 12 ओवर की गेंदबाजी में 49 रन देकर 1 विकेट लिया। हालांकि, नई गेंद से शुरुआत करने वाले मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा छाप छोड़ने में नाकाम रहे और दोनों को पहले दिन बिना किसी सफलता के खाली हाथ रहना पड़ा।
मदुश्का और रसंथा की 110 रन की ठोस ओपनिंग पार्टनरशिप
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली श्रीलंका इलेवन की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज निशान मदुश्का ने क्रीज पर आते ही भारतीय तेज गेंदबाजों पर तीखे हमले किए और महज 65 गेंदों में 66 रन कूट डाले। अपनी इस तूफानी पारी में मदुश्का ने 11 शानदार चौके और 1 छक्का लगाया।
दूसरे छोर से सलामी बल्लेबाज रविंदु रसंथा ने संयमित रुख अपनाया और टिककर बल्लेबाजी की। रसंथा ने 143 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 1 छक्के की मदद से 71 रनों की जुझारू पारी खेली। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 110 रनों की शतकीय साझेदारी निभाकर भारतीय टीम को लंबे समय तक सफलता से महरूम रखा। भारत को पहली राहत 21वें ओवर में मिली, जब मदुश्का रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
मिडिल ऑर्डर के योगदान से श्रीलंका इलेवन पहुंची 350 के पार
पहला झटका लगने के बाद भी श्रीलंका इलेवन का मध्यक्रम विचलित नहीं हुआ। पासिंदु सूरियाबंदारा ने 35 रन बनाकर पारी को आगे बढ़ाया, जबकि पवन रत्नायके ने 39 रनों का योगदान दिया। इसके बाद अहान विक्रमसिंघे ने भी 31 रन जोड़कर टीम के स्कोर बोर्ड को गतिमान बनाए रखा।
मध्यक्रम में कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे सोनल दिनुशा ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी की और 71 गेंदों में 5 चौकों व 1 छक्के के दम पर 52 रन बनाए। निचले क्रम में रमेश मेंडिस ने 49 गेंदों पर 32 रनों की तेज पारी खेली, जिसने टीम को 350 रन के पार पहुंचाने में अहम मदद की। दिन का खेल समाप्त घोषित होने तक केशरा नुवांथा 9 रन और दिलुम सुदीरा 1 रन बनाकर नाबाद क्रीज पर मौजूद थे।
दूसरे दिन का समीकरण और भारतीय बल्लेबाजों की तैयारी
दूसरे दिन के खेल में श्रीलंका इलेवन की कोशिश बची हुई दो पारियों के दम पर अपने स्कोर को 400 रन के पार ले जाने की होगी। वहीं, भारतीय गेंदबाज सुबह की शुरुआत में ही बाकी 2 विकेट समेटकर अपनी बल्लेबाजी पारी का आगाज करने का लक्ष्य रखेंगे।
भारतीय टीम के दृष्टिकोण से यह मैच टेस्ट सीरीज की तैयारियों को परखने का बहुत बड़ा अवसर है। आगामी टेस्ट मैचों को ध्यान में रखते हुए यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे प्रमुख बल्लेबाज अभ्यास मैच में बड़ी पारियां खेलने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। वहीं, चोट के कारण पहले दिन नहीं खेल सके शुभमन गिल के दूसरे दिन मैदान पर उतरने को लेकर सबकी नजरें बनी रहेंगी।



















