अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण के एक असाधारण मामले में, दुर्लभ प्रजाति के पूर्वी शाही गरुड़ फेलिक्स को महीनों की कैद और कठिन अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बाद सर्बिया के प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। इस दुर्लभ पक्षी को पिछले साल सीरिया में अवैध शिकारियों ने पकड़ लिया था। महीनों तक लेबनान के एक वन्यजीव केंद्र में देखभाल और उपचार के बाद, सर्बियाई शांति सेना के सैन्य परिवहन विमान की मदद से उसे उसके देश वापस लाया गया, जहां पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे खुले आसमान में उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई है।
सफर और सीरिया में अपहरण की कहानी
फेलिक्स ने पिछले साल जुलाई 2025 में पहली बार अपने घोंसले से उड़ान भरी थी। बर्ड प्रोटेक्शन एंड स्टडी सोसाइटी ऑफ सर्बिया (BPSSS) के विशेषज्ञों ने संरक्षण उद्देश्यों के तहत उसके शरीर पर एक ट्रैकिंग डिवाइस लगाया था, जिससे उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी। जैसे ही यह युवा गरुड़ मध्य पूर्व की ओर बढ़ा, संरक्षण वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ने लगी। BPSSS के उरोश स्टोयिल्कोविच ने बताया कि पक्षी के बेहद असुरक्षित क्षेत्र की ओर बढ़ने के कारण चिंता पैदा हो गई थी।
अक्टूबर में अचानक फेलिक्स का ट्रैकिंग सिग्नल मिलना बंद हो गया। शुरुआत में विशेषज्ञों को लगा कि ट्रैकर में कोई तकनीकी खराबी आ गई है। हालांकि, जल्द ही यह साफ हो गया कि फेलिक्स को तस्करों ने अगवा कर लिया है और उसे बेचने की कोशिश की जा रही है।
फिरौती की मांग और साहसिक बचाव
अपहरण के कुछ हफ्तों बाद, लेबनान में सक्रिय एक सहयोगी वन्यजीव संगठन ने सर्बियाई टीम से संपर्क किया। उन्होंने जानकारी दी कि तस्करों ने पक्षी को छोड़ने के बदले फिरौती की मांग की है। हालांकि, संरक्षण संस्था ने इस मांग को तुरंत खारिज कर दिया। उरोश स्टोयिल्कोविच ने स्पष्ट किया कि फिरौती की रकम देना अवैध वन्यजीव तस्करी के पूरे नेटवर्क को बढ़ावा देने जैसा होता, इसलिए उन्होंने इस मांग को स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
इसके बाद लंबे समय तक कूटनीतिक और मैदानी बातचीत का दौर चला। पक्षी को लेबनान पहुंचाने के लिए शरणार्थियों की मदद ली गई, जिन्होंने फेलिक्स को आलू की बोरी में रखकर सीरिया और लेबनान की उत्तरी सीमा पर बहने वाली नहर अल-कबीर नदी के पार पहुंचाया। सीमा पार कराने के बाद फेलिक्स को लेबनान की राजधानी बेरूत के एक वन्यजीव केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसने छह महीने से अधिक समय तक स्वास्थ्य लाभ लिया।
सैन्य विमान से वतन वापसी और चिड़ियाघर में देखभाल
जून में, लेबनान से अपनी सेवाएं पूरी कर लौट रहे सर्बियाई शांति सैनिकों के दल ने फेलिक्स को अपने सैन्य विमान में सुरक्षित स्थान दिया। सर्बिया पहुंचने पर उसे तुरंत पालिक चिड़ियाघर के आश्रय स्थल ले जाया गया। पालिक चिड़ियाघर की निदेशक सोन्या मांदिच के अनुसार, सैन्य विमान की लंबी और थकाऊ यात्रा के बाद फेलिक्स काफी थका हुआ पहुंचा था, जिसके बाद चिड़ियाघर की मेडिकल टीम ने रोजाना उसके स्वास्थ्य और आहार की निगरानी की।
एक महीने से अधिक समय तक देखभाल और परीक्षणों से गुजरने के बाद, गुरुवार को फेलिक्स को पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर सर्बिया के जंगलों में रिहा कर दिया गया। BPSSS के कार्यकारी निदेशक मिलान रुजिच ने कहा कि उनकी इच्छा है कि फेलिक्स जल्द से जल्द मजबूत हो, सभी चुनौतियों से बचे और अपनी नई पीढ़ी को आगे बढ़ाए। विशेषज्ञ आने वाले हफ्तों में भी उस पर सैटेलाइट से नजर बनाए रखेंगे।
सर्बिया में गरुड़ संरक्षण अभियान
पूर्वी शाही गरुड़ एक अत्यंत संरक्षित और गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजाति है। एक वयस्क पूर्वी शाही गरुड़ के पंखों का फैलाव (विंग्सपैन) लगभग 6 फीट (2 मीटर) तक होता है। सर्बिया में BPSSS द्वारा साल 2017 से चलाए जा रहे निरंतर संरक्षण प्रयासों का ही नतीजा है कि देश में इस दुर्लभ गरुड़ की आबादी 2017 में महज 1 जोड़े से बढ़कर इस साल 29 जोड़ों तक पहुंच गई है।


















