आयरलैंड ने क्रिकेट के मैदान पर वह कर दिखाया जो आज तक कभी नहीं हुआ था। लॉर्कन टकर की अगुवाई में आयरलैंड ने अपने घरेलू मैदान पर वर्तमान विश्व चैंपियन भारत को दो मैचों की टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया। यह पहली बार था जब आयरलैंड ने भारत के खिलाफ कोई सीरीज जीती। इस ऐतिहासिक हार के साथ ही भारत की लगातार 16 टी20 सीरीज जीत का शानदार सिलसिला भी थम गया।
155 का लक्ष्य भी नहीं भेद पाई टीम इंडिया
दूसरे टी20 में भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी एक बार फिर सामने आ गई। दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों से भरी टीम इंडिया 155 रनों का साधारण-सा लक्ष्य भी नहीं भेद पाई। दोनों मैचों में रन का पीछा करते हुए भारत मैदान में उतरा और दोनों बार उसे हार का मुंह देखना पड़ा। यह हार किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे बल्लेबाजी क्रम की सामूहिक नाकामी का नतीजा थी।
श्रेयस अय्यर: पहली बार कप्तान, बल्लेबाजी में पूरी तरह फेल
इस सीरीज में पहली बार टी20 टीम की कप्तानी संभालने वाले श्रेयस अय्यर के लिए यह दौरा किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। पहले मुकाबले में उनके बल्ले से महज 3 रन निकले और दूसरे में भी वह केवल 10 रन ही बना सके। आईपीएल में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में वापसी करने वाले अय्यर से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह उन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
संजू सैमसन का बल्ला बिल्कुल खामोश रहा
सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट मुकाबलों में तूफानी बल्लेबाजी से भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन आयरलैंड के खिलाफ इस सीरीज में उनका बल्ला पूरी तरह खामोश रहा। दोनों मैचों में मिलाकर उनके बल्ले से कुल 5 रन ही निकले और ये सारे रन उन्होंने पहले मैच में बनाए थे। दूसरे टी20 में भारतीय मूल के गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उन्हें पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।
ईशान किशन भी दोनों मैचों में पिछड़े
तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन भी आयरलैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाए। पहले मुकाबले में वह सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दूसरे टी20 में उन्होंने चौका लगाकर पारी की अच्छी शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन जय मूंदड़ा ने एक बार फिर अपना कमाल दिखाया और 11 गेंदों में 12 रन बना चुके ईशान किशन को भी पवेलियन की राह दिखा दी। दोनों मैचों में उनका कुल योगदान सिर्फ 13 रन रहा। ऐसे अहम मौकों पर उनकी बार-बार की नाकामी भारत की हार की एक बड़ी वजह बनी।
वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा ने पहले ही मैच में डुबोई नैया
सीरीज हार की नींव पहले मुकाबले में ही पड़ गई थी, जहां दो खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। वॉशिंगटन सुंदर ने पहले मैच में सिर्फ एक ओवर फेंका और उसमें 19 रन खर्च कर दिए। बल्ले से भी वह कुछ खास नहीं कर सके, 12 गेंदों पर केवल 9 रन बनाए और विकेट गंवा दिया। इनसे भी ज्यादा महंगा प्रदर्शन प्रसिद्ध कृष्णा का रहा, जिन्होंने चार ओवर में एक भी विकेट नहीं लिया और 57 रन लुटा दिए। दूसरे मैच के लिए दोनों को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया, लेकिन टीम की किस्मत नहीं बदली। आयरलैंड ने सीरीज जीतकर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।













