दिल्ली और समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इस साल 15 अगस्त को पड़ने वाले हरियाली तीज के त्योहार से ठीक पहले बारिश की कमी का सामना करना पड़ रहा है। 13 अगस्त गुरुवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में मॉनसून का मिजाज काफी सुस्त बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार दोपहर से शाम के बीच आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या हल्की फुल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, तेज या भारी बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है और अगले दो दिनों तक मॉनसून की सक्रियता धीमी बनी रहने के आसार हैं।
राजधानी क्षेत्र में तापमान और उमस का गणित
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली, नोएडा और एनसीआर के अन्य शहरों में तापमान सामान्य स्तर से थोड़ा ऊपर बना हुआ है। क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। आमतौर पर अगस्त के महीने में लगातार बारिश होने के कारण अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, लेकिन इस बार बारिश थमने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
13 अगस्त को हवा की रफ्तार धीमी रहने के कारण लोगों को भीषण उमस का सामना करना पड़ रहा है। कम हवा चलने से गर्मी और नमी हवा में बनी हुई है, जिससे वास्तविक तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने के बावजूद महसूस होने वाला तापमान (फील्स लाइक) 36 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उमस भरी गर्मी का यह दौर गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन बना रहेगा, जिससे खुले में निकलने वाले लोगों को असहजता महसूस होगी।
हरियाली तीज और आने वाले दिनों के लिए मॉनसून का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के विस्तृत पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा बना रहेगा लेकिन भारी बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा। 13 अगस्त को दोपहर से लेकर शाम तक छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। 14 अगस्त और 15 अगस्त को भी मॉनसून की गति धीमी ही बनी रहेगी। इसका मतलब है कि 15 अगस्त को हरियाली तीज का पर्व बिना किसी बड़ी बारिश की रुकावट के बीतेगा, हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
आगे के मौसम की बात करें तो कम से कम 17 अगस्त या 18 अगस्त तक दिल्ली और आसपास के शहरों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान बीच-बीच में हल्की फुल्की बारिश या बूंदाबांदी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भारी बारिश या जलभराव की चेतावनी जारी नहीं की है। मॉनसून ट्रफ की वर्तमान स्थिति के कारण क्षेत्र में अभी व्यापक मूसलाधार बारिश का माहौल नहीं बन पा रहा है।
अगस्त की शुरुआत की मूसलाधार बारिश और मौजूदा कमी
वर्तमान में जारी शुष्क दौर से पहले अगस्त महीने की शुरुआत बेहद तूफानी रही थी। 4 अगस्त से लेकर 8 अगस्त के बीच दिल्ली और एनसीआर के शहरों में लगातार तेज और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई थी, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था। इस अवधि में सफदरजंग मौसम केंद्र पर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जबकि नोएडा और गुरुग्राम की प्रमुख सड़कें जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गई थीं। कई इलाकों में सड़कों से पानी उतरने में करीब दो दिन का समय लग गया था।
महीने के शुरुआती 8 से 10 दिनों में ही अगस्त की औसतन होने वाली कुल बारिश का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो गया था। हालांकि, 8 अगस्त की भारी बारिश के बाद से केवल नाममात्र की बूंदाबांदी ही देखने को मिली है, जिससे पूरे महीने का बारिश कोटा अभी भी थोड़ा अधूरा बना हुआ है। लगातार कई दिनों से तेज बारिश न होने के कारण दिल्ली-एनसीआर के तापमान में उछाल आया है और क्षेत्र को एक बार फिर अच्छी बारिश की दरकार है।





















