क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट मैच को आमतौर पर पांच दिनों के रोमांच और संघर्ष के लिए जाना जाता है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच मैकाय में हुआ टेस्ट मैच दो दिन के भीतर ही समाप्त हो गया था, जिसमें कुल 126 ओवर फेंके गए थे। हालांकि, दो दिन में मैच खत्म होना क्रिकेट में कोई नया वाकया नहीं है, क्योंकि इतिहास में कई ऐसे मुकाबले रहे हैं जो तय समय से पहले ही नतीजे पर पहुंच गए या समाप्त हो गए। लेकिन जरा सोचिए कि क्या स्थिति होगी जब कोई टेस्ट मैच शुरू होने के कुछ ही पलों बाद हमेशा के लिए रोक दिया जाए।
सिर्फ 10 गेंदों का खेल
यह सुनने में काफी हैरान करने वाला लग सकता है, लेकिन करीब 17 साल पहले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच एक ऐसा टेस्ट मुकाबला खेला गया था जो महज 10 गेंदों के बाद ही समाप्त हो गया। सबसे खास बात यह थी कि जब यह मैच शुरू हुआ तब आसमान बिल्कुल साफ था, न तो बारिश हो रही थी और न ही रोशनी से जुड़ी कोई समस्या थी। इसके बावजूद मात्र 1.4 ओवर का खेल होने के बाद खिलाड़ियों को मैदान छोड़कर वापस पवेलियन लौटना पड़ा था।
खराब आउटफील्ड बनी बड़ी वजह
यह अजीबोगरीब घटना फरवरी 2009 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए एक टेस्ट मैच के दौरान सामने आई थी। मुकाबले की शुरुआत में वेस्टइंडीज की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआती पल बिल्कुल सामान्य थे और वेस्टइंडीज के गेंदबाज मैदान पर उतर चुके थे, जबकि इंग्लैंड की तरफ से पारी की शुरुआत करने के लिए एलिस्टर कुक और एंड्रयू स्ट्रॉस क्रीज पर आए। मैदानी अंपायरों के संकेत के साथ खेल की आधिकारिक शुरुआत हुई।
रन-अप में फिसल रहे थे गेंदबाज
वेस्टइंडीज की ओर से पारी का पहला ओवर जेरॉम टेलर ने फेंका और यह ओवर बिना किसी रुकावट के पूरा हो गया। इसके बाद पारी का दूसरा ओवरफिदेल एडवर्ड्स लेकर आए, लेकिन उन्होंने केवल 4 गेंदें ही डाली थीं कि मैच को तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया। इसके पीछे मुख्य वजह यह थी कि गेंदबाजी छोर वाली पिच और आउटफील्ड का हिस्सा बेहद रेतीला और ढीला था, जिसके कारण गेंदबाज अपने रन-अप के दौरान बार-बार फिसल रहे थे। इस तरह की खतरनाक स्थिति में अगर कोई तेज गेंदबाज दौड़ते हुए गिरता, तो उसे गंभीर चोट लगने का बड़ा जोखिम था। खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंपायरों और मैच अधिकारियों ने आगे खेल जारी न रखने का फैसला किया।
मैच रद्द होने का आधिकारिक फैसला
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच हुए इस मुकाबले को रद्द करने की घोषणा करते हुए आईसीसी मैच रेफरी एलन हर्स्ट ने अपनी बात स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि मैदान की मौजूदा स्थिति, विशेषकर गेंदबाजों का रन-अप एरिया, खेलने के बिल्कुल अनुकूल नहीं है और यह खिलाड़ियों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। साथ ही इसे एक या दो दिन के भीतर ठीक करना भी संभव नहीं था। यही वजह रही कि इस मुकाबले को पूरी तरह रद्द करना पड़ा। इस तरह यह मुकाबला आधिकारिक तौर पर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे छोटा मैच बन गया, और यह अनोखा रिकॉर्ड आज भी पूरी तरह कायम है।



















