राजस्थान के अलवर शहर के एनईबी थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार को भारी हंगामा देखने को मिला, जब हिंदू संगठनों की महिला विंग से जुड़ी कुछ महिलाएं अचानक हबीबी होटल पहुंच गईं। इन महिलाओं ने वहां मौजूद युवक-युवतियों की मौजूदगी पर गंभीर सवाल उठाए और होटल के भीतर चल रही गतिविधियों पर आपत्ति जताई। महिला विंग की ओर से यह बड़ा दावा किया गया कि उन्होंने लगभग 16 वर्ष की एक नाबालिग लड़की को तीन युवकों के साथ इस होटल के अंदर जाते हुए अपनी आँखों से देखा था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद तुरंत विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी मौके पर बुला लिया गया और सभी ने मिलकर होटल के कमरों की अंदर जाकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
कमरों में मिले कपड़े और शराब की बोतलें
होटल के भीतर निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने कई चौकाने वाले आरोप लगाए। उनका कहना था कि होटल के कुछ कमरों की तलाशी लेने पर वहां लड़कियों के कपड़े, सिगरेट के टुकड़े और बीयर की बोतलें बिखरी हुई मिलीं। इस दौरान होटल के अलग-अलग कमरों में कई अन्य युवक-युवतियां भी मौजूद पाए गए। महिलाओं का यह भी आरोप है कि जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही कुछ युवक वहाँ से चुपचाप निकलने में कामयाब रहे और उनके कपड़े तथा अन्य सामान कमरों में ही छूटे रह गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी गई, जिसके बाद एक पुलिस दल ने तुरंत होटल पहुंचकर मोर्चा संभाला।
पुलिस ने युवकों को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ
सूचना मिलते ही एनईबी थाना पुलिस हरकत में आई और होटल में मौजूद लगभग आधा दर्जन युवकों को अपने साथ थाने ले गई, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण में गहन जांच-पड़ताल के बाद ही यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट हो सकेगा कि क्या वाकई कोई नाबालिग लड़की होटल में आई थी और वहाँ असल में किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं। पुलिस होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और वहाँ मिले सामान को आधार बनाकर अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है, ताकि इस पूरे मामले की तह तक पहुँचा जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताए घटना के ब्योरे
हिंदू महिला विंग की सदस्य अंजना दीवान ने मीडिया और पुलिस के सामने अपनी बात रखते हुए दावा किया कि उन्होंने करीब 16 साल की एक कम उम्र की लड़की को तीन युवकों के साथ होटल के अंदर प्रवेश करते देखा था। इस संदिग्ध स्थिति को देखने के बाद ही उन्होंने तुरंत अपने संगठन की अन्य महिला कार्यकर्ताओं को मौके पर बुलाया। महिलाओं ने होटल के अंदर पहुंचकर वहाँ मौजूद लोगों से पूछताछ की और कमरों के हालात का जायजा लिया। अंजना दीवान ने यह भी आरोप लगाया कि जब महिला विंग की सदस्य होटल के अंदर पहुँचीं, तो होटल के संचालक ने उन्हें पुलिस को फोन करने से रोकने के लिए डराने और धमकाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने बिना डरे पुलिस को सूचना दे दी।
बर्थडे पार्टी के दावे पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद के दौरान होटल में पकड़े गए युवकों ने पुलिस और महिलाओं के सामने यह सफाई दी कि वे लोग वहाँ केवल एक बर्थडे पार्टी मनाने के लिए आए थे। हालांकि, महिला विंग की एक अन्य प्रतिनिधि गरिमा गोयल ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना था कि जिस कमरे में युवक-युवतियाँ मौजूद थे, उस कमरे में केक काटने या जन्मदिन मनाने जैसा कोई भी आयोजन या सामग्री नजर नहीं आई। महिलाओं का कहना है कि यह मामला किसी विशेष धर्म या समुदाय से संबंधित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा हुआ एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने मांग की कि होटलों में आने वाले हर शख्स की उम्र और पहचान की सख्त जाँच होनी चाहिए।
प्रशासनिक और पुलिसिया जाँच जारी
घटना के बाद से ही पूरे अलवर क्षेत्र में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है और स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर रोष देखा जा रहा है। पुलिस अब होटल के रजिस्टर, कमरे में मिले सामान और हिरासत में लिए गए युवकों के बयानों को आपस में मिलाकर सच का पता लगाने में जुटी है। महिला संगठनों द्वारा लगाए गए तमाम गंभीर आरोपों की भी पुलिस हर पहलू से जाँच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने और जाँच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आ पाएगी।



















